अबसार खान रामपुर
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
दिनांक 29 अगस्त 2026
रामपुर, 29 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत रामपुर जनपद में शनिवार को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कानूनी अधिकारों, सरकारी सहायता सेवाओं, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध पुलिस सहायता के बारे में जानकारी देना रहा।
अभियान के दौरान जनपद स्तरीय महिला सुरक्षा दल और विभिन्न थानों की महिला सुरक्षा टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद किया। टीमों ने उन्हें समझाया कि किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करना जरूरी है। पुलिस की ओर से महिलाओं को यह भरोसा भी दिलाया गया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं को उनके अधिकारों की दी गई जानकारी
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा टीमों ने महिलाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं को घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, पीछा किए जाने, सार्वजनिक स्थानों पर अभद्र व्यवहार और ऑनलाइन माध्यम से परेशान किए जाने जैसी परिस्थितियों में सहायता मांगने का पूरा अधिकार है।
जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं को यह भी बताया गया कि अपराध की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाने से कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है। टीमों ने महिलाओं और किशोरियों से बातचीत करते हुए उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाने और किसी भी दबाव में आकर शिकायत वापस न लेने के महत्व के बारे में समझाया।
हेल्पलाइन नंबरों को लेकर किया गया जागरूक
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देना रहा। महिला सुरक्षा टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को बताया कि संकट की स्थिति में सरकारी हेल्पलाइन का इस्तेमाल किस प्रकार किया जा सकता है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रूप से 1090 महिला शक्ति हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन पुलिस सहायता सेवा और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में जानकारी साझा की गई। टीमों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर संबंधित सेवा का उपयोग कर सहायता मांगी जा सकती है।
पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को सलाह दी कि वे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों को अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रखें। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे बच्चों और किशोरियों को इन सहायता सेवाओं की जानकारी दें, ताकि किसी अप्रिय परिस्थिति में वे घबराने के बजाय उचित मदद ले सकें।
पंपलेट और कॉमिक्स के माध्यम से आसान तरीके से समझाई सुरक्षा
महिला सुरक्षा से जुड़े संदेशों को अधिक प्रभावी और सरल बनाने के लिए अभियान के दौरान जागरूकता सामग्री का वितरण भी किया गया। महिलाओं और बालिकाओं को पंपलेट, कॉमिक्स तथा अन्य सूचनात्मक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
इन सामग्रियों में सुरक्षा से जुड़े विषयों को आसान भाषा और उदाहरणों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया। इसका उद्देश्य यह था कि महिलाएं कानूनी प्रावधानों और सहायता सेवाओं को केवल औपचारिक जानकारी के रूप में न देखें, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग भी कर सकें।
पुलिस टीमों ने विशेष रूप से घरेलू हिंसा और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार सामान्य बात नहीं है और ऐसी घटनाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना जरूरी है।
साइबर अपराध से बचाव पर भी जोर
आज के डिजिटल दौर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल घर या सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर भी जागरूकता आवश्यक हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए रामपुर पुलिस की महिला सुरक्षा टीमों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
टीमों ने महिलाओं को सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता मजबूत रखने, अनजान लोगों से ऑनलाइन बातचीत में सावधानी बरतने और संदिग्ध लिंक या संदेशों पर प्रतिक्रिया देने से बचने की सलाह दी। ऑनलाइन पीछा करने, लगातार परेशान करने या आपत्तिजनक संदेश भेजने जैसी गतिविधियों को नजरअंदाज करने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया।
महिलाओं को यह भी समझाया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी घटना का सामना होने पर संबंधित संदेश, स्क्रीनशॉट या अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। इससे शिकायत की स्थिति में जांच एजेंसियों को तथ्यों को समझने में मदद मिल सकती है।
आत्मरक्षा और सतर्कता को बताया सुरक्षा का आधार
अभियान के दौरान महिला सुरक्षा टीमों ने आत्मरक्षा की बुनियादी जानकारी और व्यक्तिगत सतर्कता के महत्व पर भी जोर दिया। महिलाओं को बताया गया कि किसी भी परिस्थिति में सबसे पहले अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
पुलिस कर्मियों ने सार्वजनिक स्थानों पर आसपास की गतिविधियों पर ध्यान रखने, आवश्यकता पड़ने पर भरोसेमंद लोगों से सहायता लेने और संकट के समय तुरंत पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। बालिकाओं को विशेष रूप से यह संदेश दिया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें लगातार परेशान करता है या डराने की कोशिश करता है तो इसकी जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को देनी चाहिए।
शिकायत करने में झिझक छोड़ने की अपील
महिला सुरक्षा अभियान के दौरान पुलिस ने महिलाओं से शिकायत दर्ज कराने में होने वाली झिझक को दूर करने का प्रयास किया। टीमों ने कहा कि अपराध या उत्पीड़न को सहन करना समस्या का समाधान नहीं है। समय रहते शिकायत करने से पीड़ित को सहायता मिल सकती है और संभावित रूप से आगे होने वाली घटनाओं को रोकने में भी मदद मिल सकती है।
पुलिस की ओर से महिलाओं को उनकी शिकायतों की गोपनीयता के प्रति भी आश्वस्त किया गया। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को अपनी समस्या बताने से डरना नहीं चाहिए और किसी भी गंभीर परिस्थिति में पुलिस सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
लगातार जारी रहेगा जागरूकता अभियान
मिशन शक्ति के तहत आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य समाज में महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और समानता की भावना को मजबूत करना है। पुलिस की महिला सुरक्षा टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर जागरूकता संदेश पहुंचा रही हैं।
रामपुर में चलाए गए इस अभियान से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी मिलने और सहायता सेवाओं तक आसान पहुंच बनने से वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी समस्याओं का सामना कर सकती हैं।
मिशन शक्ति के माध्यम से रामपुर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें, किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को सामान्य न मानें और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं का उपयोग करें। अभियान का मूल संदेश यही रहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर सहायता लेना महिला सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
