ओस्लो, 29 अगस्त 2026: नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम के निधन से न केवल नॉर्वे, बल्कि यूरोप और दुनिया के कई देशों में शोक की लहर है। 89 वर्ष की आयु में राजा हाराल्ड का 28 अगस्त 2026 को ओस्लो यूनिवर्सिटी अस्पताल में निधन हुआ। नॉर्वे के रॉयल कोर्ट के अनुसार उन्होंने स्थानीय समयानुसार सुबह 6:35 बजे अंतिम सांस ली।
राजा हाराल्ड पंचम नॉर्वे के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले आधुनिक राजाओं में शामिल थे। उन्होंने 1991 में अपने पिता राजा ओलाव पंचम के निधन के बाद राजगद्दी संभाली थी और करीब 35 वर्षों तक नॉर्वे के राष्ट्राध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनके निधन के बाद उनके बेटे क्राउन प्रिंस हाकोन ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राजगद्दी संभाली और अब वे राजा हाकोन अष्टम हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने जताया दुख
राजा हाराल्ड के निधन पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में मैक्रों ने कहा कि उन्हें राजा हाराल्ड के निधन की खबर बेहद दुख के साथ मिली। उन्होंने नॉर्वे और फ्रांस के बीच संबंधों को मजबूत करने में राजा हाराल्ड के योगदान को याद किया।
मैक्रों ने विशेष रूप से जून 2025 में ओस्लो की अपनी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान राजा हाराल्ड और रानी सोन्या ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने नॉर्वे के नए राजा हाकोन और नॉर्वे की जनता के साथ-साथ फ्रांस के लोगों की ओर से भी शोक और संवेदना व्यक्त की।
मैक्रों का संदेश यह भी दर्शाता है कि राजा हाराल्ड केवल नॉर्वे के संवैधानिक प्रमुख नहीं थे, बल्कि यूरोपीय देशों के बीच मजबूत संबंध बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके लंबे शासनकाल के दौरान नॉर्वे ने यूरोप के कई देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाया।
35 साल के शासन का हुआ अंत
राजा हाराल्ड पंचम ने ऐसे दौर में नॉर्वे का नेतृत्व किया जब दुनिया में कई बड़े बदलाव हुए। 1991 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने बदलती परिस्थितियों के बीच राजशाही को आधुनिक समाज के अनुरूप बनाए रखने में भूमिका निभाई। वे पारंपरिक राजशाही की गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ आम लोगों से जुड़ने वाली अपनी सरल और सहज शैली के लिए भी लोकप्रिय रहे।
नॉर्वे की सरकार ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया। प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने कहा कि पूरा देश शोक में है और जनता राजा हाराल्ड की लंबे समय तक देश की सेवा के लिए उनके प्रति कृतज्ञता महसूस करती है। सरकार के मुताबिक राजा ने कठिन समय में लोगों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय संकट के समय बने एकजुटता के प्रतीक
राजा हाराल्ड के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में उनकी एकजुटता की भूमिका रही। 2011 में नॉर्वे में हुए भयावह आतंकी हमलों के बाद देश गहरे सदमे में था। उस कठिन दौर में राजा ने जनता के साथ खड़े होकर सहानुभूति और एकता का संदेश दिया।
नॉर्वे की सरकार ने उनके निधन के बाद जारी बयान में भी इस पहलू को याद किया। सरकार के अनुसार राजा हाराल्ड ने मुश्किल समय में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिनसे लोगों को एक-दूसरे के करीब आने और देश की सामूहिक शक्ति को समझने में मदद मिली।
उनकी लोकप्रियता का एक कारण उनका लोगों के प्रति सहज व्यवहार भी था। वे केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहने वाले राजा नहीं माने जाते थे। खेल, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों में उनकी रुचि ने भी उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाई। वे नौकायन के शौकीन थे और ओलंपिक प्रतियोगिताओं में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व भी कर चुके थे।
आधुनिक नॉर्वे की राजशाही में अहम योगदान
राजा हाराल्ड के शासनकाल में नॉर्वे की राजशाही ने आधुनिक समाज के साथ तालमेल बनाए रखा। वर्ष 1968 में उन्होंने सोन्या हाराल्डसन से विवाह किया था, जो शाही परिवार से नहीं आती थीं। उस समय यह फैसला नॉर्वे की राजशाही के लिए महत्वपूर्ण माना गया और बाद में रानी सोन्या भी देश की लोकप्रिय शाही हस्तियों में शामिल हुईं।
राजा और रानी की जोड़ी ने दशकों तक सार्वजनिक जीवन में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व किया। उनके परिवार और व्यक्तिगत जीवन को लेकर समय-समय पर चर्चाएं जरूर हुईं, लेकिन राजा हाराल्ड की व्यक्तिगत लोकप्रियता लंबे समय तक मजबूत बनी रही।
दुनिया के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
राजा हाराल्ड के निधन के बाद यूरोप सहित कई देशों के नेताओं और राजपरिवारों ने श्रद्धांजलि दी। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने उन्हें अपना करीबी रिश्तेदार और मित्र बताते हुए उनके लंबे सार्वजनिक जीवन को याद किया। डेनमार्क और स्वीडन के राजपरिवारों ने भी राजा हाराल्ड को एक समर्पित और असाधारण व्यक्तित्व के रूप में याद किया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और यूरोपीय संघ तथा नाटो के शीर्ष अधिकारियों ने भी शोक व्यक्त किया। इन संदेशों में राजा हाराल्ड की सेवा भावना, मानवीय दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उनके योगदान का उल्लेख किया गया।
भारत की ओर से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजा हाराल्ड पंचम के निधन पर दुख जताया। प्रधानमंत्री ने उनसे अपनी मुलाकात को याद करते हुए उनके गर्मजोशी भरे व्यवहार और नॉर्वे की जनता के प्रति उनकी सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने शाही परिवार और नॉर्वे के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
अब हाकोन के हाथों में नॉर्वे की जिम्मेदारी
राजा हाराल्ड के निधन के साथ नॉर्वे के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ है। उनके बेटे हाकोन अब राजा हाकोन अष्टम के रूप में देश की राजगद्दी संभाल चुके हैं। इससे नॉर्वे के शाही परिवार में पीढ़ीगत बदलाव भी औपचारिक रूप से सामने आया है।
नॉर्वे में राजा की भूमिका मुख्य रूप से संवैधानिक और औपचारिक है, लेकिन राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के तौर पर इसका विशेष महत्व है। ऐसे में नए राजा हाकोन के सामने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने और बदलते समय में राजशाही के प्रति जनता के विश्वास को बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
देश में शोक का माहौल
राजा हाराल्ड के निधन के बाद नॉर्वे में राष्ट्रीय शोक का माहौल है। सरकारी संस्थानों और राजपरिवार की ओर से उनके लंबे सार्वजनिक जीवन को सम्मान के साथ याद किया जा रहा है। नॉर्वे के सशस्त्र बलों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके निधन को देश तथा सेना के लिए बड़ी क्षति बताया।
राजा हाराल्ड पंचम की विरासत को केवल उनके 35 वर्ष के शासनकाल से नहीं मापा जाएगा। उन्होंने कठिन राष्ट्रीय परिस्थितियों में जनता के साथ खड़े होकर, अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करते हुए और बदलते सामाजिक परिवेश के साथ राजशाही को जोड़ते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। अब उनके निधन के बाद नॉर्वे एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां राजा हाकोन अष्टम अपने पिता की जिम्मेदारियों और विरासत को आगे बढ़ाएंगे।
निष्कर्ष: राजा हाराल्ड पंचम का निधन नॉर्वे के लिए एक युग का अंत है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित दुनिया के अनेक नेताओं की संवेदनाएं बताती हैं कि उनका प्रभाव नॉर्वे की सीमाओं तक सीमित नहीं था। तीन दशकों से अधिक समय तक देश की सेवा करने वाले राजा हाराल्ड को उनकी गर्मजोशी, विनम्रता, एकता की भावना और सार्वजनिक जीवन में समर्पण के लिए लंबे समय तक याद किया जाएगा।
