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श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत को बड़ा झटका, 77 रन पर रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल; गिल ने संभाली पारी

भारत और श्रीलंका के बीच गाले में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने मजबूत शुरुआत की, लेकिन दिन के अंतिम सत्र में केएल राहुल के रिटायर्ड हर्ट होने से भारतीय खेमे की चिंता बढ़ गई। राहुल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 77 रन की नाबाद पारी खेली थी, लेकिन मांसपेशियों में ऐंठन और हाथों में परेशानी महसूस होने के बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। उनकी जगह शुभमन गिल बल्लेबाजी के लिए उतरे और देवदत्त पडिक्कल के साथ भारतीय पारी को आगे बढ़ाया।

राहुल और पडिक्कल ने संभाली भारतीय पारी

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआती झटका यशस्वी जायसवाल के रूप में लगा। जायसवाल 32 रन बनाकर रन आउट हो गए। इसके बाद भारतीय पारी को संभालने की जिम्मेदारी केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने उठाई।

दोनों बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया और दूसरे विकेट के लिए शानदार साझेदारी की। दिन के दूसरे सत्र में दोनों ने बिना किसी जल्दबाजी के बल्लेबाजी की और धीरे-धीरे भारतीय स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। श्रीलंका के गेंदबाजों को पिच से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही थी, जिसका भारतीय बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया।

पडिक्कल को इस मुकाबले में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला। वह चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में आए और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाया। पडिक्कल ने स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अपने पैरों का बेहतरीन इस्तेमाल किया और लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया।

दूसरी ओर राहुल ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए श्रीलंकाई आक्रमण को शांत तरीके से खेला। उन्होंने खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजने के साथ-साथ रक्षात्मक बल्लेबाजी में भी धैर्य दिखाया।

150 रन की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया

केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल के बीच दूसरे विकेट के लिए 150 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को शुरुआती झटके से उबरने में मदद की। दोनों बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा और भारत को बड़े स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया।

पडिक्कल ने अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद भी आक्रामक रवैया बनाए रखा, जबकि राहुल ने दूसरे छोर पर पारी को स्थिरता प्रदान की। राहुल ने 43वें ओवर में श्रीलंका के गेंदबाज केशरा नुवंथा की गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया।

राहुल की बल्लेबाजी में खास बात यह रही कि उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल को बदला। वह एक ओर रनों की गति बनाए रखने में सफल रहे, वहीं दूसरी ओर जोखिम भरे शॉट खेलने से भी बचे।

ऐंठन के कारण राहुल को छोड़ना पड़ा मैदान

दिन के अंतिम सत्र से पहले जब राहुल 77 रन पर नाबाद थे, तब वह बल्लेबाजी के लिए दोबारा मैदान में आए। हालांकि कुछ ही समय बाद उनके शरीर में ऐंठन की समस्या दिखाई देने लगी। उन्हें दाहिने हाथ में परेशानी महसूस हुई और बाद में बाएं हाथ में भी दर्द जैसा नजर आया।

राहुल मैदान पर असहज दिखाई दिए और उनकी चाल में भी परेशानी नजर आई। स्थिति को देखते हुए उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। उनके मैदान छोड़ने के साथ ही पडिक्कल के साथ उनकी 150 रन की साझेदारी समाप्त हो गई।

राहुल के बाहर जाने के बाद शुभमन गिल क्रीज पर पहुंचे। गिल ने पडिक्कल के साथ भारतीय पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली। भारतीय टीम ने अपनी पारी को 197 रन पर एक विकेट से आगे बढ़ाया।

पडिक्कल ने दिखाया आत्मविश्वास

देवदत्त पडिक्कल ने इस मुकाबले में मिले अवसर का भरपूर फायदा उठाया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने शुरुआत से ही सकारात्मक क्रिकेट खेला। श्रीलंका के स्पिनरों के खिलाफ उन्होंने आगे बढ़कर शॉट लगाए और गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की।

उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और आक्रामकता का संतुलन देखने को मिला। एक मौके पर श्रीलंकाई गेंदबाज असिथा फर्नांडो की गेंद पर पडिक्कल के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील भी हुई। श्रीलंका ने रिव्यू नहीं लिया और बाद में गेंद की दिशा से संकेत मिला कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से निकल जाती।

पडिक्कल ने इसके बाद भी अपना ध्यान बल्लेबाजी पर केंद्रित रखा और अपना स्कोर लगातार बढ़ाया। दिन के अंत तक वह 84 रन बनाकर नाबाद रहे।

श्रीलंका के गेंदबाजों को नहीं मिला पर्याप्त फायदा

गाले की पिच पर श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें लगातार विकेट हासिल करने में सफलता नहीं मिली। असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या ने कुछ मौकों पर भारतीय बल्लेबाजों के सामने चुनौती जरूर रखी, लेकिन भारत ने ज्यादातर समय नियंत्रण बनाए रखा।

श्रीलंका की कोशिश थी कि गेंदबाजों के जरिए भारतीय बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाया जाए। हालांकि राहुल और पडिक्कल की साझेदारी ने मेजबान टीम की रणनीति को काफी हद तक कमजोर कर दिया।

भारतीय बल्लेबाजों ने खराब गेंदों को सजा दी और अच्छी गेंदों का सम्मान करते हुए विकेट बचाए। यही वजह रही कि भारत ने दिन के दूसरे सत्र में तेजी से रन जोड़ते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली।

गिल के कंधों पर अब बड़ी जिम्मेदारी

केएल राहुल के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद शुभमन गिल पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है। गिल को पडिक्कल के साथ पारी को आगे बढ़ाना होगा और भारतीय टीम के स्कोर को बड़े लक्ष्य की दिशा में ले जाना होगा।

राहुल की चोट कितनी गंभीर है, यह आगे की स्थिति पर निर्भर करेगा। टेस्ट क्रिकेट में लंबी पारी खेलने वाले बल्लेबाज के लिए फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में भारतीय टीम प्रबंधन निश्चित रूप से राहुल की स्थिति पर नजर रखेगा।

अगर राहुल दोबारा बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध होते हैं तो भारत की बल्लेबाजी को और मजबूती मिल सकती है। वहीं उनकी अनुपस्थिति में मध्यक्रम के अन्य खिलाड़ियों को भी अपनी भूमिका बढ़ानी पड़ सकती है।

पहले दिन भारत का दबदबा

पहले दिन के खेल के आधार पर भारत ने श्रीलंका के खिलाफ मजबूत स्थिति बना ली है। शुरुआती विकेट गंवाने के बाद राहुल और पडिक्कल की साझेदारी ने टीम को संभाल लिया। दूसरे सत्र में भारत ने 96 रन जोड़े और बिना कोई अतिरिक्त विकेट गंवाए अपनी स्थिति मजबूत की।

दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि भारतीय बल्लेबाजों का संयम रहा। राहुल ने 77 रन बनाकर टीम को स्थिरता दी, जबकि पडिक्कल 84 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे। राहुल के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें उनकी फिटनेस पर रहेंगी।

कुल मिलाकर, पहले टेस्ट के शुरुआती दिन भारत ने बल्लेबाजी में अपना दबदबा कायम किया है। हालांकि टेस्ट मैच अभी लंबा है और श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज आने वाले दिनों में मुकाबले का रुख बदलने की कोशिश करेंगे। भारत के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यह होगी कि बल्लेबाज इस मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलें और राहुल की फिटनेस को लेकर स्थिति जल्द साफ हो।

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