तालाब बना प्राथमिक विद्यालय कारिकोट-1: बारिश ने खोली विकास दावों की पोल, मासूमों की पढ़ाई पर संकट

अमृतपाल बहराइच
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
बहराइच। मिहींपुरवा विकासखंड के ग्राम पंचायत कारिकोट में स्थित प्राथमिक विद्यालय कारिकोट-1 की स्थिति इन दिनों गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। मामूली बारिश के बाद ही पूरा विद्यालय परिसर जलमग्न हो जाता है और स्कूल किसी तालाब जैसा दिखाई देने लगता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के साथ बढ़ जाती हैं मुश्किलें
बरसात शुरू होते ही विद्यालय परिसर में कई जगह पानी भर जाता है। कक्षाओं तक पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी जोखिम पैदा करती है। कई बार जलभराव के कारण विद्यालय की नियमित गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं।
शिक्षा पर पड़ रहा सीधा असर
विद्यालय में जलभराव का असर बच्चों की पढ़ाई पर साफ दिखाई देता है। लगातार पानी भरे रहने से कक्षाओं का संचालन प्रभावित होता है और बच्चों का मन पढ़ाई से भटकता है। कई अभिभावक खराब परिस्थितियों के कारण अपने बच्चों को स्कूल भेजने में संकोच करते हैं, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़े
विद्यालय परिसर में लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे माहौल में छोटे बच्चों का लंबे समय तक रहना स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता।
विकास के दावों पर उठ रहे सवाल
कारिकोट ग्राम सभा अपने ऐतिहासिक मेले के लिए जानी जाती है, जहां हर वर्ष लाखों रुपये की बोली लगती है और प्रशासन तथा पंचायत को अच्छी आय प्राप्त होती है। इसके बावजूद उसी क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय की मूलभूत समस्याएं आज तक दूर नहीं हो सकी हैं। इससे स्थानीय लोगों के बीच विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों में बढ़ रहा असंतोष
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में जलभराव की समस्या नई नहीं है। कई बार संबंधित अधिकारियों और पंचायत स्तर पर शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो हर वर्ष बच्चों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
लोगों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- विद्यालय परिसर से जल निकासी के लिए स्थायी नाली और ड्रेनेज व्यवस्था बनाई जाए।
- परिसर को ऊंचा कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
- मेले से होने वाली आय का एक हिस्सा विद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाए।
- बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
प्राथमिक विद्यालय कारिकोट-1 की मौजूदा स्थिति यह दर्शाती है कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
