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कीव के पास मायला गांव में भीषण धमाका, जेलेंस्की ने जताई नाराजगी; हथियारों के भंडारण को लेकर जांच के आदेश

कीव, 29 अगस्त 2026: यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास का इलाका शुक्रवार रात हुए एक भीषण हमले के बाद गंभीर संकट से गुजर रहा है। कीव क्षेत्र के मायला गांव में रूसी ड्रोन हमले के बाद एक भंडारण स्थल पर जोरदार धमाके हुए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए इसे बेहद गंभीर मामला बताया है। उनके अनुसार, हमले के बाद जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, वहां बड़ी मात्रा में सैन्य सामग्री रखी गई थी। धमाकों की वजह से आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।

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रूसी हमले के बाद शुरू हुई विस्फोटों की श्रृंखला

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, 28 अगस्त की रात मायला गांव में एक भंडारण केंद्र को निशाना बनाया गया। शुरुआती हमले के बाद वहां आग लगी और इसके बाद लगातार धमाके होने लगे। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि जिस स्थान पर पहला हमला हुआ, वहां रक्षा बलों से जुड़ी सामग्री रखी गई थी। उनके मुताबिक, वहां रखे गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामग्री के कारण घटना ने बड़ा रूप ले लिया।

इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। आग पर काबू पाने और प्रभावित इलाकों को सुरक्षित बनाने के लिए बड़ी संख्या में आपातकालीन कर्मियों को लगाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, 300 से अधिक बचावकर्मी घटनास्थल पर काम कर रहे थे।

मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ी

घटना में जान गंवाने वालों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे। शनिवार को उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार मृतकों की संख्या कम से कम 37 तक पहुंच गई थी, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं और मलबे के बीच तलाश अभियान जारी है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि अंतिम आंकड़ा आगे बदल सकता है।

इस घटना में स्थानीय प्रशासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि वे प्रभावित क्षेत्र में लोगों की मदद के लिए पहुंचे थे। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों के बीच चिंता को और बढ़ा दिया है।

50 से अधिक आवासीय इमारतें प्रभावित

धमाकों का असर केवल भंडारण केंद्र तक सीमित नहीं रहा। आसपास की कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम 50 आवासीय भवन प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए संचालित एक देखभाल केंद्र को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद सैकड़ों लोगों को प्रभावित इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, 380 से अधिक लोगों को वहां से बाहर निकाला गया, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना और उन्हें आवश्यक सहायता पहुंचाना है।

जेलेंस्की ने भंडारण व्यवस्था पर उठाए सवाल

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस घटना पर केवल रूसी हमले को लेकर ही प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि सैन्य सामग्री के भंडारण की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आवासीय क्षेत्रों के पास इस तरह की सामग्री का भंडारण नहीं होना चाहिए।

जेलेंस्की ने अधिकारियों से घटना की पूरी जांच कराने की बात कही है। उनके अनुसार, यह पता लगाना जरूरी है कि सैन्य सामग्री ऐसी जगह पर क्यों रखी गई थी और क्या संबंधित नियमों का पालन किया गया था। मामले में कथित आधिकारिक लापरवाही की दिशा में आपराधिक जांच भी शुरू की गई है।

राष्ट्रपति ने अभियोजक जनरल, आंतरिक मामलों के मंत्रालय, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा और सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत की है। उन्होंने घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है।

विश्नेवे की घटना से जुड़ी चिंता

मायला की घटना ने यूक्रेन में एक अन्य हालिया घटना की याद भी ताजा कर दी है। इससे पहले जुलाई में कीव क्षेत्र के विश्नेवे में भी एक हमले के बाद सैन्य सामग्री से जुड़े स्थान पर बड़े पैमाने पर धमाके हुए थे। उस घटना में भी लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी।

जेलेंस्की ने मायला की घटना के संदर्भ में कहा कि पहले की घटना के बाद ऐसी स्थिति दोबारा सामने आना बेहद गंभीर है। यूक्रेनी प्रधानमंत्री ने भी संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता बताई है।

लगातार जारी है राहत और बचाव अभियान

मायला में हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य आसान नहीं है। प्रभावित क्षेत्र में आग, मलबे और क्षतिग्रस्त ढांचों के कारण बचाव दलों को सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और क्षतिग्रस्त इलाकों का आकलन करने का काम जारी है।

घटना की जांच के साथ-साथ प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि भंडारण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और हमले के बाद हालात इतने गंभीर क्यों हुए। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थानों के संबंध में आगे की कार्रवाई की संभावना है।

युद्ध के बीच बढ़ती मानवीय चिंता

यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध में ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार नागरिक क्षेत्रों के लिए खतरा बने हुए हैं। कीव क्षेत्र में हुई मायला की घटना इस बात को रेखांकित करती है कि सैन्य संघर्ष का असर केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। जब हमले आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास होते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।

इस घटना ने यूक्रेन के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर देश को लगातार रूसी हवाई हमलों से अपने महत्वपूर्ण ठिकानों की रक्षा करनी है, वहीं दूसरी ओर संवेदनशील सैन्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और नागरिक इलाकों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

फिलहाल मायला में बचाव कार्य और जांच दोनों जारी हैं। मृतकों और घायलों की संख्या, संपत्ति को हुए नुकसान तथा घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर आने वाले समय में और जानकारी सामने आ सकती है। जेलेंस्की की ओर से जवाबदेही तय करने का संकेत दिए जाने के बाद अब जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।

नोट: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और जेलेंस्की के सार्वजनिक बयान के आधार पर तैयार किया गया है। युद्धकालीन घटनाओं में शुरुआती आंकड़े और परिस्थितियां जांच के साथ बदल सकती हैं।

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