Site icon हिट एंड हॉट न्यूज़

🚨 मऊ ब्लॉक में कथित अवैध पैथोलॉजी संचालन पर उठे सवाल, बिना डिग्री और लाइसेंस के जांच के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग तेज

मऊ (चित्रकूट)।
जनपद चित्रकूट के मऊ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पूरब पातई में संचालित एक पैथोलॉजी केंद्र को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि “राज पैथोलॉजी” नाम से संचालित केंद्र पर बिना आवश्यक योग्यता, लाइसेंस और निर्धारित मानकों के पैथोलॉजी जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों की अभी तक संबंधित स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

🔎 बिना डिग्री और लाइसेंस के संचालन के आरोप

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मऊ कस्बे से लगभग आठ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पूरब पातई में संचालित राज पैथोलॉजी में आवश्यक नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि पैथोलॉजी जांच जैसे संवेदनशील कार्य केवल निर्धारित योग्यता और वैध अनुमति के साथ ही किए जाने चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिना पात्रता या वैध लाइसेंस के जांच की जा रही है, तो इससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

🏥 स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे प्रश्न

पैथोलॉजी रिपोर्ट किसी भी मरीज के उपचार की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। चिकित्सक उपचार का निर्णय काफी हद तक जांच रिपोर्ट के आधार पर लेते हैं। ऐसे में यदि जांच प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी होती है, तो गलत रिपोर्ट और गलत उपचार का जोखिम बढ़ सकता है।

इसी कारण स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है।

⚖️ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मऊ ब्लॉक क्षेत्र में संचालित कुछ पैथोलॉजी केंद्रों के संबंध में विभागीय स्तर पर पर्याप्त निगरानी नहीं हो रही है। शिकायतों में चीफ फार्मासिस्ट पंकज गोयल का नाम भी लिया गया है और आरोप लगाया गया है कि उनकी जानकारी या संरक्षण में बिना लाइसेंस पैथोलॉजी केंद्र संचालित हो रहे हैं।

यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि किसी सक्षम जांच एजेंसी या संबंधित विभाग ने अभी तक नहीं की है, और संबंधित अधिकारी का पक्ष सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

📋 ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को निम्न बिंदुओं की जांच करनी चाहिए—

🌿 बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन भी जांच का विषय

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पैथोलॉजी केंद्र संचालित हो रहा है तो वहां बायो मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण के नियमों का पालन भी अनिवार्य है। यदि इस संबंध में भी अनियमितता पाई जाती है तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है।

🏛️ प्रशासन से पारदर्शी कार्रवाई की अपेक्षा

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, और यदि आरोप निराधार हों तो इसकी भी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए।

📝 निष्कर्ष

पूरब पातई स्थित राज पैथोलॉजी को लेकर लगाए गए आरोपों ने स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, नियमों का पालन और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। अब यह जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है कि वे निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करें।

नोट: इस समाचार में वर्णित आरोप स्थानीय नागरिकों एवं शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा अभी तक नहीं की गई है। संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

रिपोर्ट: पंकज त्रिपाठी, तहसील संवाददाता
प्रकाशन: हिट एंड हॉट न्यूज़
स्थान: मऊ, जनपद चित्रकूट (उत्तर प्रदेश)
दिनांक: 03 अगस्त 2026

Exit mobile version