
नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026: गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNRWA (United Nations Relief and Works Agency for Palestine Refugees) एक बार फिर गंभीर विवाद के केंद्र में है। अमेरिका की USAID Office of Inspector General (USAID OIG) ने जून 2026 में बताया था कि उसने UNRWA के 101 वर्तमान या पूर्व कर्मचारियों के नाम अमेरिका के विदेश विभाग को निलंबन या प्रतिबंध की कार्रवाई पर विचार के लिए भेजे हैं। अमेरिकी जांच के अनुसार इन लोगों पर 7 अक्टूबर 2023 के हमले में भागीदारी और/या हमास के सैन्य विंग से कथित संबद्धता के आरोपों की जांच की गई है।
इस मामले ने इसलिए भी अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा है क्योंकि UNRWA लंबे समय से गाजा और अन्य क्षेत्रों में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और राहत जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने वाली प्रमुख संस्थाओं में शामिल रही है। ऐसे में उसके कर्मचारियों को लेकर सामने आए आरोप संस्था की कार्यप्रणाली, मानवीय सहायता की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करते हैं।
101 कर्मचारियों को लेकर क्या सामने आया?
USAID OIG के आधिकारिक विवरण के मुताबिक, 101 वर्तमान या पूर्व UNRWA कर्मचारियों के नाम कार्रवाई के लिए भेजे गए। महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी दस्तावेज में सभी 101 लोगों के बारे में एक ही तरह का आरोप नहीं लगाया गया है। जांच में कुछ लोगों को 7 अक्टूबर 2023 के हमलों में कथित भागीदारी से और कुछ को हमास के सैन्य संगठन से कथित संबद्धता से जोड़ा गया है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे इस दावे को कि “101 कर्मचारियों ने सभी ने सीधे हमले में हिस्सा लिया”, आधिकारिक भाषा के समान नहीं माना जाना चाहिए।
अमेरिकी जांच एजेंसी ने बताया कि संदर्भित कर्मचारियों में स्कूल प्रिंसिपल, शिक्षक, सुरक्षा कर्मी, अटेंडेंट, मनोसामाजिक सहायता से जुड़े कर्मचारी और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल थे। रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों के बारे में उनके कथित दोहरे भूमिकाओं और हमास की सैन्य संरचना से संबंधों की जानकारी भी दी गई है।
जांच का दायरा पहले से बढ़ा
यह मामला अचानक सामने आया विवाद नहीं है। 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद से ही UNRWA के कुछ कर्मचारियों पर हमास से संबंध और हमले में कथित भूमिका को लेकर जांच चलती रही है।
USAID OIG ने 2025 में अपनी जांच के दौरान तीन वर्तमान या पूर्व UNRWA कर्मचारियों को हमले से जोड़ने वाले साक्ष्य मिलने और 14 अन्य कर्मचारियों के हमास से कथित संबंधों की जानकारी मिलने की बात कही थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई। फरवरी 2026 में एजेंसी ने एक पूर्व UNRWA कर्मचारी के खिलाफ 10 साल के लिए अमेरिकी सरकार के ठेकों और अनुदानों से प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की जानकारी दी थी।
जून 2026 तक जांच का दायरा काफी बढ़ चुका था। USAID OIG ने 101 नामों को नए सिरे से कार्रवाई के लिए भेजने की जानकारी दी और कहा कि उसकी सक्रिय जांच में अब तक कुल 108 लोगों के खिलाफ निलंबन या प्रतिबंध संबंधी रेफरल हो चुके हैं। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है।
ट्रंप की पोस्ट से फिर चर्चा तेज
26 अगस्त 2026 को डोनाल्ड ट्रंप के नाम से सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि USAID की रिपोर्ट में 100 से अधिक UNRWA कर्मचारियों के 7 अक्टूबर के हमले में शामिल होने की बात सामने आई है। पोस्ट में एक समाचार रिपोर्ट का लिंक भी साझा किया गया था।
इस पोस्ट के बाद मुद्दे ने सोशल मीडिया पर दोबारा व्यापक चर्चा हासिल की। हालांकि किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट को स्वतंत्र जांच या सरकारी दस्तावेज का विकल्प नहीं माना जा सकता। मूल USAID OIG दस्तावेज की भाषा आरोपों को दो हिस्सों में रखती है—हमले में भागीदारी और/या हमास के सैन्य विंग से संबद्धता। इसलिए खबर को समझते समय इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
UNRWA पर पहले से उठते रहे हैं सवाल
UNRWA की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से बहस चलती रही है। अमेरिकी सरकार से जुड़े दस्तावेजों में भी संस्था के कर्मचारियों, शिक्षा कार्यक्रमों और सहायता के इस्तेमाल को लेकर विभिन्न चिंताओं का उल्लेख हुआ है।
अमेरिकी Government Accountability Office यानी GAO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद UNRWA को लेकर कर्मचारियों के हमास या अन्य आतंकवादी संगठनों से संबंध होने के आरोपों ने चिंता बढ़ाई। रिपोर्ट ने यह भी बताया कि UNRWA एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसके हजारों कर्मचारी हैं और जो बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को सेवाएं प्रदान करती है।
यही कारण है कि कुछ अमेरिकी सांसद UNRWA की भूमिका और भविष्य की सहायता व्यवस्था को लेकर कठोर रुख अपनाते रहे हैं। मई 2026 में अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने UNRWA को समाप्त करने और गाजा में सहायता के लिए अलग व्यवस्था विकसित करने की मांग भी की थी।
मानवीय सहायता पर क्या असर पड़ सकता है?
इस विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू गाजा में रहने वाले आम नागरिक हैं। UNRWA लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और राहत संबंधी सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। इसलिए किसी भी संगठन पर गंभीर आरोप लगने के साथ-साथ यह सवाल भी सामने आता है कि आम लोगों तक जरूरी मानवीय सहायता कैसे पहुंचाई जाएगी।
अमेरिकी जांच का एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना बताया गया है कि अमेरिकी धन से संचालित भविष्य की सहायता योजनाओं में ऐसे लोगों को शामिल न किया जाए जिन पर आतंकवादी गतिविधियों से संबंध होने के गंभीर आरोप या निष्कर्ष मौजूद हों। USAID OIG ने यह भी कहा है कि वह ऐसे लोगों को अन्य अमेरिकी-वित्तपोषित सहायता संगठनों में दोबारा शामिल होने से रोकने के प्रयास कर रही है।
आरोप और अंतिम निष्कर्ष में अंतर जरूरी
इस पूरे विवाद में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच में किसी व्यक्ति का नाम भेजा जाना अपने आप में अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। USAID OIG ने लोगों के खिलाफ निलंबन या प्रतिबंध की कार्रवाई पर विचार के लिए नाम भेजे हैं। आगे प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं अलग-अलग मामलों में चल सकती हैं।
इसी तरह UNRWA से जुड़े आरोपों को संस्था के हर कर्मचारी या पूरे संगठन के प्रत्येक कार्यक्रम पर स्वतः लागू करना भी उचित नहीं होगा। जांच का उद्देश्य विशिष्ट व्यक्तियों की कथित गतिविधियों और संबंधों की पड़ताल करना है। इसलिए तथ्य, आरोप, जांच और अंतिम निर्णय के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है।
आगे क्या हो सकता है?
USAID OIG की जांच जारी रहने के कारण आने वाले समय में और नाम सामने आ सकते हैं। अमेरिकी एजेंसी पहले ही संकेत दे चुकी है कि उसका काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इससे UNRWA की जांच, अमेरिकी विदेशी सहायता नीति और गाजा में भविष्य की मानवीय सहायता व्यवस्था पर बहस और तेज होने की संभावना है।
इस घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों के लिए जवाबदेही और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच का महत्व भी सामने आता है। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाली संस्थाओं को एक ओर जरूरतमंद नागरिकों तक सहायता पहुंचानी होती है, वहीं दूसरी ओर यह सुनिश्चित करना होता है कि सहायता किसी सशस्त्र संगठन की गतिविधियों में इस्तेमाल न हो।
कुल मिलाकर, UNRWA के 101 कर्मचारियों के नामों को लेकर अमेरिकी जांच ने गाजा में मानवीय सहायता और सुरक्षा के बीच संतुलन की बहस को नया आयाम दिया है। आधिकारिक अमेरिकी दस्तावेज के अनुसार आरोपों में 7 अक्टूबर 2023 के हमले में कथित भागीदारी और हमास के सैन्य विंग से कथित संबद्धता दोनों शामिल हैं। जांच अभी जारी है, इसलिए आगे आने वाली आधिकारिक जानकारियां इस पूरे मामले की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकती हैं।
