निर्मला सीतारमण ने रेजांग ला युद्ध स्मारक पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की

भारत की रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 17 जून 2025 को लद्दाख के चुशूल स्थित रेजांग ला युद्ध स्मारक पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर 1962 के युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों को नमन किया। यह स्मारक लद्दाख के ‘वाइब्रेंट विलेज’ चुशूल में स्थित है, जो देश की सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र में आता है।
रेजांग ला युद्ध स्मारक का निर्माण वर्ष 1963 में चुशूल के मैदानी क्षेत्र में किया गया था। यह स्मारक समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है और भारत-चीन सीमा रेखा के निकट बना है। इस स्मारक का उद्देश्य 13 कुमाऊँ रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के उन वीर जवानों की बहादुरी को सम्मान देना है, जिन्होंने 18 नवम्बर 1962 को रेजांग ला की पहाड़ियों और आसपास के क्षेत्रों की रक्षा करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया। उस युद्ध में भारतीय सैनिकों ने 16,500 फीट से अधिक ऊँचाई पर स्थित कैलाश पर्वत शृंखला के दुर्गम इलाकों में अपनी वीरता की अनूठी मिसाल पेश की थी।
रेजांग ला की इस वीरगाथा ने भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान की अमर गाथा लिखी है। निर्मला सीतारमण की इस यात्रा ने एक बार फिर देशवासियों को उन वीर शहीदों की याद दिलाई, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस अवसर पर सेना के अधिकारियों और जवानों ने भी स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर वीर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि दी।
यह कार्यक्रम न केवल सैन्य परंपराओं का प्रतीक रहा, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्य का स्मरण भी कराता है। रेजांग ला युद्ध स्मारक आज भी देशभक्ति की प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है और आने वाली पीढ़ियों को वीरता और बलिदान की मिसाल सिखाता रहेगा।
