फतेहपुर में गूंजा गौ-रक्षा का संकल्प: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ‘गविष्ठि यात्रा’ में उमड़ा जनसैलाब

फतेहपुर, 27 मई 2026।
गौ-रक्षा और सनातन चेतना के संदेश को लेकर निकली जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ‘गविष्ठि यात्रा’ बुधवार को चित्रकूट क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए फतेहपुर जिले की अयाह शाह, खागा और हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्रों में पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न कस्बों, गांवों और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं, संतों और स्थानीय नागरिकों ने भव्य स्वागत कर गौ-सेवा के समर्थन में अपनी आस्था प्रकट की।

यह 81 दिवसीय धर्मयात्रा 3 मई से गोरखपुर से प्रारंभ हुई थी, जिसका उद्देश्य देशभर में गौ-रक्षा के प्रति जनजागरण करना और गाय को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिलाने की मांग को मजबूत करना है। यात्रा के दौरान गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की आवश्यकता को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
सुबह से ही फतेहपुर जिले के विभिन्न इलाकों में यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल दिखाई दिया। मुल्तोर में स्वागत के बाद यात्रा बहुआ ब्लॉक क्षेत्र में पहुंची, जहां स्थानीय नागरिकों ने पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया। इसके बाद अयाह शाह विधानसभा के सुजानपुर गांव में ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने शंकराचार्य जी की अगवानी की। यहां गौ-सेवा, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता पर केंद्रित संदेश दिया गया।
यात्रा गाजीपुर, बौवारा और सरकी क्षेत्रों से गुजरते हुए आगे बढ़ी। दोपहर में प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन का कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां संतों और धर्माचार्यों के साथ संवाद भी हुआ। इसके बाद अशोथर, नरैनी, विजईपुर चौराहा और शिवपुर सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पादुका पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
दोपहर बाद यात्रा त्रिलोचनपुर पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क किनारे खड़े होकर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। विभिन्न चौराहों और बाजारों में “गौ माता राष्ट्रमाता बने” तथा “गौ-हत्या बंद हो” जैसे नारों से वातावरण गूंजता रहा।
यात्रा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा के लिए प्रत्येक जिले में युवाओं की विशेष टोली गठित करने की घोषणा की। इस संगठन को “चतुरंगिणी सेना” नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य गौ-सेवा, जनजागरण और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाना बताया गया।
रात्रिकालीन धर्मसभा में उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे भविष्य में केवल उन्हीं जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों का समर्थन करें जो लिखित रूप में गौ-रक्षा और गौ-हत्या प्रतिबंध का संकल्प लें। सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और संत समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
फतेहपुर में यात्रा के प्रवेश के साथ ही कई स्थानों पर राज्य मार्गों पर लंबा काफिला और भारी भीड़ देखने को मिली। स्थानीय संयोजकों और स्वयंसेवकों ने यात्रा व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं के लिए स्वागत और जलपान की व्यवस्थाएं भी कीं।
गौ-सेवा और सनातन जागरण के संदेश के साथ आगे बढ़ रही यह यात्रा अब जिले के अन्य क्षेत्रों की ओर प्रस्थान करेगी, जहां धर्मसभाओं और जनसंवाद कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा।
