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पारिवारिक विवाद से परेशान महिला पहुंची थाने, पति पर मारपीट और धमकाने के आरोप; बेटियों की शादी में बाधा डालने का भी दावा

स्थान: रामनगर चित्रकूट

संवाददाता: लवलेश कुमार, हिट एंड हॉट न्यूज़

चित्रकूट/कर्वी। कर्वी क्षेत्र के खरौंधा गांव की रहने वाली सुनीता ने अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि वैवाहिक जीवन में लंबे समय से चले आ रहे विवाद और कथित प्रताड़ना के कारण वह पिछले करीब चार वर्षों से अपने मायके में रहने को मजबूर है। महिला ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उसे और उसके परिवार को सुरक्षा दिलाने की मांग की है।

वीडियो रिपोर्ट में सामने आए महिला के आरोपों के अनुसार, पति के साथ विवाद लगातार बढ़ता गया। सुनीता का दावा है कि उसके पति गुड्डू का व्यवहार उसके प्रति ठीक नहीं रहा और विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट भी की जाती रही। परिस्थितियां इतनी खराब हो गईं कि उसे अपने बच्चों के साथ मायके में रहने का फैसला लेना पड़ा। महिला के मुताबिक, लंबे समय से मायके में रहने के बावजूद पारिवारिक विवाद खत्म नहीं हुआ है और पति की ओर से कथित तौर पर दबाव बनाए जाने की स्थिति बनी हुई है।

बेटियों की शादी को लेकर बढ़ा विवाद

सुनीता ने आरोप लगाया कि उसकी बेटियों की शादी को लेकर भी पति की ओर से परेशानी खड़ी की जा रही है। महिला का कहना है कि पति कथित रूप से बेटियों की शादी कराने का विरोध करता है और शादी होने पर उसमें बाधा डालने की धमकी देता है। इससे परिवार के सामने बेटियों के भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है।

महिला के अनुसार, वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर लगातार परेशान है। उसका कहना है कि परिवार की परिस्थितियां पहले से ही कठिन हैं और ऐसे में बेटियों की शादी जैसे महत्वपूर्ण विषय में भी कथित हस्तक्षेप और धमकी से परिवार पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।

शराब और जुआ खेलने का लगाया आरोप

पीड़िता ने अपने पति पर शराब पीने और जुआ खेलने की आदत होने का भी आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, पति की इन कथित आदतों के कारण परिवार में आर्थिक और घरेलू परेशानियां बढ़ीं। सुनीता का यह भी आरोप है कि मायके पक्ष से मिले सोने-चांदी के आभूषण, जिनमें पायल और चेन सहित अन्य सामान शामिल था, पति ने अपने कब्जे में ले लिया या उन्हें बेच दिया।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार रिपोर्ट के स्तर पर नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित घटनाओं के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

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शिकायत के बावजूद कार्रवाई को लेकर सवाल

सुनीता का कहना है कि उसने पति के व्यवहार और कथित प्रताड़ना को लेकर पुलिस से शिकायत भी की थी। महिला के अनुसार, शिकायत के बाद पुलिस ने उसके पति को कुछ समय के लिए पकड़ा, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। पीड़िता का दावा है कि उसे अब तक वह न्याय नहीं मिला जिसकी वह उम्मीद कर रही थी।

महिला ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि उसके मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आरोपों की जांच की जाए। उसका कहना है कि केवल कुछ समय के लिए कार्रवाई करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। वह चाहती है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाए।

पति पर उल्टा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप

सुनीता ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ वह अपनी शिकायत लेकर पुलिस और प्रशासन के पास पहुंच रही है, उसी पति ने कथित तौर पर उसके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया है। महिला का कहना है कि वह खुद को पीड़ित मानती है, लेकिन उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू किए जाने से उसकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।

महिला ने पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि उसके मामले और पति की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए। दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

बुजुर्ग मां ने भी सुनाई परिवार की परेशानी

सुनीता की बुजुर्ग मां कस्तूरिया ने भी अपनी बेटी की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि उनके पति का निधन हो चुका है और पिछले कई वर्षों से वह अपनी बेटी तथा उसके बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी और उसके बच्चों को अपने पास रखा है।

बुजुर्ग मां का आरोप है कि बेटी के वैवाहिक विवाद के कारण मायके का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि कोई व्यक्ति उनके घर आकर परिवार पर दबाव बनाता है या डराने-धमकाने का प्रयास करता है तो उसे रोका जाए। उनका कहना है कि उम्र अधिक होने के कारण वह लगातार तनाव की स्थिति में रहने में असमर्थ हैं।

सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार की मुख्य मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी पक्ष के साथ पक्षपात न हो। परिवार का कहना है कि घरेलू विवाद से जुड़े मामलों में आरोपों की गंभीरता को समझते हुए दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज, पूर्व शिकायतें और अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है।

सुनीता का कहना है कि वह लंबे समय से पारिवारिक परेशानी झेल रही है और अब प्रशासन से उम्मीद है कि उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई होगी। महिला चाहती है कि उसे और उसके बच्चों को किसी तरह के दबाव या धमकी का सामना न करना पड़े तथा बेटियों के भविष्य से जुड़े फैसलों में परिवार को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने दिया जाए।

वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच या कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को फिलहाल उसके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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