जून 27, 2026

भारत को UNSC की स्थायी सदस्यता पर सेशेल्स का समर्थन: वैश्विक मंच पर भारत की दावेदारी को मिली नई मजबूती

0

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता की भारत की लंबे समय से चली आ रही दावेदारी को एक और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है। हिंद महासागर क्षेत्र के द्वीपीय देश सेशेल्स ने खुलकर भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक संस्थाओं में वर्तमान समय की वास्तविकताओं के अनुरूप सुधार आवश्यक हैं और भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी स्थान मिलना चाहिए।

यह समर्थन ऐसे समय आया है जब भारत लगातार संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधारों की वकालत कर रहा है और विकासशील देशों की आवाज़ को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रहा है।

सेशेल्स ने क्यों किया भारत का समर्थन?

सेशेल्स का मानना है कि आज की वैश्विक परिस्थितियां 1945 के दौर से बिल्कुल अलग हैं। दुनिया की बढ़ती आबादी, बदलते भू-राजनीतिक समीकरण और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार समय की आवश्यकता बन गया है। इसी सोच के तहत सेशेल्स ने भारत को स्थायी सदस्य बनाने की मांग का समर्थन किया है।

सेशेल्स ने भारत को एक जिम्मेदार, लोकतांत्रिक और विश्वसनीय वैश्विक साझेदार बताते हुए कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास जैसे मुद्दों पर हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाई है।

भारत की दावेदारी क्यों मजबूत मानी जाती है?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था की प्रमुख शक्तियों में शामिल है। संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में भारतीय सैनिकों का योगदान दशकों से महत्वपूर्ण रहा है। इसके अलावा भारत जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद विरोधी प्रयासों, मानवीय सहायता और विकासशील देशों के हितों की रक्षा के लिए लगातार सक्रिय रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी आबादी और वैश्विक प्रभाव वाले देश को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता मिलना अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की विश्वसनीयता को भी मजबूत करेगा।

UNSC सुधार की मांग तेज

भारत लंबे समय से यह कहता रहा है कि वर्तमान सुरक्षा परिषद दुनिया के बदलते शक्ति संतुलन का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती। अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देशों ने भी परिषद में सुधार और नए स्थायी सदस्यों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

भारत के साथ G4 समूह के सदस्य जर्मनी, जापान और ब्राज़ील भी सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के प्रमुख दावेदार हैं।

भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगा बल

सेशेल्स का यह समर्थन दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को भी दर्शाता है। भारत लंबे समय से सेशेल्स के साथ समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास परियोजनाओं में साझेदारी करता रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।

आगे की राह

हालांकि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का विस्तार आसान प्रक्रिया नहीं है, क्योंकि इसके लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन और मौजूदा स्थायी सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है। फिर भी सेशेल्स जैसे देशों का खुला समर्थन भारत की वैश्विक स्वीकार्यता को मजबूत करता है और UNSC सुधार की मांग को नई गति देता है।

निष्कर्ष

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन में सेशेल्स का बयान भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का संकेत है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बढ़ते समर्थन से यह स्पष्ट होता है कि दुनिया का एक बड़ा वर्ग संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार और भारत जैसी प्रमुख शक्ति को स्थायी सदस्य के रूप में देखने का इच्छुक है। आने वाले समय में यह समर्थन भारत की कूटनीतिक रणनीति को और मजबूती प्रदान कर सकता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें