
भारत सरकार ने मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सुमन (SUMAN) रोडमैप 2030’ की शुरुआत की है। यह पहल देश में मातृ मृत्यु दर (MMR) और नवजात मृत्यु दर (NMR) को उल्लेखनीय रूप से कम करने तथा प्रत्येक गर्भवती महिला और नवजात शिशु को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या है SUMAN रोडमैप 2030?
सुमन (Surakshit Matritva Aashwasan) रोडमैप 2030 एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य रणनीति है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ नवजात के लक्ष्य को प्राप्त करना है। इस योजना के माध्यम से गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसव के बाद तक महिलाओं एवं शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
- वर्ष 2030 तक मातृ मृत्यु दर को प्रति एक लाख जीवित जन्म पर 70 से नीचे लाना।
- नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना।
- हर गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।
- सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना।
- उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करना।
नई पहलें जो बदलेंगी स्वास्थ्य व्यवस्था
सुमन रोडमैप 2030 के तहत कई आधुनिक और प्रभावी पहलें लागू की जाएंगी—
- AI आधारित लेबर रूम की स्थापना।
- रंग एवं सुमन पंचायत जैसी नई स्वास्थ्य पहलें।
- डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की सतत मॉनिटरिंग।
- हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की चार-स्तरीय निगरानी व्यवस्था।
- अंतिम महीनों में हर 15 दिन पर घर-घर स्वास्थ्य जांच।
- पोषण, टीकाकरण और प्रसव पूर्व देखभाल पर विशेष ध्यान।
13 राज्यों पर रहेगा विशेष फोकस
इस राष्ट्रीय अभियान के तहत असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के 130 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई गति
यह रोडमैप केवल एक योजना नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का व्यापक अभियान है। डिजिटल तकनीक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जाएगा।
देश के विकास की मजबूत नींव
स्वस्थ मां और स्वस्थ नवजात किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। SUMAN रोडमैप 2030 भारत को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैश्विक मानकों के करीब ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में लाखों माताओं और नवजात शिशुओं का जीवन अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल बन सकेगा।
