
दिल्ली के चर्चित IB कर्मचारी अंकित शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए नाजिम और कासिम ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है। मामले में हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कड़कड़डूमा कोर्ट ने जुलाई 2026 में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
⚖️ उम्रकैद के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे आरोपी
नाजिम और कासिम ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की है। अपील में निचली अदालत के फैसले और सजा को चुनौती दी गई है।
हाई कोर्ट में अपील किसी भी दोषी को अपनी सजा और दोषसिद्धि के खिलाफ कानूनी राहत मांगने का अधिकार देती है। अब अदालत मामले के रिकॉर्ड, अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और बचाव पक्ष की दलीलों के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी।
दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी होने के बाद राज्य की ओर से मामले में अपना पक्ष और संबंधित रिकॉर्ड अदालत के सामने रखा जाएगा।
🕯️ कौन थे अंकित शर्मा?
अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी IB में सुरक्षा सहायक के रूप में कार्यरत थे। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी।
अंकित शर्मा की हत्या ने पूरे देश में गहरी चिंता पैदा की थी। मामले की जांच में हत्या की परिस्थितियों और घटना में शामिल लोगों की कथित भूमिका को लेकर लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चली।
🔥 जुलाई 2026 में सुनाया गया था फैसला
कड़कड़डूमा कोर्ट ने जुलाई 2026 में मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या समेत विभिन्न गंभीर अपराधों में दोषी ठहराया और बाद में पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने अभियोजन की ओर से मांगी गई मौत की सजा को स्वीकार नहीं किया।
अदालत के इस फैसले के बाद दोषियों के पास उच्च अदालत में अपील करने का रास्ता खुला था। अब नाजिम और कासिम ने इसी कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया है।
🏛️ दिल्ली पुलिस को नोटिस क्यों अहम?
हाई कोर्ट की ओर से दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किए जाने का मतलब है कि मामले में अभियोजन पक्ष को अपील पर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
पुलिस और अभियोजन पक्ष को निचली अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों, गवाहों और जांच से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद हाई कोर्ट यह देखेगा कि अपील में उठाए गए कानूनी और तथ्यात्मक सवालों पर आगे सुनवाई किस तरह की जाए।
नोटिस जारी होना सजा पर रोक या आरोपियों को राहत मिलने के बराबर नहीं है। यह अपील की न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
🔎 मामले में साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण
अंकित शर्मा हत्याकांड में निचली अदालत की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अपना मामला रखा था। हाई कोर्ट में अब इन्हीं साक्ष्यों और निचली अदालत के निष्कर्षों की कानूनी समीक्षा हो सकती है।
बचाव पक्ष की ओर से यह प्रयास किया जाएगा कि निचली अदालत के फैसले में कोई तथ्यात्मक या कानूनी कमी रही हो तो उसे हाई कोर्ट के सामने रखा जाए। वहीं अभियोजन पक्ष दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखने के पक्ष में अपनी दलील पेश करेगा।
📌 अपील के बाद क्या होगा?
अब इस मामले में हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। दिल्ली पुलिस को नोटिस का जवाब दाखिल करना होगा और अदालत मामले के रिकॉर्ड पर विचार करेगी।
इसके बाद हाई कोर्ट यह तय कर सकता है कि अपील पर विस्तृत सुनवाई किस तरह आगे बढ़ेगी। यदि आरोपी सजा के निलंबन या किसी अन्य अंतरिम राहत की मांग करते हैं, तो उस पर भी अदालत अलग से विचार कर सकती है।
हालांकि, किसी भी राहत का फैसला अदालत ही करेगी, इसलिए केवल अपील दायर होने से उम्रकैद की सजा अपने आप समाप्त नहीं होती।
🕰️ 2020 के दंगों से जुड़ा मामला
अंकित शर्मा हत्याकांड फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए हिंसक दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। इस मामले ने कानून-व्यवस्था, भीड़ हिंसा और सांप्रदायिक तनाव के दौरान हुई मौतों को लेकर देशभर में गंभीर बहस पैदा की थी।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद निचली अदालत का फैसला आया और अब मामला उच्च न्यायालय के सामने पहुंच गया है।
⚠️ आगे की सुनवाई पर टिकी नजर
नाजिम और कासिम की अपील के बाद अब हाई कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। अदालत के सामने यह सवाल होगा कि निचली अदालत के फैसले में किसी कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि का आधार बनता है या नहीं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी हो चुका है और अब पुलिस का जवाब मामले की आगे की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
🔥 निष्कर्ष
अंकित शर्मा हत्याकांड अब एक नए कानूनी चरण में प्रवेश कर चुका है। निचली अदालत से उम्रकैद की सजा पाए नाजिम और कासिम ने हाई कोर्ट में अपील कर दी है और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया गया है।
अब हाई कोर्ट में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों के साथ मामले के रिकॉर्ड और साक्ष्यों की समीक्षा होगी। अपील दोषसिद्धि के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया है और अंतिम फैसला हाई कोर्ट की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा। इस मामले की अगली सुनवाई पर दिल्ली ही नहीं, पूरे देश की नजर बनी रहेगी।
