जून 14, 2026

दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘सलीम पिस्टल’ की अंतरिम जमानत पर लगाई रोक, हथियार आपूर्ति के आरोपों पर सुनवाई जारी

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नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित हथियार आपूर्तिकर्ता सलीम अहमद उर्फ ‘सलीम पिस्टल’ को मिली अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी है। यह फैसला दिल्ली पुलिस की उस याचिका पर आया, जिसमें निचली अदालत द्वारा दी गई अंतरिम जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी। मामले की अगली सुनवाई 24 जून को निर्धारित की गई है।

जानकारी के अनुसार, सलीम पिस्टल पर विभिन्न आपराधिक गिरोहों को हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने के गंभीर आरोप हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी केवल एक मामले में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत दर्ज अन्य मामलों में भी कथित रूप से शामिल रहा है। पुलिस ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और ऐसे में उसे राहत दिए जाने से जांच और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि निचली अदालत ने 6 जून को आरोपी को अंतरिम जमानत दी थी। हालांकि, पुलिस ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ कई महत्वपूर्ण तथ्य मौजूद हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए जमानत आदेश पर पुनर्विचार आवश्यक है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल जमानत आदेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया।

बताया जा रहा है कि सलीम पिस्टल का नाम कुख्यात अपराधी हाशिम बाबा से जुड़े एक मामले में भी सामने आया था। इसी मामले में उसे अंतरिम जमानत मिली थी। हालांकि, हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद फिलहाल उसे राहत नहीं मिल सकेगी और उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित अपराध और अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मामलों में अदालतें आमतौर पर सभी तथ्यों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण करती हैं। ऐसे मामलों में जमानत संबंधी आदेशों की भी उच्च स्तर पर समीक्षा की जाती है ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।

फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आगामी सुनवाई में अदालत पुलिस और बचाव पक्ष की दलीलों पर विस्तार से विचार करेगी, जिसके बाद आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह मामला राजधानी में संगठित अपराध और अवैध हथियारों के नेटवर्क को लेकर चल रही जांच के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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