
अमरावती में साइबर ठगी और धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को सरकारी योजना के तहत लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली गई। जालसाजों ने सरकारी मदद और आसान ऋण का लालच देकर महिला का भरोसा जीता और धीरे-धीरे उससे कुल ₹9.12 लाख रुपये ऐंठ लिए। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सरकारी योजना का दिखाया सपना, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
जानकारी के अनुसार, अमरावती की रहने वाली महिला को कुछ लोगों ने संपर्क किया और खुद को सरकारी योजना से जुड़े अधिकारी या प्रतिनिधि बताया। आरोपियों ने महिला को भरोसा दिलाया कि उसे सरकार की एक विशेष योजना के तहत बड़ी रकम का लोन आसानी से मिल सकता है।
जालसाजों ने महिला को कम ब्याज दर, आसान किस्तों और सरकारी सहायता जैसी बातों का लालच दिया। उनकी बातों में आकर महिला ने लोन प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर जरूरी दस्तावेज और जानकारी साझा कर दी।
फीस और प्रोसेसिंग के नाम पर ऐंठे लाखों रुपये
ठगों ने महिला से कहा कि लोन मंजूर कराने के लिए अलग-अलग शुल्क जमा करने होंगे। कभी फाइल चार्ज, कभी प्रोसेसिंग फीस तो कभी अन्य सरकारी औपचारिकताओं के नाम पर उससे पैसे मांगे गए।
महिला को भरोसा था कि जल्द ही उसके खाते में लोन की राशि आ जाएगी। इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपियों ने कई बार में उससे कुल ₹9.12 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
लोन नहीं मिला तो हुआ ठगी का एहसास
काफी समय बीतने के बाद जब महिला को न तो लोन मिला और न ही आरोपी पैसे वापस करने को तैयार हुए, तब उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ। महिला ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सभी नंबर बंद मिले।
इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने शुरू की जांच, डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे
मामले की जांच में पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ठगी में शामिल लोगों की पहचान के लिए तकनीकी जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं या उन्होंने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया है।
सरकारी योजनाओं के नाम पर बढ़ रहे हैं ठगी के मामले
देशभर में सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और लोन के नाम पर लोगों को ठगने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी आम लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर फोन करते हैं और उन्हें लाभ दिलाने का लालच देकर पैसे ऐंठ लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी कार्यालयों के माध्यम से ही जानकारी लेनी चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक संबंधी जानकारी, OTP या पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए।
पीड़िता को न्याय की उम्मीद, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद पीड़ित महिला और उसका परिवार सदमे में है। ₹9.12 लाख जैसी बड़ी रकम गंवाने के बाद परिवार ने पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
अब पुलिस के सामने चुनौती है कि ठगी करने वाले आरोपियों तक जल्द पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़िता की रकम वापस दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाए।
निष्कर्ष
अमरावती का यह लोन फ्रॉड मामला एक बार फिर साबित करता है कि ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। सरकारी योजना और आसान लोन के लालच में आकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। जरूरत है कि लोग सतर्क रहें, किसी भी अनजान ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और धोखाधड़ी होने पर तुरंत पुलिस और साइबर सेल से संपर्क करें।
