थैलेसीमिया को लेकर लगातार जागरूकता अभियान जरूरी: ओडिशा के राज्यपाल, अज्ञात मरीजों की पहचान पर जोर

0

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

भुवनेश्वर, 25 सितंबर 2026। ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने थैलेसीमिया जैसी गंभीर रक्त संबंधी बीमारी को लेकर राज्य में व्यापक और निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कई लोग हो सकते हैं जिनमें बीमारी के लक्षण मौजूद हों, लेकिन अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। ऐसे संभावित और बिना निदान वाले मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित चिकित्सा सहायता और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने यह बात शुक्रवार को भुवनेश्वर स्थित लोक भवन के न्यू अभिषेक हॉल के सम्मेलन कक्ष में आयोजित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, ओडिशा स्टेट ब्रांच (IRCS-OSB) की कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में संगठन की मौजूदा गतिविधियों, भविष्य की योजनाओं और मानवीय सेवाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

थैलेसीमिया के प्रति लगातार जागरूकता की जरूरत

बैठक के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि थैलेसीमिया को लेकर जागरूकता किसी एक दिवस, कार्यक्रम या सीमित अवधि तक नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए लंबे समय तक चलने वाली व्यवस्थित पहल आवश्यक है। उन्होंने रेड क्रॉस की ओडिशा शाखा को सुझाव दिया कि वह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे।

उन्होंने कहा कि जागरूकता का दायरा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बीमारी से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि संभावित मामलों की समय पर पहचान हो सके और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचाने में मदद मिले।

राज्यपाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता भी बताई। उनके अनुसार, जागरूकता अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को बीमारी के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्तियों को उचित स्वास्थ्य सेवाओं और सहायता से जोड़ना भी होना चाहिए।

कॉरपोरेट संस्थाओं से सहयोग बढ़ाने की सलाह

डॉ. कंभमपति ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की मानवीय गतिविधियों को और मजबूत करने के लिए कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और मानवीय सहायता से जुड़ी कई योजनाओं को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

उन्होंने संगठन से कॉरपोरेट संस्थाओं के साथ संभावित साझेदारी तलाशने और ऐसे संसाधनों का उपयोग करने की दिशा में प्रयास बढ़ाने को कहा। इससे राज्य में चल रहे रेड क्रॉस के विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का विस्तार किया जा सकता है और अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सकती है।

साल में कम से कम तीन बार हो कार्यकारी समिति की बैठक

राज्यपाल ने संगठन की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, ओडिशा स्टेट ब्रांच की कार्यकारी समिति की बैठक वर्ष में कम से कम तीन बार आयोजित की जानी चाहिए।

नियमित बैठकों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, सामने आने वाली समस्याओं का आकलन और पहले लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई की स्थिति की जानकारी हासिल की जा सकेगी। इससे संगठन की गतिविधियों में निरंतरता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण

बैठक में राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों की सहायता से जुड़े कार्यों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने रेड क्रॉस से जुड़े स्वयंसेवकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की जरूरतें सामान्य सहायता से अलग हो सकती हैं। इसलिए उनकी सेवा में लगे स्वयंसेवकों को व्यवहारिक ज्ञान, आवश्यक कौशल और मानवीय दृष्टिकोण से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंसेवकों को वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने और जरूरत के समय उन्हें उचित सहायता देने में सक्षम बनाया जा सकता है।

इस दिशा में राज्यपाल ने आवश्यक सरकारी अनुमति प्राप्त करने तथा केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से सहयोग लेने की संभावनाओं पर भी विचार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल से वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

मानवीय सेवा में रेड क्रॉस की महत्वपूर्ण भूमिका

राज्यपाल ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी को निस्वार्थ मानवीय सेवा की भावना का प्रतिनिधि संगठन बताया। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय लोगों की मदद करना, जीवन की रक्षा के लिए सहायता उपलब्ध कराना, मानवीय परिस्थितियों में राहत पहुंचाना और समाज के कमजोर वर्गों का सहयोग करना रेड क्रॉस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।

उन्होंने ओडिशा स्टेट ब्रांच द्वारा स्वास्थ्य, मानवीय सहायता और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही उन्होंने संगठन की पहुंच को राज्य के अधिक से अधिक हिस्सों तक बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

युवाओं और स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

डॉ. कंभमपति ने रेड क्रॉस की गतिविधियों में युवाओं और स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी से मानवीय सेवा के अभियानों को नई ऊर्जा मिल सकती है।

स्वयंसेवकों का नेटवर्क मजबूत होने से जरूरतमंद लोगों तक सहायता तेजी से पहुंचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने संगठन से ऐसे प्रयास करने को कहा, जिससे अधिक युवा सेवा गतिविधियों से जुड़ें और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में योगदान दें।

बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

कार्यकारी समिति की बैठक में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, ओडिशा स्टेट ब्रांच की विभिन्न गतिविधियों और भविष्य में मानवीय सेवाओं को मजबूत करने के प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उच्च शिक्षा, पंचायती राज एवं पेयजल विभाग सहित कई संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा IRCS-OSB की कार्यकारी समिति के सदस्य और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान IRCS-OSB के मानद सचिव श्री गणेश चंद्र पात्र ने संगठन की गतिविधियों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

जागरूकता से लेकर सेवा विस्तार तक व्यापक रणनीति

बैठक में सामने आए सुझावों से यह स्पष्ट हुआ कि ओडिशा में रेड क्रॉस की गतिविधियों को केवल राहत और तत्काल सहायता तक सीमित रखने के बजाय जागरूकता, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव और सामाजिक सहयोग के व्यापक दायरे में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेष रूप से थैलेसीमिया के संभावित मामलों की पहचान, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता का विस्तार, स्वास्थ्य तंत्र के साथ समन्वय तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता जैसे विषयों को महत्वपूर्ण माना गया।

राज्यपाल ने संगठन की मौजूदा सेवाओं को और मजबूत करने के साथ-साथ नियमित समीक्षा और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से काम करने की आवश्यकता बताई। इससे राज्य में मानवीय सहायता से जुड़े कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें

ताज़ा खबरें • ब्रेकिंग न्यूज़ • नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट

थैलेसीमिया को लेकर लगातार जागरूकता अभियान जरूरी: ओडिशा के राज्यपाल, अज्ञात मरीजों की पहचान पर जोर

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 25, 2026

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

भुवनेश्वर, 25 सितंबर 2026। ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने थैलेसीमिया जैसी गंभीर रक्त संबंधी बीमारी को लेकर राज्य में व्यापक और निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कई लोग हो सकते हैं जिनमें बीमारी के लक्षण मौजूद हों, लेकिन अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। ऐसे संभावित और बिना निदान वाले मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित चिकित्सा सहायता और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने यह बात शुक्रवार को भुवनेश्वर स्थित लोक भवन के न्यू अभिषेक हॉल के सम्मेलन कक्ष में आयोजित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, ओडिशा स्टेट ब्रांच (IRCS-OSB) की कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में संगठन की मौजूदा गतिविधियों, भविष्य की योजनाओं और मानवीय सेवाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

थैलेसीमिया के प्रति लगातार जागरूकता की जरूरत

बैठक के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि थैलेसीमिया को लेकर जागरूकता किसी एक दिवस, कार्यक्रम या सीमित अवधि तक नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए लंबे समय तक चलने वाली व्यवस्थित पहल आवश्यक है। उन्होंने रेड क्रॉस की ओडिशा शाखा को सुझाव दिया कि वह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे।

उन्होंने कहा कि जागरूकता का दायरा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बीमारी से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि संभावित मामलों की समय पर पहचान हो सके और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचाने में मदद मिले।

राज्यपाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता भी बताई। उनके अनुसार, जागरूकता अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को बीमारी के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्तियों को उचित स्वास्थ्य सेवाओं और सहायता से जोड़ना भी होना चाहिए।

कॉरपोरेट संस्थाओं से सहयोग बढ़ाने की सलाह

डॉ. कंभमपति ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की मानवीय गतिविधियों को और मजबूत करने के लिए कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और मानवीय सहायता से जुड़ी कई योजनाओं को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

उन्होंने संगठन से कॉरपोरेट संस्थाओं के साथ संभावित साझेदारी तलाशने और ऐसे संसाधनों का उपयोग करने की दिशा में प्रयास बढ़ाने को कहा। इससे राज्य में चल रहे रेड क्रॉस के विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का विस्तार किया जा सकता है और अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सकती है।

साल में कम से कम तीन बार हो कार्यकारी समिति की बैठक

राज्यपाल ने संगठन की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, ओडिशा स्टेट ब्रांच की कार्यकारी समिति की बैठक वर्ष में कम से कम तीन बार आयोजित की जानी चाहिए।

नियमित बैठकों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, सामने आने वाली समस्याओं का आकलन और पहले लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई की स्थिति की जानकारी हासिल की जा सकेगी। इससे संगठन की गतिविधियों में निरंतरता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण

बैठक में राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों की सहायता से जुड़े कार्यों पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने रेड क्रॉस से जुड़े स्वयंसेवकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की जरूरतें सामान्य सहायता से अलग हो सकती हैं। इसलिए उनकी सेवा में लगे स्वयंसेवकों को व्यवहारिक ज्ञान, आवश्यक कौशल और मानवीय दृष्टिकोण से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंसेवकों को वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने और जरूरत के समय उन्हें उचित सहायता देने में सक्षम बनाया जा सकता है।

इस दिशा में राज्यपाल ने आवश्यक सरकारी अनुमति प्राप्त करने तथा केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से सहयोग लेने की संभावनाओं पर भी विचार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल से वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

मानवीय सेवा में रेड क्रॉस की महत्वपूर्ण भूमिका

राज्यपाल ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी को निस्वार्थ मानवीय सेवा की भावना का प्रतिनिधि संगठन बताया। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय लोगों की मदद करना, जीवन की रक्षा के लिए सहायता उपलब्ध कराना, मानवीय परिस्थितियों में राहत पहुंचाना और समाज के कमजोर वर्गों का सहयोग करना रेड क्रॉस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।

उन्होंने ओडिशा स्टेट ब्रांच द्वारा स्वास्थ्य, मानवीय सहायता और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही उन्होंने संगठन की पहुंच को राज्य के अधिक से अधिक हिस्सों तक बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

युवाओं और स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

डॉ. कंभमपति ने रेड क्रॉस की गतिविधियों में युवाओं और स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी से मानवीय सेवा के अभियानों को नई ऊर्जा मिल सकती है।

स्वयंसेवकों का नेटवर्क मजबूत होने से जरूरतमंद लोगों तक सहायता तेजी से पहुंचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने संगठन से ऐसे प्रयास करने को कहा, जिससे अधिक युवा सेवा गतिविधियों से जुड़ें और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में योगदान दें।

बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

कार्यकारी समिति की बैठक में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, ओडिशा स्टेट ब्रांच की विभिन्न गतिविधियों और भविष्य में मानवीय सेवाओं को मजबूत करने के प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उच्च शिक्षा, पंचायती राज एवं पेयजल विभाग सहित कई संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा IRCS-OSB की कार्यकारी समिति के सदस्य और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान IRCS-OSB के मानद सचिव श्री गणेश चंद्र पात्र ने संगठन की गतिविधियों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

जागरूकता से लेकर सेवा विस्तार तक व्यापक रणनीति

बैठक में सामने आए सुझावों से यह स्पष्ट हुआ कि ओडिशा में रेड क्रॉस की गतिविधियों को केवल राहत और तत्काल सहायता तक सीमित रखने के बजाय जागरूकता, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव और सामाजिक सहयोग के व्यापक दायरे में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेष रूप से थैलेसीमिया के संभावित मामलों की पहचान, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता का विस्तार, स्वास्थ्य तंत्र के साथ समन्वय तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता जैसे विषयों को महत्वपूर्ण माना गया।

राज्यपाल ने संगठन की मौजूदा सेवाओं को और मजबूत करने के साथ-साथ नियमित समीक्षा और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से काम करने की आवश्यकता बताई। इससे राज्य में मानवीय सहायता से जुड़े कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।