रायबरेली में चोरों का दुस्साहस: प्राथमिक विद्यालय के ताले तोड़कर सिलेंडर, बर्तन और खाद्यान्न चोरी, सरकारी अभिलेखों में लगाई आग
रविकांत पाण्डेय
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ रायबरेली
लालगंज (रायबरेली)।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के दावों के बीच चोरों ने अब सरकारी विद्यालयों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला लालगंज कस्बे के चिकमंडी स्थित प्राथमिक विद्यालय का है, जहां अज्ञात चोरों ने शनिवार की रात विद्यालय परिसर में घुसकर चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने विद्यालय के रसोईघर, कार्यालय और कक्षाओं के ताले तोड़कर वहां रखा उपयोगी सामान चोरी कर लिया। इतना ही नहीं, कार्यालय में सुरक्षित रखे महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों को भी आग के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।

इस वारदात ने सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस विद्यालय में प्रतिदिन छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं, वहां इस तरह की घटना होना स्थानीय व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है।
रात के अंधेरे में विद्यालय परिसर में घुसे चोर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने चिकमंडी स्थित प्राथमिक विद्यालय को अपना निशाना बनाया। रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर चोर विद्यालय परिसर में दाखिल हुए और अलग-अलग कमरों में लगे तालों को तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने रसोईघर, कार्यालय तथा कक्षाओं में रखे सामान की तलाशी ली।
चोरों ने विद्यालय के कई हिस्सों में तोड़फोड़ करते हुए सामान को इधर-उधर बिखेर दिया। सुबह जब विद्यालय खुलने का समय हुआ और परिसर में टूटे हुए ताले तथा बिखरा सामान दिखाई दिया, तब चोरी की घटना का खुलासा हुआ। विद्यालय में हुई इस वारदात की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी।
रसोईघर से गैस सिलेंडर और बर्तन लेकर फरार हुए चोर
चोरी की इस घटना में विद्यालय की रसोई को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया गया। चोर वहां रखा गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, भोजन तैयार करने वाली बड़ी कड़ाही, थालियां, बाल्टियां और अन्य जरूरी बर्तन अपने साथ ले गए।
इसके अलावा बच्चों को प्रतिदिन मिलने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के लिए रखा खाद्यान्न भी चोरी कर लिया गया। विद्यालय में बच्चों के भोजन की व्यवस्था के लिए इस्तेमाल होने वाला यह सामान स्कूल की नियमित गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
रसोई का सामान गायब होने से विद्यालय में मध्याह्न भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अब विद्यालय प्रबंधन के सामने बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था दोबारा सुचारु करने की चुनौती भी खड़ी हो सकती है।

महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों को आग लगाकर किया नष्ट
इस पूरी घटना में सबसे चिंताजनक पहलू विद्यालय कार्यालय में हुई तोड़फोड़ और अभिलेखों को जलाने का है। बताया जा रहा है कि चोरों ने कार्यालय में रखी अलमारी का ताला तोड़ दिया। इसके बाद उसमें रखे महत्वपूर्ण सरकारी कागजात और अभिलेख बाहर निकालकर उनमें आग लगा दी।
सुबह कार्यालय में जले हुए कागजात की राख और बिखरा सामान देखकर विद्यालय कर्मी भी हैरान रह गए। सरकारी अभिलेखों का इस तरह नष्ट होना केवल संपत्ति के नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे विद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग में कौन-कौन से दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने अभिलेख सुरक्षित बचाए जा सके हैं। इस संबंध में विद्यालय स्तर पर नुकसान का आकलन किया जाना जरूरी है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि अभिलेखों को जलाने के पीछे चोरों की क्या मंशा थी।
प्रधानाध्यापक ने पुलिस को दी लिखित शिकायत
विद्यालय में चोरी और अभिलेख जलाए जाने की जानकारी मिलने के बाद प्रधानाध्यापक हेमा पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को लिखित तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस से घटना की जांच कराने और चोरी की वारदात में शामिल अज्ञात लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अब जांच के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वारदात को किसने अंजाम दिया और चोरी किए गए सामान को कहां ले जाया गया।
घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों, संभावित सुरागों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
सरकारी विद्यालयों की सुरक्षा पर उठने लगे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी विद्यालय समाज के भविष्य को तैयार करने वाले महत्वपूर्ण संस्थान हैं। यहां बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाती है। ऐसे में विद्यालय परिसर में चोरी और सरकारी दस्तावेजों को जलाने जैसी घटना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमियों की ओर इशारा करती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि विद्यालयों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होंगे, तो इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। स्कूलों में रखे गैस सिलेंडर, खाद्यान्न, बर्तन, फर्नीचर और सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।
लोगों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए। जिन स्कूलों में बाउंड्रीवाल, सुरक्षित दरवाजे, खिड़कियां और अन्य आवश्यक इंतजाम नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधार कराया जाए।
बच्चों की शिक्षा और मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
विद्यालय में हुई चोरी का असर केवल सरकारी संपत्ति के नुकसान तक सीमित नहीं माना जा सकता। रसोईघर में रखे सामान और खाद्यान्न की चोरी होने से बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने में परेशानी आ सकती है। वहीं, कार्यालय के अभिलेख नष्ट होने से विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों में भी कठिनाई पैदा हो सकती है।
सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं संचालित होती हैं। ऐसे में रसोई के जरूरी सामान की उपलब्धता बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
विद्यालय प्रबंधन को अब चोरी हुए सामान की सूची तैयार करने, उपलब्ध अभिलेखों को सुरक्षित करने और भोजन व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए संबंधित विभाग से सहयोग लेना पड़ सकता है।
प्रशासन से कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
चिकमंडी स्थित प्राथमिक विद्यालय में हुई इस घटना के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि चोरी की घटना का जल्द खुलासा किया जाए और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग को भी विद्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए। रात के समय विद्यालयों की निगरानी, दरवाजों और तालों की मजबूती तथा महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत है।
फिलहाल लालगंज के चिकमंडी प्राथमिक विद्यालय में हुई चोरी और अभिलेख जलाने की घटना ने सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस वारदात के पीछे कौन लोग शामिल थे और चोरी के साथ सरकारी कागजात जलाने का उद्देश्य क्या था। अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द मामले का खुलासा करेगी और विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संबंधित विभाग आवश्यक कदम उठाएगा।
