यूपी के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, आयुष्मान कार्ड पोर्टल हुआ शुरू

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

एक सप्ताह में पत्रकारों और उनके आश्रितों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश, सूचना निदेशक विशाल सिंह ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश सरकार की इस व्यवस्था के तहत पात्र पत्रकारों और उनके आश्रितों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) से जोड़कर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके लिए विशेष रूप से तैयार किए गए पोर्टल को शुरू करने की सहमति मिल गई है। इससे पात्र पत्रकारों के आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को आसान और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के समय आर्थिक परेशानी से राहत दिलाना तथा उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ना है। पोर्टल के माध्यम से संबंधित पत्रकारों का विवरण दर्ज करने, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराने और आयुष्मान कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को गति देने की तैयारी की गई है।

सूचना निदेशालय में आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम

पोर्टल के संचालन और इसकी कार्यप्रणाली को लेकर लखनऊ स्थित सूचना निदेशालय के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सूचना निदेशक विशाल सिंह ने की। इस दौरान स्टेट हेल्थ एजेंसी के अधिकारियों ने पोर्टल से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार पत्रकारों का विवरण दर्ज किया जाएगा और आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही आवेदन से संबंधित औपचारिकताओं, लाभार्थियों के विवरण के सत्यापन और आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पोर्टल के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी गई, ताकि जिलों में काम करते समय किसी तरह की तकनीकी या प्रक्रियागत समस्या का सामना न करना पड़े।

इस कार्यक्रम में सूचना निदेशालय मुख्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रदेश के सभी जिला सूचना कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रदेश के सभी जिलों में एक समान प्रक्रिया के तहत काम शुरू कराना और पात्र लाभार्थियों का विवरण समय से पोर्टल पर दर्ज कराना रहा।

सात दिन में पूरा करना होगा विवरण अपलोड करने का काम

सूचना निदेशक विशाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयुष्मान कार्ड से वंचित मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों का विवरण प्राथमिकता के आधार पर एकत्र किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद संबंधित जानकारी एक सप्ताह के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में जिला सूचना कार्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में पात्र पत्रकारों की जानकारी जुटाने, आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पोर्टल पर विवरण दर्ज कराने के लिए सक्रियता से काम करना होगा।

निर्देशों के अनुसार, जिन मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों के आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं, उनके मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाना है, ताकि उन्हें निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यालय को देनी होगी कार्य की प्रगति की जानकारी

सूचना निदेशक ने जिला स्तर के अधिकारियों को केवल विवरण अपलोड करने तक सीमित न रहने, बल्कि कार्य की प्रगति से मुख्यालय को नियमित रूप से अवगत कराने के निर्देश भी दिए। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कितने पात्र पत्रकारों का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया गया है और किन मामलों में अभी औपचारिकताएं पूरी होनी बाकी हैं।

मुख्यालय स्तर पर प्रगति की समीक्षा होने से लंबित मामलों की पहचान करने और उन्हें जल्द पूरा कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के बाद सत्यापन तथा कार्ड जारी करने से संबंधित आगे की कार्रवाई को भी समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

विशाल सिंह ने इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पत्रकारों और उनके आश्रितों से संबंधित विवरण अपलोड करने की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने इस काम को गंभीरता से लेने और विभागीय स्तर पर आवश्यक समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को कई बार व्यस्त कार्यशैली और अनियमित दिनचर्या के बीच स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं तक आसान पहुंच उनके और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

आयुष्मान कार्ड से जुड़ी यह पहल पात्र मान्यता प्राप्त पत्रकारों को निर्धारित योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया में सहायक हो सकती है। कैशलेस उपचार की सुविधा से पात्र लाभार्थियों को योजना के नियमों और निर्धारित अस्पतालों में अनुमन्य उपचार के लिए सीधे भुगतान करने की आवश्यकता से राहत मिल सकती है।

हालांकि, इस सुविधा का लाभ संबंधित योजना की पात्रता, निर्धारित शर्तों, उपचार की अनुमन्यता और अन्य लागू नियमों के अनुसार ही मिलेगा। इसलिए पत्रकारों के विवरण का सही तरीके से दर्ज होना और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण रहेगा।

पोर्टल शुरू होने से जिला स्तर पर आवेदन संबंधी कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने की उम्मीद है। यदि निर्धारित समय में विवरण अपलोड करने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने पर प्रभावी ढंग से अमल होता है, तो पात्र पत्रकारों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के काम में तेजी आ सकती है।

बैठक में कई अधिकारी रहे उपस्थित

पोर्टल के संचालन से संबंधित प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक में वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह और अमित कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में पोर्टल के उपयोग, आवेदन प्रक्रिया और जिलों में काम को समयसीमा के भीतर पूरा कराने से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई।

प्रशिक्षण के बाद जिला सूचना कार्यालयों के अधिकारियों को निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि पात्र पत्रकारों और उनके आश्रितों का विवरण निर्धारित समय में पोर्टल पर उपलब्ध कराया जा सके।

अब जिलों में कार्रवाई पर रहेगा जोर

उत्तर प्रदेश में मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने की दिशा में पोर्टल का संचालन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। अब इस व्यवस्था की सफलता काफी हद तक जिला स्तर पर विवरण जुटाने, दस्तावेजों की जांच और समय से अपलोड करने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

एक सप्ताह की समयसीमा तय किए जाने से जिला सूचना कार्यालयों पर काम जल्द पूरा करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। वहीं, मुख्यालय को प्रगति की जानकारी देने के निर्देश से पूरी प्रक्रिया की निगरानी आसान होने की संभावना है।

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