चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ का ओडिशा में कहर, 14 जिलों में ODRAF की 20 यूनिट तैनात; राहत-बचाव अभियान तेज
सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा
हिट एंड हॉट न्यूज़
भुवनेश्वर, 28 अक्टूबर 2026। ओडिशा में चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ के प्रभाव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में आवागमन बाधित हो गया है। खासकर दक्षिणी ओडिशा के जिलों में तूफान का असर देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर राष्ट्रीय राजमार्गों और दूसरी सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे यातायात और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है। इस आपदा से निपटने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) ने बड़े पैमाने पर राहत, बचाव और सड़क बहाली का अभियान शुरू किया है।

राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग की प्राथमिकता लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना, प्रभावित क्षेत्रों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी संपर्क मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करना है। इसके लिए अलग-अलग जिलों में विशेष बचाव दल तैनात किए गए हैं, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार काम कर रहे हैं।
14 जिलों में ODRAF की 20 यूनिट तैनात
चक्रवात से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए ODRAF की कुल 20 यूनिटों को मैदान में उतारा गया है। इन यूनिटों में 60 उप-इकाइयां शामिल हैं, जिन्हें राज्य के 14 जिलों में तैनात किया गया है। इन टीमों को जरूरत के अनुसार संवेदनशील इलाकों में भेजा जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
प्रभावित जिलों में गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर, नुआपड़ा, पुरी, मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, जगतसिंहपुर, कटक और खुर्दा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज बारिश, जलभराव और सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण पैदा हुई समस्याओं से निपटने के लिए बचाव दल सक्रिय हैं।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जहां भी लोगों को सहायता की आवश्यकता हो रही है, वहां उपलब्ध संसाधनों के आधार पर टीमों को भेजने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का उद्देश्य राहत कार्यों में देरी को कम करना और प्रभावित लोगों तक जल्द सहायता पहुंचाना है।
संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता
ODRAF की टीमों को बेरहामपुर, भंजनगर, पात्रपुर, नुआगड़ा, मोहना, मथिली, चित्रकोंडा, बिस्समकटक, राज खरियार, ब्रह्मगिरि, कणास, काकटपुर, उदाला, बड़साही और बालूगांव सहित विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
इन क्षेत्रों में बचावकर्मी लगातार हालात का आकलन कर रहे हैं। तेज हवाओं और बारिश से उत्पन्न बाधाओं को दूर करने के साथ-साथ जरूरतमंद नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से ऐसे इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां जलभराव या सड़क संपर्क टूटने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो सकती है।
बचाव दलों को सतर्क रहने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्थान पर आपात स्थिति सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान
चक्रवात के प्रभाव से निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे स्थानों पर ODRAF के जवान लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरत के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों तथा चक्रवात आश्रय केंद्रों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
बचाव अभियान के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही घरेलू पशुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी सहायता की जा रही है। आपदा की परिस्थितियों में कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना राहत अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रभावित इलाकों में काम कर रहे जवानों को स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव, खराब मौसम और बाधित रास्तों के बीच राहत कार्यों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है।
सड़कों से हटाए जा रहे उखड़े पेड़, यातायात बहाली पर जोर
चक्रवात के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने से राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़कों पर आवागमन बाधित हुआ है। इसका असर स्थानीय यातायात के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं और लोगों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में ODRAF की टीमें सड़क मार्गों से गिरे हुए पेड़ों और अन्य अवरोधों को हटाने में जुटी हैं। अभियान का उद्देश्य रास्तों को दोबारा चालू करना और प्रभावित इलाकों का संपर्क बहाल करना है। सड़कें खुलने से प्रशासनिक टीमों, राहतकर्मियों और जरूरी सहायता को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने में सुविधा होगी।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। जहां सड़कें अवरुद्ध हैं, वहां बाधाओं को हटाने के साथ परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संपर्क व्यवस्था बहाल करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आपदा के दौरान लोगों तक भोजन, जरूरी सामान और अन्य सहायता पहुंचाने में सड़क मार्गों की अहम भूमिका होती है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे अभियान की निगरानी
ODRAF के राहत एवं बचाव अभियानों की निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में की जा रही है। संबंधित रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, उपमहानिरीक्षक और जिलों के पुलिस अधीक्षक भी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में बचाव दलों की तैनाती, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर जरूरत के अनुसार संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रभावित नागरिकों को समय पर सहायता मिले और राहत कार्यों के दौरान किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।
24 घंटे सक्रिय है आपातकालीन नियंत्रण कक्ष
चक्रवात की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए ODRAF ने 24 घंटे संचालित होने वाला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया है। यहां से विभिन्न क्षेत्रों की परिस्थितियों की निगरानी की जा रही है और प्राप्त आकलन के आधार पर बचाव दलों को आवश्यकतानुसार तैनात किया जा रहा है।
नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आपात स्थितियों पर नजर रखते हुए यह प्रयास किया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित टीम को तत्काल कार्रवाई के लिए भेजा जा सके। मौसम और स्थानीय हालात में बदलाव को देखते हुए बचावकर्मियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
चक्रवात के प्रभाव के बीच यह व्यवस्था राहत अभियान को समन्वित रखने और प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डीजीपी ने ODRAF जवानों के साहस की सराहना की
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक बिनयतोश मिश्रा ने चक्रवात प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में जुटे ODRAF कर्मियों की तत्परता, साहस और समर्पण की सराहना की है। उन्होंने जवानों को निर्देश दिया है कि लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए।
डीजीपी ने अगले कुछ दिनों तक पूरी सतर्कता बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने पर जोर दिया है। खराब मौसम के दौरान परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं, इसलिए बचाव दलों को आवश्यक निर्देशों के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
जनसुरक्षा और सामान्य व्यवस्था बहाल करना प्राथमिकता
चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने के बीच पुलिस विभाग और ODRAF की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हैं। 14 जिलों में तैनात 20 यूनिटों के माध्यम से बचाव, सड़क सफाई और संपर्क व्यवस्था बहाल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, जरूरतमंद नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराना और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को सुगम बनाना है। चौबीसों घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है।
आने वाले दिनों में भी सतर्कता बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। ऐसे समय में नागरिकों को प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए तथा जलभराव वाले क्षेत्रों और बाधित सड़कों पर अनावश्यक आवाजाही से बचना चाहिए।
निष्कर्ष: ओडिशा में चक्रवात ‘अरनब’ के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। ODRAF की टीमें प्रभावित जिलों में लोगों की सुरक्षा, जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए सक्रिय हैं। प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट है—आपदा के बीच जनजीवन की सुरक्षा और जरूरी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द सामान्य बनाना।
