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सुजौली के जंगल गुलरिया में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया निरीक्षण, 70 परिवारों को बांटी राहत किट

कमलेश कुमार बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

दिनांक 21 अगस्त 2026

बहराइच/सुजौली। जिले के सुजौली क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित इलाकों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं कृषि विपणन मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ग्राम सभा सुजौली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जंगल गुलरिया पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान राज्य मंत्री ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री भी वितरित की। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपने हाथों से करीब 70 लोगों को राहत किट प्रदान की। राहत सामग्री मिलने के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का आभार जताया। इस दौरान मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ की कठिन परिस्थिति में सरकार और प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

जंगल गुलरिया पहुंचकर जानी बाढ़ की वास्तविक स्थिति

राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने जंगल गुलरिया क्षेत्र में पहुंचकर बाढ़ से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि बाढ़ के कारण उन्हें किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आवागमन, जलभराव और आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखा।

तराई क्षेत्र होने के कारण सुजौली और आसपास के इलाकों में बारिश तथा जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ की स्थिति ग्रामीणों के लिए चुनौती बन जाती है। जंगल गुलरिया में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की सामान्य दिनचर्या प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर रास्तों पर पानी आने से लोगों के आवागमन में परेशानी की स्थिति बनी हुई है।

मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से बाढ़ की वर्तमान स्थिति, प्रभावित आबादी और राहत-बचाव व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं समय से पहुंचनी चाहिए।

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विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय विधायक श्रीमती सरोज सोनकर, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव और एसडीएम मोनालिसा जौहरी समेत प्रशासन एवं पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों की मौजूदगी में बाढ़ की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने मंत्री को क्षेत्र में राहत एवं बचाव से संबंधित गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। इसके साथ ही प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई।

राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जिन स्थानों पर जलभराव या बाढ़ के कारण लोगों के सामने अधिक परेशानी है, वहां आवश्यकतानुसार राहत और बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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70 लोगों को वितरित की गई राहत किट

बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य मंत्री ने जंगल गुलरिया में राहत किट का वितरण किया। करीब 70 लोगों को राहत किट उनके हाथों उपलब्ध कराई गई। राहत सामग्री मिलने से बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता मिली।

राहत किट वितरण का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों को भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य जरूरी वस्तुओं की आवश्यकता होती है। ऐसे में समय पर राहत सामग्री पहुंचना प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होता है।

मंत्री ने राहत सामग्री प्राप्त करने वाले लोगों से भी बातचीत की और उनकी परेशानियों को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने बताईं अपनी समस्याएं

निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने बाढ़ से जुड़ी अपनी समस्याएं जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ का पानी पहुंचने से सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आने-जाने में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने क्षेत्र में राहत व्यवस्था को मजबूत करने और आवश्यक सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं का स्थायी और तात्कालिक दोनों स्तर पर समाधान कराने की दिशा में काम करेगा।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा और राहत व्यवस्था पर जोर

निरीक्षण के दौरान राज्य मंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से अधिकारियों से जानकारी ली। बाढ़ के समय जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग की टीम को भी क्षेत्र की परिस्थितियों पर नजर रखने के लिए कहा गया। राहत एवं बचाव कार्यों में विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सहायता तेजी से पहुंच सके।

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तराई क्षेत्र में बाढ़ बनी चुनौती

बहराइच का तराई क्षेत्र हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव जैसी परिस्थितियों का सामना करता है। सुजौली क्षेत्र में भी जलभराव होने पर ग्रामीण आबादी प्रभावित होती है। जंगल गुलरिया जैसे क्षेत्रों में बाढ़ का असर लोगों के आवागमन और दैनिक जीवन पर दिखाई देता है।

ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों का मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करना और प्रभावित लोगों से सीधे संवाद करना महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे स्थानीय समस्याओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचती है और राहत कार्यों को जरूरत के अनुसार आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

राज्य मंत्री के निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन से सहायता मिलने की उम्मीद बढ़ी है। ग्रामीणों को भरोसा है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत सामग्री के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता पर भी प्रशासन ध्यान देगा।

प्रशासन ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा

जंगल गुलरिया में निरीक्षण के दौरान प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक राहत कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सुजौली क्षेत्र के ग्रामीण बाढ़ के कारण परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित लोगों को राहत किट उपलब्ध कराने से प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता मिलने का संकेत मिला है।

फिलहाल जंगल गुलरिया और आसपास के तराई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। ग्रामीणों की सुरक्षा, राहत सामग्री की उपलब्धता और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयास से बाढ़ से उत्पन्न परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।

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