पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के अनुज गिरजा चरण राजपूत की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से दी गई विदाई
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
बमोरी गांव में समाजसेवी गिरजा चरण राजपूत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे हजारों लोग, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित कर व्यक्त किया शोक; बड़े बेटे अनिल राजपूत ने दी मुखाग्नि

उरई (जालौन)। समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले गिरजा चरण राजपूत के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को उनके अंतिम दर्शन और अंतिम यात्रा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बमोरी गांव स्थित उनके आवास से जब पार्थिव शरीर अंतिम विदाई के लिए निकला तो माहौल गमगीन हो गया। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों की आंखें नम थीं। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने दिवंगत समाजसेवी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके प्रति अपनी आत्मीयता और सम्मान प्रकट किया।
गिरजा चरण राजपूत भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के छोटे भाई तथा चरखारी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक बृजभूषण सिंह राजपूत के चाचा थे। उनके निधन की खबर मिलने के बाद से ही परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल बना हुआ था। सोमवार को अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग बमोरी पहुंचे। गांव में लोगों की मौजूदगी और श्रद्धांजलि के दौरान गूंजते नारों ने दिवंगत के प्रति क्षेत्रवासियों की भावनाओं को व्यक्त किया।
आवास से निकली अंतिम यात्रा, परिजनों ने नम आंखों से किया प्रणाम
सोमवार सुबह बमोरी गांव स्थित गिरजा चरण राजपूत के आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने पार्थिव शरीर के दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों और महिलाओं ने भी अंतिम विदाई के दौरान पुष्प अर्पित किए तथा दिवंगत के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
आवास पर मौजूद लोगों के लिए यह समय बेहद भावुक रहा। परिवार के सदस्यों के चेहरे पर दुख साफ दिखाई दे रहा था। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों को संभालना भी मुश्किल हो रहा था। रिश्तेदार और परिचित उन्हें ढांढस बंधाते रहे। दिवंगत के बेटे अजय राजपूत अपने पिता को याद कर बार-बार भावुक हो उठे। परिवार के लोगों ने एक-दूसरे को सहारा देते हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
इस दौरान पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत, उनके बड़े भाई ओमप्रकाश राजपूत उर्फ लल्लू भैया, विधायक बृजभूषण राजपूत, अखिल राजपूत, आशु राजपूत, डॉ. अनिल राजपूत सहित परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार उपस्थित रहे। सभी ने पार्थिव शरीर के दर्शन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि, अंतिम संस्कार में शामिल हुए हजारों लोग
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों और उपस्थित लोगों ने दिवंगत गिरजा चरण राजपूत को श्रद्धापूर्वक विदाई दी। बड़े बेटे अनिल राजपूत ने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस अवसर पर वहां मौजूद लोगों ने नम आंखों से अंतिम दर्शन किए।
अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की संख्या लगातार बढ़ती रही। गांव के लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में परिचित और शुभचिंतक पहुंचे। लोगों की उपस्थिति ने परिवार के प्रति उनकी संवेदनशीलता और दिवंगत के प्रति सम्मान को दर्शाया।
अंतिम विदाई के दौरान ‘गिरजा चरण राजपूत अमर रहें’ के नारे लगाए गए। लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। अंतिम यात्रा में शामिल कई लोग परिवार के सदस्यों के साथ दुख साझा करते नजर आए। पूरे वातावरण में शोक और श्रद्धा का भाव बना रहा।
फार्म हाउस पहुंची अंतिम यात्रा, पूर्वजों की समाधियों पर अर्पित किए पुष्प
आवास से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विशाल जनसमूह के साथ अंतिम यात्रा फार्म हाउस पहुंची। यहां परिवार के सदस्यों और उपस्थित लोगों ने पूर्वजों की समाधियों पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया।
श्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री संजय गंगवार पहुंचे। उन्होंने गिरजा चरण राजपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। भाजपा के राज्यसभा सांसद बाबूलाल निषाद ने भी उपस्थित होकर दिवंगत को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व राज्यमंत्री भानु प्रताप वर्मा, जिला पंचायत प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा तथा पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने भी श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर गिरजा चरण राजपूत को याद किया।
राजनीतिक दलों के नेताओं ने पहुंचकर व्यक्त किया शोक
गिरजा चरण राजपूत की अंतिम विदाई में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और सामाजिक क्षेत्र के लोगों की भागीदारी रही। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान ओमप्रकाश राजपूत, विधायक बृजभूषण राजपूत, जालौन जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह मुन्नू, भाजपा के वरिष्ठ नेता शीतल सिंह, करनसिंह परासन, रेखा वर्मा, अमित निरंजन और करण सिंह राजपूत मौजूद रहे।
इसके अलावा ठेकेदार रामाऔतार बाबूजी, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय, कंचन सिंह राजपूत, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजनारायण मिश्रा, मेराज सिद्दीकी तथा बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता आत्माराम फौजी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने इस बात को रेखांकित किया कि दिवंगत गिरजा चरण राजपूत के निधन पर क्षेत्र के विभिन्न वर्गों में शोक का माहौल रहा। सभी ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत को श्रद्धांजलि दी।
पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि सभा में पत्रकारिता तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की भी बड़ी भागीदारी रही। वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा, शैलेंद्र यादव और संपादक मुजीब आलम सहित अनेक पत्रकारों ने पहुंचकर गिरजा चरण राजपूत को श्रद्धांजलि दी।
इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण और क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोग भी अंतिम विदाई में शामिल हुए। लोगों ने दिवंगत के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी।
बमोरी गांव में आयोजित अंतिम यात्रा में पुरुषों और महिलाओं समेत हजारों लोगों की मौजूदगी रही। गांव से फार्म हाउस तक लोगों की सहभागिता ने अंतिम विदाई को भावपूर्ण बना दिया। पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के दौरान लोगों ने पुष्प अर्पित किए और परिवार के साथ दुख साझा किया।
परिवार के लिए अपूरणीय क्षति, क्षेत्र में शोक का माहौल
गिरजा चरण राजपूत के निधन से उनके परिवार और परिचितों को गहरा दुख पहुंचा है। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने दिवंगत के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने की कामना की।
पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के छोटे भाई और विधायक बृजभूषण सिंह राजपूत के चाचा होने के साथ गिरजा चरण राजपूत की अपनी सामाजिक पहचान भी रही। उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने उनके प्रति लोगों की आत्मीयता को सामने रखा।
सोमवार को बमोरी गांव में निकली अंतिम यात्रा केवल परिवार की विदाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें क्षेत्र के राजनीतिक, सामाजिक और पत्रकारिता जगत के लोगों ने भी सहभागिता की। सभी ने श्रद्धासुमन अर्पित कर दिवंगत को अंतिम विदाई दी।
बड़े बेटे अनिल राजपूत द्वारा मुखाग्नि दिए जाने के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हुई। इसके बाद भी श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे लोग परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते रहे।
गिरजा चरण राजपूत की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसमूह उनके प्रति लोगों के सम्मान, संबंधों और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बना। नम आंखों से दी गई विदाई के बीच परिवार, रिश्तेदारों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। बमोरी गांव में सोमवार को दिनभर शोक और श्रद्धांजलि का वातावरण बना रहा।
