जालौन: 300 रुपये के लेन-देन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, छत से फेंके ईंट-पत्थर; तीन लोग घायल

0

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

डकोर कोतवाली क्षेत्र के बंधौली गांव में शनिवार रात पैसे के विवाद ने लिया हिंसक रूप, मारपीट के बाद छत से गुम्मे और ईंट-पत्थर फेंकने का आरोप; महिला, उसके पति और बेटों को आई चोटें, जिला अस्पताल उरई में कराया गया भर्ती

उरई/जालौन। जिले के डकोर कोतवाली क्षेत्र के बंधौली गांव में मामूली रकम के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। शनिवार रात करीब 10 बजे दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 300 रुपये के लेन-देन को लेकर शुरू हुए विवाद में एक पक्ष के लोगों ने पहले मारपीट की और दो हजार रुपये छीन लिए। इसके बाद जब पीड़ित परिवार के सदस्य मामले की जानकारी लेने और अपने परिजनों को बचाने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने मकान का गेट बंद कर छत से ईंट-पत्थर और गुम्मे बरसाने शुरू कर दिए।

अचानक हुए पथराव से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में महिला भगवती समेत तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल उरई पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर डकोर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

300 रुपये की मांग से शुरू हुआ विवाद

पीड़ित महिला भगवती के अनुसार, उनके बेटे का दूसरे पक्ष के लोगों से 300 रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसी रकम को वापस लेने के लिए उनका बेटा संबंधित व्यक्ति के पास गया था। महिला का आरोप है कि वहां बातचीत के दौरान मामला बिगड़ गया और उसके बेटे के दो हजार रुपये छीन लिए गए।

भगवती ने बताया कि विवाद को शांत करने के लिए उन्होंने 300 रुपये के बदले 500 रुपये देने और शेष रकम वापस करने की बात कही थी। हालांकि, इस प्रस्ताव पर सहमति बनने के बजाय दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ती चली गई।

महिला का आरोप है कि रुपये के हिसाब को लेकर शुरू हुई बातचीत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। मामूली रकम को लेकर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि बातचीत के जरिए मामले को सुलझा लिया जाता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। लेकिन आरोप है कि विवाद के दौरान किसी ने भी पीछे हटने की कोशिश नहीं की और मामला लगातार बढ़ता गया।

घर लौटते समय फिर हुई मारपीट

भगवती के मुताबिक, विवाद के बाद उनके बेटे जब वापस घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें फिर से घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ दोबारा मारपीट की गई।

परिवार को जब घटना की जानकारी मिली तो घर में चिंता का माहौल बन गया। महिला ने बताया कि आसपास के लोगों से विवाद की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य अपने बेटों को बचाने और पूरे मामले का पता लगाने के लिए घटनास्थल की ओर पहुंचे।

परिजनों का कहना है कि वे विवाद को शांत कराने और अपने बच्चों को सुरक्षित घर लाने के उद्देश्य से मौके पर गए थे। लेकिन वहां पहुंचने के बाद स्थिति और बिगड़ गई।

गेट बंद कर छत से बरसाए ईंट-पत्थर

पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि जब उनके परिवार के सदस्य दूसरे पक्ष के घर के पास पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने मकान का गेट बंद कर लिया। इसके बाद छत से ईंट-पत्थर और गुम्मे फेंकने शुरू कर दिए।

अचानक शुरू हुए पथराव से मौके पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। महिला के अनुसार, छत से लगातार पत्थर फेंके जाने के कारण वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

आरोप है कि इस दौरान महिला भगवती के सिर में चोट लग गई। उनके पति और बेटों को भी सिर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।

परिवार का कहना है कि विवाद को सुलझाने के लिए मौके पर पहुंचे लोगों को भी हिंसा का सामना करना पड़ा। जिस मामले की शुरुआत कुछ सौ रुपये के लेन-देन से हुई थी, उसने पूरे परिवार को अस्पताल पहुंचा दिया।

हालांकि, घटना के दौरान किस व्यक्ति ने किस पर हमला किया और पथराव में किसकी क्या भूमिका रही, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

काम से लौट रहे युवक को लगा गुम्मा

घटना में घायल शिवम वर्मा ने बताया कि वह मूल रूप से उरई का निवासी है और बंधौली गांव में सुबोध प्रधान के यहां काम करता है।

शिवम के अनुसार, शनिवार रात वह अपना काम समाप्त करने के बाद घर जाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान गांव में विवाद और शोरगुल सुनाई देने लगा।

विवाद की आवाज सुनकर वह घटनास्थल की ओर पहुंचा। शिवम का कहना है कि उसे शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि दोनों पक्षों के बीच झगड़ा किस बात को लेकर हुआ है।

उसके मुताबिक, जब वह मौके पर मौजूद था, तभी छत से फेंका गया एक गुम्मा उसके सिर पर आकर लगा। चोट लगने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

शिवम ने सुदर्शन नाम के व्यक्ति पर गुम्मा फेंकने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही हो सकेगी।

तीन घायलों को जिला अस्पताल में कराया भर्ती

पथराव और मारपीट की घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल उरई पहुंचाया गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, भगवती के सिर में चोट लगी है। उनके पति और बेटों को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं।

घटना में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराकर चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया। परिवार के सदस्यों ने घटना को लेकर अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाने की बात कही है।

गांव में अचानक हुए विवाद और पथराव के कारण कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और दोनों पक्षों के बीच विवाद की पूरी जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगी।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

घटना की सूचना मिलने पर डकोर कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस की ओर से विवाद के कारणों, मारपीट के आरोपों और पथराव की घटना की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित लोगों के बयान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ, मारपीट में कौन-कौन शामिल था और पथराव की घटना में किन लोगों की भूमिका रही।

मामूली विवाद ने बढ़ाई गांव में चिंता

बंधौली गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर छोटे-मोटे विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत को सामने ला दिया है। रुपये के लेन-देन जैसे सामान्य मामले में यदि समय रहते समझौते का रास्ता नहीं निकाला जाता तो विवाद गंभीर रूप ले सकता है।

स्थानीय स्तर पर विवादों के दौरान संयम बनाए रखना और कानून व्यवस्था का पालन करना जरूरी है। किसी भी विवाद में हिंसा का सहारा लेने से न केवल संबंधित लोगों को चोट पहुंचने का खतरा रहता है, बल्कि परिवारों और आसपास के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बंधौली गांव में हुई घटना में पीड़ित परिवार ने मारपीट और पथराव के आरोप लगाए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी और यह पता चल सकेगा कि 300 रुपये के लेन-देन से शुरू हुआ विवाद किस तरह हिंसक संघर्ष में बदल गया।

फिलहाल तीन घायलों का उपचार कराया गया है और डकोर कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें

ताज़ा खबरें • ब्रेकिंग न्यूज़ • नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट

जालौन: 300 रुपये के लेन-देन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, छत से फेंके ईंट-पत्थर; तीन लोग घायल

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 26, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

डकोर कोतवाली क्षेत्र के बंधौली गांव में शनिवार रात पैसे के विवाद ने लिया हिंसक रूप, मारपीट के बाद छत से गुम्मे और ईंट-पत्थर फेंकने का आरोप; महिला, उसके पति और बेटों को आई चोटें, जिला अस्पताल उरई में कराया गया भर्ती

उरई/जालौन। जिले के डकोर कोतवाली क्षेत्र के बंधौली गांव में मामूली रकम के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। शनिवार रात करीब 10 बजे दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 300 रुपये के लेन-देन को लेकर शुरू हुए विवाद में एक पक्ष के लोगों ने पहले मारपीट की और दो हजार रुपये छीन लिए। इसके बाद जब पीड़ित परिवार के सदस्य मामले की जानकारी लेने और अपने परिजनों को बचाने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने मकान का गेट बंद कर छत से ईंट-पत्थर और गुम्मे बरसाने शुरू कर दिए।

अचानक हुए पथराव से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में महिला भगवती समेत तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल उरई पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर डकोर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

300 रुपये की मांग से शुरू हुआ विवाद

पीड़ित महिला भगवती के अनुसार, उनके बेटे का दूसरे पक्ष के लोगों से 300 रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसी रकम को वापस लेने के लिए उनका बेटा संबंधित व्यक्ति के पास गया था। महिला का आरोप है कि वहां बातचीत के दौरान मामला बिगड़ गया और उसके बेटे के दो हजार रुपये छीन लिए गए।

भगवती ने बताया कि विवाद को शांत करने के लिए उन्होंने 300 रुपये के बदले 500 रुपये देने और शेष रकम वापस करने की बात कही थी। हालांकि, इस प्रस्ताव पर सहमति बनने के बजाय दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ती चली गई।

महिला का आरोप है कि रुपये के हिसाब को लेकर शुरू हुई बातचीत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। मामूली रकम को लेकर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि बातचीत के जरिए मामले को सुलझा लिया जाता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। लेकिन आरोप है कि विवाद के दौरान किसी ने भी पीछे हटने की कोशिश नहीं की और मामला लगातार बढ़ता गया।

घर लौटते समय फिर हुई मारपीट

भगवती के मुताबिक, विवाद के बाद उनके बेटे जब वापस घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें फिर से घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ दोबारा मारपीट की गई।

परिवार को जब घटना की जानकारी मिली तो घर में चिंता का माहौल बन गया। महिला ने बताया कि आसपास के लोगों से विवाद की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य अपने बेटों को बचाने और पूरे मामले का पता लगाने के लिए घटनास्थल की ओर पहुंचे।

परिजनों का कहना है कि वे विवाद को शांत कराने और अपने बच्चों को सुरक्षित घर लाने के उद्देश्य से मौके पर गए थे। लेकिन वहां पहुंचने के बाद स्थिति और बिगड़ गई।

गेट बंद कर छत से बरसाए ईंट-पत्थर

पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि जब उनके परिवार के सदस्य दूसरे पक्ष के घर के पास पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने मकान का गेट बंद कर लिया। इसके बाद छत से ईंट-पत्थर और गुम्मे फेंकने शुरू कर दिए।

अचानक शुरू हुए पथराव से मौके पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। महिला के अनुसार, छत से लगातार पत्थर फेंके जाने के कारण वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

आरोप है कि इस दौरान महिला भगवती के सिर में चोट लग गई। उनके पति और बेटों को भी सिर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।

परिवार का कहना है कि विवाद को सुलझाने के लिए मौके पर पहुंचे लोगों को भी हिंसा का सामना करना पड़ा। जिस मामले की शुरुआत कुछ सौ रुपये के लेन-देन से हुई थी, उसने पूरे परिवार को अस्पताल पहुंचा दिया।

हालांकि, घटना के दौरान किस व्यक्ति ने किस पर हमला किया और पथराव में किसकी क्या भूमिका रही, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

काम से लौट रहे युवक को लगा गुम्मा

घटना में घायल शिवम वर्मा ने बताया कि वह मूल रूप से उरई का निवासी है और बंधौली गांव में सुबोध प्रधान के यहां काम करता है।

शिवम के अनुसार, शनिवार रात वह अपना काम समाप्त करने के बाद घर जाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान गांव में विवाद और शोरगुल सुनाई देने लगा।

विवाद की आवाज सुनकर वह घटनास्थल की ओर पहुंचा। शिवम का कहना है कि उसे शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि दोनों पक्षों के बीच झगड़ा किस बात को लेकर हुआ है।

उसके मुताबिक, जब वह मौके पर मौजूद था, तभी छत से फेंका गया एक गुम्मा उसके सिर पर आकर लगा। चोट लगने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

शिवम ने सुदर्शन नाम के व्यक्ति पर गुम्मा फेंकने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही हो सकेगी।

तीन घायलों को जिला अस्पताल में कराया भर्ती

पथराव और मारपीट की घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल उरई पहुंचाया गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, भगवती के सिर में चोट लगी है। उनके पति और बेटों को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं।

घटना में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराकर चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया। परिवार के सदस्यों ने घटना को लेकर अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाने की बात कही है।

गांव में अचानक हुए विवाद और पथराव के कारण कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और दोनों पक्षों के बीच विवाद की पूरी जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगी।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

घटना की सूचना मिलने पर डकोर कोतवाली पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस की ओर से विवाद के कारणों, मारपीट के आरोपों और पथराव की घटना की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित लोगों के बयान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ, मारपीट में कौन-कौन शामिल था और पथराव की घटना में किन लोगों की भूमिका रही।

मामूली विवाद ने बढ़ाई गांव में चिंता

बंधौली गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर छोटे-मोटे विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत को सामने ला दिया है। रुपये के लेन-देन जैसे सामान्य मामले में यदि समय रहते समझौते का रास्ता नहीं निकाला जाता तो विवाद गंभीर रूप ले सकता है।

स्थानीय स्तर पर विवादों के दौरान संयम बनाए रखना और कानून व्यवस्था का पालन करना जरूरी है। किसी भी विवाद में हिंसा का सहारा लेने से न केवल संबंधित लोगों को चोट पहुंचने का खतरा रहता है, बल्कि परिवारों और आसपास के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बंधौली गांव में हुई घटना में पीड़ित परिवार ने मारपीट और पथराव के आरोप लगाए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी और यह पता चल सकेगा कि 300 रुपये के लेन-देन से शुरू हुआ विवाद किस तरह हिंसक संघर्ष में बदल गया।

फिलहाल तीन घायलों का उपचार कराया गया है और डकोर कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है।