अप्रैल 11, 2026

सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश: आठ सप्ताह में सड़कों से हटाए जाएं सभी आवारा कुत्ते, वापस सड़क पर नहीं छोड़े जाएंगे

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📅 नई दिल्ली, 11 अगस्त 2025
देश की सर्वोच्च अदालत ने राजधानी और एनसीआर क्षेत्र में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर की सभी स्थानीय संस्थाओं को निर्देश दिया है कि अगले आठ सप्ताह के भीतर सभी आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर विशेष डॉग शेल्टर में रखा जाए, और इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढील या समझौता न किया जाए।

🚫 सड़क पर वापस नहीं छोड़े जाएंगे कुत्ते

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जो भी कुत्ता पकड़ा जाएगा, उसे सड़क पर दोबारा नहीं छोड़ा जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस अभियान में बाधा डालने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कंटेम्प्ट (अवमानना) की कार्यवाही की जाएगी।

🛑 बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई

जस्टिस पारदीवाला ने कहा, “अगर कोई भी व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को पकड़ने या उन्हें हटाने में अड़चन डालता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।” अदालत ने राज्यों और नगर निकायों को आदेश दिया कि वे पर्याप्त क्षमता वाले डॉग शेल्टर बनाएं और वहां कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

📍 प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों को

अदालत ने दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, एमसीडी और एनएमडीसी को विशेष रूप से अधिक संवेदनशील इलाकों से कुत्ते हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि जरूरत पड़े तो इस कार्य के लिए विशेष बल (फोर्स) का गठन किया जाए। यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए और किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

📞 डॉग बाइट शिकायतों के लिए हेल्पलाइन

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को आदेश दिया कि वे एक हेल्पलाइन शुरू करें, जिससे कुत्ते के काटने की सभी शिकायतें दर्ज की जा सकें, और शिकायत मिलने के चार घंटे के भीतर संबंधित कुत्ते को पकड़ लिया जाए।

📋 रिकॉर्ड और निगरानी

अदालत ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया कि रोजाना पकड़े जाने और शेल्टर में रखे जाने वाले कुत्तों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। साथ ही, इस अभियान की निगरानी के लिए सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी कुत्ते को दोबारा सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर छोड़े जाने की संभावना न रहे।


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