आंधी-बारिश से बहराइच और लखीमपुर में बिजली संकट, सिजौली में तेंदुए की हलचल से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता

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अमृत पाल बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

बहराइच/लखीमपुर, 26 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के बहराइच और लखीमपुर खीरी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश और आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम के बीच कई स्थानों पर पेड़ और उनकी बड़ी शाखाएं बिजली की लाइनों पर गिर गईं, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। कई गांवों और आसपास के इलाकों में लंबे समय तक बिजली न आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बहराइच के सिजौली क्षेत्र में मौसम का असर विशेष रूप से दिखाई दिया। तेज हवाओं के कारण कई पुराने और बड़े पेड़ टूटकर बिजली के तारों और लाइनों पर जा गिरे। पेड़ों के गिरने से विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई और कई इलाकों में अंधेरा छा गया। लगातार बारिश के कारण बिजली विभाग के सामने मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा करने की चुनौती भी बनी हुई है।

तेज हवाओं ने बिजली ढांचे को पहुंचाया नुकसान

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, आंधी के दौरान कई स्थानों पर बिजली के तारों पर पेड़ और टहनियां गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ जगहों पर बिजली के खंभों और संबंधित ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। बारिश के कारण जमीन गीली होने और रास्तों पर पानी जमा होने से बिजली कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और अन्य स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनुपलब्धता का असर पानी की व्यवस्था और मोबाइल फोन चार्ज करने जैसी सामान्य जरूरतों पर भी पड़ रहा है।

लखीमपुर तक पहुंचा बिजली संकट का असर

आंधी-बारिश के कारण बिजली व्यवस्था पर पड़ा प्रभाव लखीमपुर खीरी जिले के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दिया। धौरहरा क्षेत्र से आने वाली मुख्य विद्युत आपूर्ति लाइन, जो रमियाबेहड़ और कफारा रोड के आसपास से गुजरती है, खराब मौसम की चपेट में आई है। तेज हवाओं के कारण इस मार्ग पर भी कई स्थानों पर नुकसान की स्थिति बनी।

रमियाबेहड़-कफारा मार्ग पर आंधी की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई बड़े विज्ञापन बोर्ड और साइन बोर्ड अपने स्थान से उखड़कर सड़क पर गिर गए। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों के लिए परेशानी पैदा हुई और कुछ स्थानों पर आवागमन को लेकर भी सावधानी बरतनी पड़ी।

तेज हवा के दौरान सड़क किनारे लगे बड़े बोर्ड और पेड़ों का गिरना वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है।

बिजली विभाग ने शुरू किया मरम्मत अभियान

विद्युत आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए बिजली विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पेट्रोलिंग और निरीक्षण कर रही हैं। कर्मचारियों द्वारा उन स्थानों की पहचान की जा रही है जहां पेड़, टहनियां या अन्य मलबा बिजली की लाइनों पर गिरा है।

मरम्मत प्रक्रिया के तहत पहले बिजली आपूर्ति से जुड़े जोखिम वाले हिस्सों को सुरक्षित किया जा रहा है। इसके बाद तारों पर गिरे पेड़ों और शाखाओं को हटाने का काम किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त लाइन और उपकरणों की जांच के बाद आवश्यक मरम्मत की जा रही है।

स्थानीय ग्रामीण भी कई जगहों पर राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। पेड़ों की छोटी शाखाओं और रास्ते में पड़े मलबे को हटाने में लोग कर्मचारियों की मदद कर रहे हैं। हालांकि, बिजली के तारों के पास स्वयं किसी तरह की कार्रवाई न करने और केवल विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में ही रास्ता साफ करने की जरूरत है।

अधिकारियों की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से सामान्य किया जा सके। खराब मौसम के कारण काम की गति प्रभावित हो सकती है, इसलिए लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।

तेंदुए की हलचल ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता

बिजली संकट और खराब मौसम के बीच बहराइच के सिजौली तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर तेंदुए को आसपास के रास्तों और आबादी से जुड़े क्षेत्रों में देखे जाने की बात सामने आई है।

बारिश और तेज मौसम के दौरान जंगली जानवरों के सामान्य ठिकानों में बदलाव हो सकता है। इसी वजह से ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की गतिविधि को लेकर लोग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। खासकर शाम और रात के समय ग्रामीणों में बाहर निकलने को लेकर भय का माहौल है।

बिजली गुल होने से यह चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि अंधेरे में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में ग्रामीणों को समूह में रहने और अनावश्यक रूप से खेतों या सुनसान रास्तों की ओर न जाने की सलाह दी जा रही है।

बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी

तेंदुए की संभावित गतिविधि को देखते हुए ग्रामीणों से बच्चों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचने और रात के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों को भी खराब मौसम तथा वन्यजीव गतिविधि के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

स्थानीय स्तर पर लोगों को सलाह दी जा रही है कि यदि किसी व्यक्ति को तेंदुआ दिखाई देता है तो उसके करीब जाने, पीछा करने या भीड़ जुटाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में वन विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देना अधिक सुरक्षित विकल्प है।

वन विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण

ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की निगरानी अहम मानी जा रही है। तेंदुए की गतिविधि वाले इलाकों में गश्त बढ़ाने और उसकी मौजूदगी की पुष्टि करने के लिए आवश्यक निगरानी की जा सकती है। ग्रामीणों से भी अपील है कि वे वन्यजीव से संबंधित किसी सूचना को अफवाह के रूप में फैलाने के बजाय संबंधित विभाग तक पहुंचाएं।

लगातार बारिश, तेज हवा, बिजली संकट और वन्यजीव की गतिविधि ने सिजौली तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों के सामने एक साथ कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे समय में प्रशासन, बिजली विभाग, वन विभाग और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है।

मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की अपील

मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों के लिए सबसे जरूरी सावधानी यह है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। टूटे हुए बिजली के तारों, गिरे हुए पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। विशेष रूप से किसी गिरे हुए तार को छूने या उसके आसपास जाने से बचना चाहिए।

वहीं, तेंदुए की सूचना मिलने वाले क्षेत्रों में रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचना और बच्चों को घर के भीतर सुरक्षित रखना जरूरी है। प्रशासन तथा संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर नजर रखे जाने के बीच लोगों से संयम और सतर्कता बनाए रखने की अपेक्षा की जा रही है।

फिलहाल बिजली विभाग प्रभावित लाइनों की मरम्मत और रास्तों को सुरक्षित करने में जुटा है। दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की गतिविधि को लेकर भी निगरानी की जरूरत बनी हुई है। मौसम में सुधार और विद्युत आपूर्ति बहाल होने के साथ लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तब तक सावधानी बरतना ही सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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आंधी-बारिश से बहराइच और लखीमपुर में बिजली संकट, सिजौली में तेंदुए की हलचल से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 26, 2026

अमृत पाल बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

बहराइच/लखीमपुर, 26 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के बहराइच और लखीमपुर खीरी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश और आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम के बीच कई स्थानों पर पेड़ और उनकी बड़ी शाखाएं बिजली की लाइनों पर गिर गईं, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। कई गांवों और आसपास के इलाकों में लंबे समय तक बिजली न आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बहराइच के सिजौली क्षेत्र में मौसम का असर विशेष रूप से दिखाई दिया। तेज हवाओं के कारण कई पुराने और बड़े पेड़ टूटकर बिजली के तारों और लाइनों पर जा गिरे। पेड़ों के गिरने से विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई और कई इलाकों में अंधेरा छा गया। लगातार बारिश के कारण बिजली विभाग के सामने मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा करने की चुनौती भी बनी हुई है।

तेज हवाओं ने बिजली ढांचे को पहुंचाया नुकसान

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, आंधी के दौरान कई स्थानों पर बिजली के तारों पर पेड़ और टहनियां गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ जगहों पर बिजली के खंभों और संबंधित ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। बारिश के कारण जमीन गीली होने और रास्तों पर पानी जमा होने से बिजली कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और अन्य स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनुपलब्धता का असर पानी की व्यवस्था और मोबाइल फोन चार्ज करने जैसी सामान्य जरूरतों पर भी पड़ रहा है।

लखीमपुर तक पहुंचा बिजली संकट का असर

आंधी-बारिश के कारण बिजली व्यवस्था पर पड़ा प्रभाव लखीमपुर खीरी जिले के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दिया। धौरहरा क्षेत्र से आने वाली मुख्य विद्युत आपूर्ति लाइन, जो रमियाबेहड़ और कफारा रोड के आसपास से गुजरती है, खराब मौसम की चपेट में आई है। तेज हवाओं के कारण इस मार्ग पर भी कई स्थानों पर नुकसान की स्थिति बनी।

रमियाबेहड़-कफारा मार्ग पर आंधी की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई बड़े विज्ञापन बोर्ड और साइन बोर्ड अपने स्थान से उखड़कर सड़क पर गिर गए। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों के लिए परेशानी पैदा हुई और कुछ स्थानों पर आवागमन को लेकर भी सावधानी बरतनी पड़ी।

तेज हवा के दौरान सड़क किनारे लगे बड़े बोर्ड और पेड़ों का गिरना वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है।

बिजली विभाग ने शुरू किया मरम्मत अभियान

विद्युत आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए बिजली विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पेट्रोलिंग और निरीक्षण कर रही हैं। कर्मचारियों द्वारा उन स्थानों की पहचान की जा रही है जहां पेड़, टहनियां या अन्य मलबा बिजली की लाइनों पर गिरा है।

मरम्मत प्रक्रिया के तहत पहले बिजली आपूर्ति से जुड़े जोखिम वाले हिस्सों को सुरक्षित किया जा रहा है। इसके बाद तारों पर गिरे पेड़ों और शाखाओं को हटाने का काम किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त लाइन और उपकरणों की जांच के बाद आवश्यक मरम्मत की जा रही है।

स्थानीय ग्रामीण भी कई जगहों पर राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। पेड़ों की छोटी शाखाओं और रास्ते में पड़े मलबे को हटाने में लोग कर्मचारियों की मदद कर रहे हैं। हालांकि, बिजली के तारों के पास स्वयं किसी तरह की कार्रवाई न करने और केवल विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में ही रास्ता साफ करने की जरूरत है।

अधिकारियों की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से सामान्य किया जा सके। खराब मौसम के कारण काम की गति प्रभावित हो सकती है, इसलिए लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।

तेंदुए की हलचल ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता

बिजली संकट और खराब मौसम के बीच बहराइच के सिजौली तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर तेंदुए को आसपास के रास्तों और आबादी से जुड़े क्षेत्रों में देखे जाने की बात सामने आई है।

बारिश और तेज मौसम के दौरान जंगली जानवरों के सामान्य ठिकानों में बदलाव हो सकता है। इसी वजह से ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की गतिविधि को लेकर लोग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। खासकर शाम और रात के समय ग्रामीणों में बाहर निकलने को लेकर भय का माहौल है।

बिजली गुल होने से यह चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि अंधेरे में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में ग्रामीणों को समूह में रहने और अनावश्यक रूप से खेतों या सुनसान रास्तों की ओर न जाने की सलाह दी जा रही है।

बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी

तेंदुए की संभावित गतिविधि को देखते हुए ग्रामीणों से बच्चों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचने और रात के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों को भी खराब मौसम तथा वन्यजीव गतिविधि के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

स्थानीय स्तर पर लोगों को सलाह दी जा रही है कि यदि किसी व्यक्ति को तेंदुआ दिखाई देता है तो उसके करीब जाने, पीछा करने या भीड़ जुटाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में वन विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देना अधिक सुरक्षित विकल्प है।

वन विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण

ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की निगरानी अहम मानी जा रही है। तेंदुए की गतिविधि वाले इलाकों में गश्त बढ़ाने और उसकी मौजूदगी की पुष्टि करने के लिए आवश्यक निगरानी की जा सकती है। ग्रामीणों से भी अपील है कि वे वन्यजीव से संबंधित किसी सूचना को अफवाह के रूप में फैलाने के बजाय संबंधित विभाग तक पहुंचाएं।

लगातार बारिश, तेज हवा, बिजली संकट और वन्यजीव की गतिविधि ने सिजौली तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों के सामने एक साथ कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे समय में प्रशासन, बिजली विभाग, वन विभाग और स्थानीय लोगों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है।

मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की अपील

मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों के लिए सबसे जरूरी सावधानी यह है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। टूटे हुए बिजली के तारों, गिरे हुए पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। विशेष रूप से किसी गिरे हुए तार को छूने या उसके आसपास जाने से बचना चाहिए।

वहीं, तेंदुए की सूचना मिलने वाले क्षेत्रों में रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचना और बच्चों को घर के भीतर सुरक्षित रखना जरूरी है। प्रशासन तथा संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर नजर रखे जाने के बीच लोगों से संयम और सतर्कता बनाए रखने की अपेक्षा की जा रही है।

फिलहाल बिजली विभाग प्रभावित लाइनों की मरम्मत और रास्तों को सुरक्षित करने में जुटा है। दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की गतिविधि को लेकर भी निगरानी की जरूरत बनी हुई है। मौसम में सुधार और विद्युत आपूर्ति बहाल होने के साथ लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तब तक सावधानी बरतना ही सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।