जुलाई 2, 2026

जनसंख्या में बदलावों के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति सक्रिय, अमित शाह से साझा की कार्ययोजना

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देश में जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों और उनके संभावित कारणों का व्यापक अध्ययन करने के उद्देश्य से गठित केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय समिति ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर अपनी प्रारंभिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक में समिति ने बताया कि वह विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर जमीनी स्तर पर तथ्य जुटाएगी और उसके आधार पर केंद्र सरकार को विस्तृत सिफारिशें सौंपेगी।

जमीनी स्तर पर होगा विस्तृत अध्ययन

समिति का उद्देश्य केवल उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करना नहीं है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में जाकर वास्तविक परिस्थितियों को समझना भी है। इसके लिए सीमा से जुड़े इलाकों, बड़े महानगरों और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में जनसंख्या के स्वरूप में आए परिवर्तनों का अध्ययन किया जाएगा। समिति संबंधित राज्य सरकारों, स्थानीय प्रशासन और अन्य हितधारकों से भी बातचीत करेगी।

राज्यों और मंत्रालयों से लिया जाएगा सहयोग

अध्ययन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समिति पहले से एक विस्तृत प्रश्नावली राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजेगी। इससे स्थानीय प्रशासन आवश्यक जानकारी पहले ही तैयार कर सकेगा। इसके अलावा गृह मंत्रालय सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से भी आवश्यक आंकड़े और सुझाव प्राप्त किए जाएंगे, ताकि रिपोर्ट व्यापक और तथ्य आधारित हो।

अमित शाह ने दिए आवश्यक सहयोग के निर्देश

बैठक के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने समिति से समयबद्ध तरीके से अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उन्होंने गृह सचिव को भी निर्देश दिए कि समिति को अध्ययन के दौरान हर आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

अनुभवी विशेषज्ञों की समिति

समिति का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर कर रहे हैं। इसके अन्य सदस्यों में पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शमिका रवि तथा जनगणना आयुक्त शामिल हैं। प्रशासन, कानून, अर्थव्यवस्था और जनगणना जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों की मौजूदगी समिति को बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करती है।

समिति के गठन की पृष्ठभूमि

स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन” की घोषणा की थी। उसी पहल को आगे बढ़ाते हुए मई 2026 में इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया। समिति को देश में जनसंख्या में हो रहे बदलावों, विशेष रूप से अवैध प्रवासन से जुड़े संभावित प्रभावों का अध्ययन कर सरकार को नीतिगत, विधायी और प्रशासनिक सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भविष्य की नीतियों पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि समिति की अंतिम रिपोर्ट भविष्य में जनसंख्या प्रबंधन, सीमा सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार और सामाजिक-आर्थिक योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। यदि रिपोर्ट में ठोस सुझाव दिए जाते हैं, तो उनके आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें नई नीतियां या आवश्यक कानूनी सुधार लागू करने पर विचार कर सकती हैं।

निष्कर्ष

यह समिति देश में जनसंख्या संबंधी परिवर्तनों का तथ्यात्मक और वैज्ञानिक अध्ययन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। विभिन्न राज्यों से प्राप्त आंकड़ों, विशेषज्ञों के सुझावों और जमीनी अध्ययन के आधार पर तैयार होने वाली रिपोर्ट भविष्य की नीति निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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