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झांसी में बुजुर्ग दंपती की संदिग्ध मौत से सनसनी, कई दिनों बाद घर में मिले शव; किरायेदार की तलाश में पुलिस

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में एक बुजुर्ग दंपती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। कई दिनों तक घर से किसी तरह की गतिविधि नहीं दिखने और परिजनों से संपर्क नहीं होने के बाद जब बेटे ने घर पहुंचकर स्थिति देखी तो उसके होश उड़ गए। घर के भीतर दंपती मृत अवस्था में मिले। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी।

मृतकों की पहचान करीब 70 वर्षीय विश्वनाथ और उनकी लगभग 65 वर्षीय पत्नी भुवन देवी के रूप में बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों अपने घर में रह रहे थे। पिछले कुछ दिनों से बेटे जगपाल का अपने माता-पिता से संपर्क नहीं हो पा रहा था। लगातार फोन करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसे अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद वह घर पहुंचा।

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कई दिनों से बंद था घर

बताया जा रहा है कि घर का दरवाजा बंद था। काफी प्रयास के बाद जगपाल ने घर के भीतर जाकर देखा तो उसके माता-पिता मृत मिले। घर के अंदर सामान भी बिखरा हुआ बताया गया। इस स्थिति को देखकर परिजनों को मामला सामान्य मौत का नहीं लगा और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर को अपने कब्जे में लिया और प्रारंभिक जांच शुरू की। घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।

बेटे ने जताई अनहोनी की आशंका

मृतक दंपती के बेटे जगपाल ने मामले में किसी तरह की साजिश या वारदात की आशंका जताई है। उसका कहना है कि घर की स्थिति और माता-पिता से कई दिनों तक संपर्क नहीं होने के कारण उसे संदेह है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ हो सकता है।

परिजनों की ओर से लूटपाट की आशंका भी व्यक्त की गई है। हालांकि पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस फिलहाल घटनास्थल से मिले तथ्यों, परिवार के बयानों और अन्य परिस्थितियों को जोड़कर मामले की पड़ताल कर रही है।

किरायेदार की भूमिका को लेकर भी उठे सवाल

जांच के दौरान एक किरायेदार का नाम भी सामने आया है। परिवार की ओर से बताया गया कि सतेंद्र नामक किरायेदार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और वह फिलहाल संपर्क में नहीं है। बेटे जगपाल ने भी उसके लापता होने को लेकर संदेह व्यक्त किया है।

हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किरायेदार की भूमिका अभी पुलिस जांच में साबित नहीं हुई है। वह घटना में शामिल है या नहीं, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस उसके संभावित ठिकाने और मोबाइल फोन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

चार से छह दिन पुरानी बताई जा रही घटना

पुलिस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, दंपती की मौत घटना के समय से करीब चार से छह दिन पहले हुई हो सकती है। लंबे समय तक शव घर के भीतर रहने के कारण उनकी स्थिति ऐसी हो गई थी कि मौके पर केवल बाहरी निरीक्षण से मौत का कारण स्पष्ट करना मुश्किल था।

इसी वजह से पुलिस ने पोस्टमार्टम को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मौत किस वजह से हुई और क्या किसी प्रकार की चोट या अन्य परिस्थिति इसकी वजह बनी।

फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके का निरीक्षण किया। घर के अंदर मौजूद सामान, आसपास की परिस्थितियों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की गई। बताया गया कि घटनास्थल पर एक तौलिया भी मिला, जिस पर खून के निशान होने की बात सामने आई है।

पुलिस ऐसे प्रत्येक साक्ष्य की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय घर के अंदर क्या परिस्थितियां थीं। फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य जांच परिणाम सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

मोबाइल गतिविधियों की भी होगी जांच

पुलिस अब उस किरायेदार सहित उन लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिनका घटना से किसी भी रूप में संबंध हो सकता है। मोबाइल फोन की गतिविधियों, संपर्कों और संभावित लोकेशन से भी जांच में मदद मिलने की संभावना है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दंपती से आखिरी बार कब संपर्क हुआ था, उनके घर पर आखिरी बार कौन आया था और घटना के आसपास के दिनों में इलाके में कौन-कौन लोग सक्रिय थे। आसपास लगे कैमरों की उपलब्धता होने पर उनकी रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा बन सकती है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया है और विभिन्न संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बुजुर्ग दंपती की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के बाद घर में क्या हुआ। इसके अलावा कई दिनों तक किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का अहम बिंदु है।

इलाके में चिंता का माहौल

बुजुर्ग दंपती की इस तरह मौत की खबर से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। पड़ोसियों के बीच भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच के निष्कर्ष का इंतजार करने की अपील की है।

फिलहाल मामले की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच, मोबाइल गतिविधियों और पुलिस की पूछताछ से सुलझने की उम्मीद है। किरायेदार सतेंद्र का पता लगाने की कोशिश भी जांच का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि विश्वनाथ और भुवन देवी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, किसी दुर्घटना का परिणाम थी या इसके पीछे कोई आपराधिक घटना थी।

पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। फिलहाल परिवार और स्थानीय लोगों की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के अगले चरण पर टिकी हुई है।

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