Site icon HIT AND HOT NEWS

NEET-PG 2026 परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी से मचा हंगामा, जयपुर केंद्र पर अभ्यर्थियों का विरोध; 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा

जयपुर। राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-PG 2026 के दौरान जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी समस्याओं के कारण अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परीक्षा के दौरान सिस्टम बार-बार बंद होने, बिजली आपूर्ति में व्यवधान और कंप्यूटर सिस्टम के क्रैश होने की शिकायतों के बाद परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परेशान अभ्यर्थियों ने केंद्र की व्यवस्थाओं और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया।

बताया गया कि प्रभावित केंद्र जयपुर स्थित iON Digital Zone था। अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षा शुरू होने के बाद कंप्यूटर सिस्टम में लगातार तकनीकी दिक्कतें आने लगीं। कई उम्मीदवारों का कहना था कि उनके द्वारा हल किए गए प्रश्नों और परीक्षा की प्रगति पर बार-बार असर पड़ा। कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया कि सिस्टम कई बार बंद हुआ और उन्हें परीक्षा के दौरान अपनी प्रगति दोबारा संभालनी पड़ी।

बार-बार सिस्टम क्रैश होने से परेशान हुए अभ्यर्थी

NEET-PG जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी अभ्यर्थी लंबे समय तक करते हैं। कई उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा मेडिकल करियर में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर होती है। ऐसे में परीक्षा के बीच तकनीकी खराबी सामने आने से उनकी चिंता बढ़ गई।

वीडियो में मौजूद अभ्यर्थियों के मुताबिक, परीक्षा के दौरान सिस्टम में कई बार बिजली से जुड़ी समस्या आई। कंप्यूटर बंद होने और दोबारा शुरू होने जैसी परिस्थितियों के कारण परीक्षा का सामान्य प्रवाह प्रभावित हुआ। कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया कि उन्हें कम से कम पांच से सात बार तक परीक्षा की प्रक्रिया बाधित होने का सामना करना पड़ा।

अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्होंने लंबे समय तक पढ़ाई और तैयारी की थी, लेकिन परीक्षा केंद्र की तकनीकी व्यवस्था में आई खराबी के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित होने का डर पैदा हो गया। परीक्षा के दौरान समय और मानसिक दबाव दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में बार-बार सिस्टम रुकने से उम्मीदवारों के तनाव में और बढ़ोतरी हुई।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल

तकनीकी अव्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कुछ अभ्यर्थियों ने गंभीर सवाल उठाए। वीडियो में उम्मीदवारों ने दावा किया कि सिस्टम में समस्या आने के बाद कथित तौर पर कुछ सुरक्षा व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं। इनमें जैमर और निगरानी कैमरों से संबंधित दावे भी सामने आए।

कुछ उम्मीदवारों का आरोप था कि परीक्षा के दौरान जैमर बंद होने और कैमरों की निगरानी प्रभावित होने की स्थिति बनी। इसी आधार पर कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अनुचित गतिविधियों की आशंका जताई। हालांकि, इन दावों को अलग-अलग स्तर पर जांचे जाने की आवश्यकता है और केवल उम्मीदवारों के आरोपों के आधार पर पेपर लीक या किसी अनियमितता की पुष्टि नहीं की जा सकती।

कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी दावा किया कि तकनीकी व्यवधान के दौरान उम्मीदवार एक-दूसरे से बातचीत कर पा रहे थे और प्रश्नों पर चर्चा की संभावना बनी। इस घटनाक्रम ने परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी।

एक साल की तैयारी पर असर पड़ने की चिंता

NEET-PG की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा सिर्फ एक सामान्य टेस्ट नहीं होती। इसके लिए कई उम्मीदवार महीनों और वर्षों तक मेहनत करते हैं। मेडिकल शिक्षा के अगले चरण में प्रवेश और विशेषज्ञता के विकल्प काफी हद तक परीक्षा के प्रदर्शन से जुड़े होते हैं।

जयपुर केंद्र पर मौजूद कई अभ्यर्थियों ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने लगभग एक साल तक परीक्षा की तैयारी की थी। उनका कहना था कि परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्या आने से उन्हें यह डर सताने लगा कि उनकी मेहनत और भविष्य का अवसर प्रभावित हो सकता है।

परीक्षा केंद्र पर मौजूद उम्मीदवारों ने केंद्र कर्मचारियों से स्थिति स्पष्ट करने और समस्या का समाधान करने की मांग की। कुछ अभ्यर्थियों ने व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।

NBEMS ने माना आंतरिक बिजली समस्या का मामला

वीडियो के अनुसार, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) की ओर से प्रभावित परीक्षा केंद्र पर आंतरिक बिजली संबंधी समस्या की जानकारी सामने आई। इसके बाद प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।

बताया गया है कि प्रभावित उम्मीदवारों की पुनर्परीक्षा 5 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। दोबारा परीक्षा कराने का फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

पुनर्परीक्षा का उद्देश्य प्रभावित उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि तकनीकी खराबी के कारण किसी अभ्यर्थी के परिणाम पर अनुचित प्रभाव न पड़े। हालांकि, इस घटनाक्रम के बाद परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी सामने आए हैं।

परीक्षा केंद्रों की तकनीकी व्यवस्था पर ध्यान जरूरी

NEET-PG जैसी राष्ट्रीय स्तर की कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में तकनीकी बुनियादी ढांचा बेहद महत्वपूर्ण होता है। कंप्यूटर सिस्टम, बिजली आपूर्ति, नेटवर्क, सर्वर, बैकअप पावर और निगरानी व्यवस्था का सही तरीके से काम करना परीक्षा की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है।

एक छोटे तकनीकी व्यवधान का असर किसी सामान्य परीक्षा में सीमित हो सकता है, लेकिन उच्च प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षा में इसका प्रभाव काफी बड़ा हो सकता है। परीक्षा के दौरान कुछ मिनटों का व्यवधान भी अभ्यर्थी की एकाग्रता और समय प्रबंधन को प्रभावित कर सकता है।

इसीलिए परीक्षा केंद्रों पर मुख्य बिजली आपूर्ति के साथ पर्याप्त बैकअप व्यवस्था, वैकल्पिक तकनीकी सिस्टम और प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी सिस्टम की विस्तृत जांच भी की जानी चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता भी अहम

तकनीकी समस्या के अलावा परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद संवेदनशील विषय है। जैमर, सीसीटीवी कैमरे, सर्वर मॉनिटरिंग और अन्य सुरक्षा प्रणालियां परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

जयपुर की घटना के बाद उम्मीदवारों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जरूरत है। यदि किसी सुरक्षा प्रणाली में वास्तव में तकनीकी कारणों से व्यवधान आया था, तो इसकी स्पष्ट जानकारी संबंधित अधिकारियों द्वारा दी जानी चाहिए। वहीं, यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

यह भी महत्वपूर्ण है कि पेपर लीक जैसे गंभीर आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही की जाए। किसी भी परीक्षा में अफवाह और तथ्य के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि इससे हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा बड़ी राहत

5 सितंबर को प्रस्तावित पुनर्परीक्षा उन प्रभावित उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगी। अभ्यर्थियों की अपेक्षा होगी कि इस बार परीक्षा केंद्र पर तकनीकी व्यवस्था पूरी तरह स्थिर रहे और उन्हें बिना किसी बाधा के परीक्षा देने का अवसर मिले।

साथ ही, परीक्षा एजेंसियों के लिए भी यह घटना एक महत्वपूर्ण सीख है। भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए परीक्षा केंद्रों का तकनीकी ऑडिट, बिजली बैकअप की जांच और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल मजबूत किए जाने की जरूरत है।

निष्कर्ष

जयपुर के iON Digital Zone में NEET-PG 2026 परीक्षा के दौरान सामने आई तकनीकी समस्या ने कंप्यूटर आधारित राष्ट्रीय परीक्षाओं की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर गंभीर चर्चा को जन्म दिया है। सिस्टम क्रैश और बिजली संबंधी व्यवधान के कारण अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव और परीक्षा प्रक्रिया में बाधा का सामना करना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगाए गए दावों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

NBEMS द्वारा प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर 2026 को पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय तत्काल राहत प्रदान करता है। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि पुनर्परीक्षा पूरी तरह सुचारु, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित हो।

ऐसी घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए केवल प्रश्नपत्र और परीक्षा प्रक्रिया तैयार करना पर्याप्त नहीं है। मजबूत तकनीकी ढांचा, भरोसेमंद बिजली बैकअप, प्रभावी निगरानी और स्पष्ट आपातकालीन व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षा में छोटी-सी तकनीकी चूक भी बड़ा प्रभाव डाल सकती है। इसलिए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना परीक्षा संचालन से जुड़े संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

Exit mobile version