
स्थान: रामनगर, चित्रकूट | संवाददाता: लवलेश कुमार, हिट एंड हॉट न्यूज़
दिनांक 16 अगस्त 2026
सरधुवा/चित्रकूट। सरधुवा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई। मृतका की मां ने ससुराल पक्ष पर बेटी को लगातार प्रताड़ित करने, पैसों की मांग करने और उसकी मौत के बाद शव को जलाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शादी के बाद से ही पैसों की मांग का आरोप
बबेरू निवासी कालिंद्री शुक्ला ने मीडिया को दिए बयान में बताया कि उनकी बेटी की शादी दर्शेंदा गांव निवासी अनिल द्विवेदी के साथ हुई थी। मां का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही बेटी को ससुराल में कथित तौर पर परेशान किया जाने लगा था।
कालिंद्री शुक्ला के मुताबिक, शादी में उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार करीब 7.5 लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद बेटी के ससुराल पक्ष की ओर से समय-समय पर अतिरिक्त पैसों की मांग किए जाने का आरोप है। मां का कहना है कि बेटी की परेशानी को देखते हुए वह कई बार 10 हजार और 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी करती रही थीं।
परिजनों का दावा है कि आर्थिक सहयोग के बावजूद कथित उत्पीड़न का सिलसिला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
तड़के आया फोन, बेटी के जहर खाने की दी गई सूचना
मृतका की मां के अनुसार, घटना वाले दिन तड़के करीब चार बजे उन्हें फोन आया। फोन पर कथित तौर पर बताया गया कि उनकी बेटी ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। अचानक मिली इस सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया।
मां ने इसके बाद एक अन्य गंभीर आरोप लगाया। उनके मुताबिक, लड़की के चाचा बताए जा रहे मनीष द्विवेदी की ओर से कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया और कहा गया कि उनकी बेटी को जला दिया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
मां ने हत्या की जताई आशंका
बेटी की मौत को लेकर मां ने सामान्य मृत्यु मानने से इनकार करते हुए गंभीर संदेह जताया है। उनका आरोप है कि बेटी को कथित रूप से प्रताड़ित किया गया और उसकी मौत के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जलाया गया।
परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि घटना से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
बालू कारोबार से जुड़े होने का भी आरोप
मृतका की मां ने आरोपी पक्ष पर दबंग होने का आरोप लगाते हुए यह भी दावा किया कि उनका संबंध कथित रूप से बालू के कारोबार से है। इसी वजह से परिवार को आशंका है कि स्थानीय स्तर पर प्रभाव के कारण मामले की जांच प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, किसी व्यक्ति को ‘बालू माफिया’ कहना फिलहाल परिजनों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जब तक जांच एजेंसियां इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं करतीं, तब तक आरोपों को तथ्य के रूप में स्थापित नहीं माना जा सकता।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपील
मृतका की मां ने सरधुवा थाने पहुंचकर मामले में शिकायत दर्ज कराने और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और किसी भी प्रभाव या दबाव के बिना सच्चाई सामने लाई जाए।
परिवार की मुख्य मांग है कि विवाहिता की मौत की परिस्थितियों की पूरी जांच हो, घटना से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और यदि किसी की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद साफ होगी मौत की असली वजह
विवाहिता की मौत से जुड़े इस मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम, शिकायत में लगाए गए आरोपों, प्रत्यक्ष या अन्य उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर विवाह के बाद महिलाओं के साथ कथित आर्थिक उत्पीड़न और पारिवारिक दबाव जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामने ला दिया है। अब परिवार और स्थानीय लोगों की नजर पुलिस जांच पर है। परिजनों को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के जरिए घटना की सच्चाई सामने आएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
