
अबसार खान रामपुर
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
दिनांक 27 अगस्त 2026
रामपुर (मिलक)। सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज में रक्षाबन्धन पर्व श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक समरसता के वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम ने भाई-बहन के स्नेहपूर्ण संबंध के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परम्परा और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को भी प्रभावी ढंग से सामने रखा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए पर्व की मूल भावना—प्रेम, विश्वास, सम्मान और परस्पर सहयोग—को आत्मसात किया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारम्भ
समारोह की शुरुआत विद्यालय प्रबन्ध समिति के प्रबन्धक सुरेश चन्द्र गंगवार और प्रधानाचार्य आनन्द पाल सिंह द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके की गई। दीप प्रज्वलन के माध्यम से कार्यक्रम में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक विचारों की भावना को प्रमुखता दी गई।
विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस अवसर को केवल एक पारम्परिक कार्यक्रम के रूप में न लेते हुए रक्षाबन्धन के व्यापक सामाजिक संदेश को समझने का प्रयास किया।
विद्यार्थियों को बताया पर्व का महत्व
कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्य महिन्द्र पाल सिंह ने विद्यार्थियों को रक्षाबन्धन की परम्परा और उससे जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय जीवन-पद्धति में रक्षा सूत्र का विशेष महत्व रहा है। रक्षाबन्धन भाई-बहन के रिश्ते में विश्वास और स्नेह को मजबूत करने वाला पर्व है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी से जुड़ी प्रसिद्ध पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को समझाया कि राखी का संबंध केवल भाई की कलाई पर धागा बाँधने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहायता और जिम्मेदारी की भावना निहित है।
मधुर गीत ने बांधा समां
समारोह के दौरान संगीताचार्य शुभम सक्सेना ने बहनों को समर्पित एक मधुर गीत प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम के वातावरण को भावनात्मक बना दिया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से पर्व की खुशियों को साझा किया।
गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर में पारिवारिक वातावरण का अनुभव कराया। इस दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और उमंग देखने को मिली।
बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र
रक्षाबन्धन समारोह का सबसे प्रमुख आकर्षण राखी बाँधने का कार्यक्रम रहा। विद्यालय की बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बाँधकर उनके सुखद और स्वस्थ जीवन की कामना की। भाइयों ने भी बहनों के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें मिठाई खिलाई।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि रिश्तों की वास्तविक मजबूती केवल परम्पराओं को निभाने से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने से आती है।
सरकारी संस्थानों में पहुंचा भाईचारे का संदेश
विद्यालय की छात्राओं ने रक्षाबन्धन को सामाजिक जुड़ाव से जोड़ते हुए नगर के विभिन्न सार्वजनिक संस्थानों का भी भ्रमण किया। छात्राओं ने भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, डाकघर, रेलवे स्टेशन, नगरपालिका, कोतवाली, एसडीएम न्यायालय, सरकारी अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों को राखी बांधी।
इस पहल का उद्देश्य रक्षाबन्धन की भावना को विद्यालय की चारदीवारी से बाहर समाज तक पहुंचाना रहा। छात्राओं की इस पहल ने सार्वजनिक सेवा से जुड़े लोगों के प्रति सम्मान और समाज में आपसी भाईचारे का सकारात्मक संदेश दिया।
प्रबन्धक ने दिया सामाजिक एकता का संदेश
विद्यालय प्रबन्ध समिति के प्रबन्धक सुरेश चन्द्र गंगवार ने विद्यार्थियों को रक्षाबन्धन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व हमें अपने रिश्तों के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र प्रेम, विश्वास और सहयोग का प्रतीक है तथा इसकी भावना पूरे समाज को जोड़ने का कार्य कर सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे भारतीय संस्कृति और परम्पराओं को समझें तथा उनके सकारात्मक मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं।
प्रधानाचार्य ने दी शुभकामनाएँ
समारोह के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य आनन्द पाल सिंह ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय से जुड़े सभी लोगों को रक्षाबन्धन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी परम्पराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और सहयोग की भावना विकसित करते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे आपसी सम्मान, सद्भाव और सहयोग को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाएं।
संस्कृति और संस्कारों से जुड़ा आयोजन
विद्यालय में आयोजित रक्षाबन्धन समारोह की खास बात यह रही कि इसमें पारिवारिक रिश्ते के साथ सामाजिक सरोकार को भी महत्व दिया गया। विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि भारतीय पर्व केवल उत्सव और मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके पीछे समाज को बेहतर बनाने वाले मूल्य भी जुड़े होते हैं।
रक्षाबन्धन के माध्यम से विद्यार्थियों में भाई-बहन के स्नेह, बड़ों के सम्मान, सामाजिक सहयोग और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
निष्कर्ष
सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज, रामपुर (मिलक) में आयोजित रक्षाबन्धन समारोह ने प्रेम, परम्परा और सामाजिक सद्भाव का सुंदर संदेश दिया। विद्यालय परिसर में राखी बांधने से लेकर सार्वजनिक संस्थानों में जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों को रक्षासूत्र बांधने तक, पूरे आयोजन में समाज को जोड़ने की भावना दिखाई दी।
यह समारोह इस बात का उदाहरण बना कि विद्यालय केवल शैक्षणिक ज्ञान देने का स्थान नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों को संस्कृति, मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्षाबन्धन के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा दिया गया भाईचारे और सहयोग का संदेश निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत करने वाला रहा।
