
रिपोर्ट: पंकज त्रिपाठी, तहसील संवाददाता
प्रकाशन: हिट एंड हॉट न्यूज़
स्थान: मऊ, जनपद चित्रकूट, उत्तर प्रदेश
दिनांक: 21 अगस्त 2026
चित्रकूट, मऊ। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम पहचान मानी जाती है। इसी क्रम में चित्रकूट जिले के मऊ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान संवाददाता पंकज त्रिपाठी ने सहयोगी आशीष त्रिपाठी के साथ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. हारुल से विशेष बातचीत की और अस्पताल में संचालित सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
अधीक्षक ने बातचीत के दौरान बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊ में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, ओपीडी सहित विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं संचालित हैं। उनका कहना है कि मरीजों को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सामान्य और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से दूर के अस्पतालों का रुख न करना पड़े।
24 घंटे उपलब्ध है इमरजेंसी सेवा
सीएचसी मऊ में आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे इमरजेंसी सेवा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। किसी भी दुर्घटना, अचानक तबीयत बिगड़ने या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में मरीज अस्पताल पहुंचकर प्राथमिक और आवश्यक उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
अधीक्षक डॉ. हारुल ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। इमरजेंसी के साथ नियमित ओपीडी भी संचालित होती है, जहां अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आने वाले मरीजों की जांच और उपचार किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर ऐसी सुविधाओं का उपलब्ध होना काफी महत्वपूर्ण है।
सिजेरियन समेत कई ऑपरेशन की सुविधा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊ में प्रसव संबंधी सेवाओं के साथ आवश्यक ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं। अधीक्षक के अनुसार अस्पताल की चिकित्सकीय टीम द्वारा सिजेरियन डिलीवरी के अलावा हाइड्रोसील, हर्निया जैसे अन्य ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सकीय टीम की क्षमता के अनुसार मरीजों को उपचार देने का प्रयास किया जाता है। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो सकती है।
खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सीएचसी स्तर पर प्रसव और आवश्यक सर्जिकल सेवाओं की उपलब्धता क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए उपयोगी मानी जा सकती है।
बच्चों के इलाज के लिए बड़ी सुविधा
मऊ क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष चौधरी की तैनाती की गई है। अधीक्षक ने बताया कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से अस्पताल में चाइल्ड स्पेशलिस्ट की मांग कर रही थी।
उच्च अधिकारियों के सहयोग से बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती होने के बाद बच्चों से संबंधित बीमारियों के उपचार में स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। बच्चों की स्वास्थ्य समस्याएं कई बार सामान्य बीमारियों से अलग होती हैं और उनके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकती है।
अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि बच्चों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार मिल सके। इससे क्षेत्र के परिवारों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए तुरंत दूसरे शहरों या बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
सर्पदंश के मामलों को लेकर विशेष अपील
बरसात के मौसम में ग्रामीण और खुले क्षेत्रों में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसी को देखते हुए अधीक्षक डॉ. हारुल ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या किसी तरह के अंधविश्वास में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। सीएचसी मऊ में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटी-वेनम की व्यवस्था उपलब्ध होने की जानकारी भी अधीक्षक ने दी।
सर्पदंश को लेकर जागरूकता इसलिए भी जरूरी है क्योंकि शुरुआती समय में सही चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई जगहों पर लोग पारंपरिक उपचार या झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में अस्पताल पहुंचने में देरी मरीज के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।
अधीक्षक की अपील है कि सांप के काटने की घटना को हल्के में न लिया जाए और बिना समय गंवाए चिकित्सा सहायता ली जाए। लोगों को अपने आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों और उपलब्ध आपातकालीन सेवाओं की जानकारी भी रखनी चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बढ़ी उम्मीद
सीएचसी मऊ में विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं के संचालन और बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती से क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। ग्रामीण और कस्बाई आबादी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अक्सर प्राथमिक और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम होता है।
स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सक, इमरजेंसी सेवा, ओपीडी, प्रसव संबंधी सुविधाएं और ऑपरेशन की व्यवस्था उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर उपचार मिलने में मदद मिल सकती है। हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने के लिए चिकित्सकों, दवाओं, जांच सुविधाओं, उपकरणों और अन्य जरूरी संसाधनों की नियमित उपलब्धता भी आवश्यक है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को बेहतर सेवाएं देने पर जोर दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले समय में इन सुविधाओं को और मजबूत किए जाने से मऊ क्षेत्र तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को अधिक लाभ मिल सकता है।
लोगों से जागरूक रहने की अपील
स्वास्थ्य व्यवस्था केवल अस्पतालों और चिकित्सकों की जिम्मेदारी नहीं है। आम लोगों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। बरसात के मौसम में साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल, मच्छरों से बचाव और जहरीले जीव-जंतुओं से सावधानी जैसे विषयों पर लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
विशेष रूप से सर्पदंश की स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता लेना सबसे महत्वपूर्ण संदेश है। किसी भी व्यक्ति को सांप के काटने के बाद घरेलू उपायों या झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तत्काल चिकित्सा केंद्र पहुंचाना चाहिए।
सीएचसी मऊ के अधीक्षक डॉ. हारुल की ओर से दी गई जानकारी क्षेत्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, ओपीडी, सिजेरियन सहित विभिन्न ऑपरेशन और अब बाल रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती से क्षेत्र की जनता को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने का रास्ता मजबूत हुआ है। जरूरत इस बात की है कि लोग उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का सही समय पर उपयोग करें और आपात स्थिति में किसी भी प्रकार की देरी से बचें।
