
अमृत पाल सिंह बहराइच
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
दिनांक 15 अगस्त 2026
बहराइच/सुजौली। टपरा बाजार, सुजौली स्थित फूल मति शिक्षण संस्थान में 15 अगस्त के अवसर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों, संस्था के पदाधिकारियों, ग्राम प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह से ही विद्यालय का वातावरण राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत नजर आया। तिरंगे की सजावट, विद्यार्थियों की तैयारियां और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों ने समारोह को विशेष बना दिया।
राष्ट्रीय पर्व के इस आयोजन का उद्देश्य केवल स्वतंत्रता दिवस मनाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में देश के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी, अनुशासन और सामाजिक कर्तव्यों की भावना को मजबूत करना भी रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के महान सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया।
ध्वजारोहण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण के साथ हुई। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ग्राम प्रधान राजेश गुप्ता जी ने संस्था के प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार जी तथा प्रधानाचार्य उमेश कुमार जी की मौजूदगी में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया, विद्यालय परिसर में मौजूद लोगों ने सम्मानपूर्वक राष्ट्रध्वज को सलामी दी।
ध्वजारोहण के बाद सभी उपस्थित लोगों ने समवेत स्वर में राष्ट्रगान गाया। राष्ट्रगान के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम स्थल देशभक्ति के नारों से गूंज उठा और उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ राष्ट्रीय पर्व की खुशी व्यक्त की।
ग्राम प्रधान राजेश गुप्ता जी ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
शिक्षा और समाज सेवा के संकल्प को दोहराया
समारोह के दौरान विद्यालय के प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार जी ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले वीरों को स्मरण करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी के सामने देश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की भूमिका केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की जानकारी देने तक सीमित नहीं होती। विद्यालय विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण केंद्र होता है। बच्चों में अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी, सहयोग की भावना और राष्ट्र के प्रति सम्मान विकसित करना भी शिक्षा का अहम उद्देश्य है।
प्रबंधक ने संस्था की ओर से शिक्षा और समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने और अपनी प्रतिभा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्य ने अनुशासन और राष्ट्रीय मूल्यों पर दिया जोर
विद्यालय के प्रधानाचार्य उमेश कुमार जी ने कार्यक्रम के सफल संचालन और संयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल अधिकारों का आनंद लेना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों को समझना भी है। विद्यार्थियों को देश, समाज, परिवार और विद्यालय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। उन्होंने अनुशासन को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने और निरंतर अध्ययन के माध्यम से आगे बढ़ने का संदेश दिया।
प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और सहयोगियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां
ध्वजारोहण और संबोधन के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविताएं, भाषण और नृत्य के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस की भावना को जीवंत किया।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में देश के प्रति प्रेम, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्रीय एकता का संदेश देखने को मिला। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों को देखकर विद्यालय परिसर में मौजूद अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने तालियों के माध्यम से उनका उत्साह बढ़ाया।
कुछ विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व और देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को मनोरंजक और भावनात्मक दोनों बना दिया। बच्चों की तैयारियों और प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाता है।
ग्राम प्रधान ने ग्रामीण शिक्षा को बताया महत्वपूर्ण
मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान राजेश गुप्ता जी ने अपने संबोधन में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार को देश की मजबूती से जोड़ते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षा की पहुंच मजबूत होने से नई पीढ़ी को बेहतर अवसर मिल सकते हैं। ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे भी विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
उन्होंने विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह की सराहना की और विद्यार्थियों से देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की। साथ ही उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षक समाज के मार्गदर्शक होते हैं।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान पीढ़ी जिस स्वतंत्र वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर रही है, उसके पीछे अनगिनत लोगों का संघर्ष और त्याग रहा है।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वतंत्रता के महत्व को समझें और देश की एकता, अखंडता तथा सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में भी इसका पालन किया जाना चाहिए।
मिठाई वितरण के साथ हुआ समारोह का समापन
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। इसके बाद धन्यवाद ज्ञापन के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह का समापन हुआ। आयोजन में शामिल लोगों ने विद्यालय परिवार की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
फूल मति शिक्षण संस्थान का यह आयोजन टपरा बाजार और सुजौली क्षेत्र के लिए उत्साह और गौरव का अवसर बना। समारोह ने विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व विद्यालयों में बच्चों को देश के इतिहास और वर्तमान जिम्मेदारियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। फूल मति शिक्षण संस्थान में आयोजित यह समारोह भी इसी भावना का उदाहरण रहा, जहां तिरंगे के सम्मान से लेकर विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक हर गतिविधि में राष्ट्रप्रेम की झलक दिखाई दी। आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और संस्कार के माध्यम से तैयार होने वाली नई पीढ़ी ही भविष्य के भारत को अधिक मजबूत और जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
