भुवनेश्वर/खोरधा: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इनमें भारत के कई नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल हैं। ओडिशा के खोरधा जिले के एक परिवार की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले संदीप महापात्र और उनकी पत्नी सिद्धार्थी कुमारी साहू से आपदा के बाद संपर्क नहीं हो पाया है।
22 अगस्त को नेपाल पहुंचे थे
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खोरधा जिले से जुड़े संदीप महापात्र और सिद्धार्थी कुमारी साहू वर्ष 2018 से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे थे। दोनों 22 अगस्त को नेपाल पहुंचे थे और कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर जाने की योजना थी।
परिवार के मुताबिक, संदीप ने 25 अगस्त की शाम नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास बस से यात्रा करते समय अपने परिजनों से बातचीत की थी। इसके बाद उनसे संपर्क टूट गया।
बाढ़ और भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किल
नेपाल के तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में आई अचानक बाढ़ ने सड़क, पुल और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। भोटे कोशी नदी क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए गए हैं।
आपदा के कारण नेपाल के कई हिस्सों में बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चल रहा है। लगातार खराब मौसम और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण राहत टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं।
130 से अधिक भारतीयों के लापता होने की जानकारी
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल में आई बाढ़ के बाद 133 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु शामिल हैं। इसके अलावा 37 एनआरआई के भी संपर्क में नहीं होने की जानकारी दी गई है।
नेपाल के प्रभावित इलाकों में भारत समेत कई देशों के पर्यटक और श्रद्धालु फंसे हुए हैं। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की सही स्थिति का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
परिवारों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
नेपाल में संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण भारत में कई परिवार अपने परिजनों की जानकारी के लिए सरकार और प्रशासन से मदद मांग रहे हैं। ओडिशा में भी लापता लोगों के परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
भारत सरकार नेपाल के अधिकारियों के साथ संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने तथा सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास ने भी प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था सक्रिय की है।
कैलाश मानसरोवर मार्ग पर भी पड़ा असर
नेपाल में आई बाढ़ का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े मार्गों पर भी पड़ा है। कई यात्री सीमा क्षेत्र में फंस गए हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। रिपोर्टों के अनुसार, लापता भारतीयों में कम से कम 59 लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े थे।
इस स्थिति ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
हेलीकॉप्टर और सुरक्षा बलों से जारी बचाव अभियान
नेपाल में बचाव एवं राहत कार्य के लिए सुरक्षा बलों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने और लापता लोगों की तलाश करने में जुटे हैं।
भारत की ओर से भी नेपाल को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के कदम उठाए गए हैं। भारतीय अधिकारी नेपाल सरकार के साथ समन्वय करके प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटा रहे हैं।
परिवारों को अब सुरक्षित वापसी की उम्मीद
संदीप महापात्र और सिद्धार्थी कुमारी साहू के परिवार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता उनके सुरक्षित होने की जानकारी मिलना है। संपर्क टूटने की वजह आपदा के कारण संचार व्यवस्था बाधित होना भी हो सकती है, इसलिए परिवार और प्रशासन दोनों उनकी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।
नेपाल में राहत एवं खोज अभियान जारी है। ऐसे में लापता भारतीय नागरिकों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी सरकार तथा बचाव एजेंसियों की प्राथमिकता बनी हुई है।
निष्कर्ष
नेपाल की भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने सैकड़ों परिवारों को चिंता में डाल दिया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लापता होने की खबरों के बीच ओडिशा के खोरधा जिले से जुड़े संदीप महापात्र और सिद्धार्थी कुमारी साहू के परिवार भी उनके सुरक्षित होने की खबर का इंतजार कर रहे हैं। बचाव अभियान जारी है और प्रभावित लोगों की स्थिति स्पष्ट करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
