जून 13, 2026

खेत बचाओ अभियान: टिकाऊ कृषि की ओर एक महत्वपूर्ण पहल

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संकेतिक तस्वीर

भारत की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन की आधारशिला कृषि है। किसानों की समृद्धि और भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के लिए आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आईसीएआर-केवीके बल्लारी द्वारा कुरुगोडु तालुक के दम्मूर गांव में “खेत बचाओ अभियान” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम किसानों को नई कृषि तकनीकों से जोड़ने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।

वैज्ञानिक खेती की जानकारी से किसानों को मिला लाभ

अभियान के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने और फसल उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी। विशेष रूप से संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया गया। किसानों को समझाया गया कि आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि संतुलित उपयोग से फसल और भूमि दोनों को लाभ मिलता है।

बीज उपचार तकनीक का प्रदर्शन

कार्यक्रम में लाल अरहर (रेडग्राम) की खेती के लिए उन्नत बीज उपचार पद्धति का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बीज उपचार से फसलों को शुरुआती रोगों और कीटों से सुरक्षा मिलती है, जिससे पौधों का विकास बेहतर होता है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। किसानों ने इस तकनीक को रुचिपूर्वक देखा और इसके व्यावहारिक लाभों को समझा।

किसानों की उत्साहपूर्ण भागीदारी

इस अभियान में लगभग 180 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि किसानों को सीधे कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से बातचीत करने का अवसर मिला। उन्होंने अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं साझा कीं और उनके समाधान प्राप्त किए। इससे किसानों में नई तकनीकों को अपनाने के प्रति विश्वास बढ़ा।

टिकाऊ कृषि को मिलेगा बढ़ावा

खेत बचाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खेती को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित और लाभदायक बनाना भी है। मिट्टी की उर्वरता का संरक्षण, संसाधनों का उचित उपयोग और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का प्रसार भविष्य की कृषि चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है।

ग्रामीण विकास में सहायक पहल

ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने की संस्कृति को भी मजबूत करते हैं। जब किसान नई तकनीकों को अपनाते हैं, तो न केवल उनकी आय बढ़ती है बल्कि पूरे कृषि क्षेत्र के विकास को भी गति मिलती है।

निष्कर्ष

दम्मूर गांव में आयोजित खेत बचाओ अभियान किसानों के लिए ज्ञान और नवाचार का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। यह पहल दर्शाती है कि वैज्ञानिक संस्थानों और किसान समुदाय के संयुक्त प्रयासों से कृषि को अधिक टिकाऊ, उत्पादक और भविष्य के लिए सुरक्षित बनाया जा सकता है। ऐसे अभियान देशभर में कृषि विकास और किसान कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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