नकली सिम–नकली गेम, और असली ठगी: यूपी पुलिस ने साइबर गैंग का भंडाफोड़ किया

उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि साइबर अपराधियों के लिए अब छुपने की कोई जगह बची नहीं है। बागपत पुलिस ने एक ऐसे संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी सिमकार्ड, नकली गेमिंग अकाउंट और आकर्षक ऑफ़रों के नाम पर लोगों को ठगने का नेटवर्क चला रहा था। यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग की आड़ में लोगों से लाखों रुपए हड़पता था।
कैसे चल रहा था साइबर फ्रॉड का खेल?
यह गिरोह फर्जी दस्तावेज़ों से सिमकार्ड जारी करवाता था और फिर उन्हीं सिमों पर गेमिंग अकाउंट खोलकर लिंक और व्हॉट्सऐप ग्रुप के ज़रिए लोगों को जोड़ता था।
गिरोह के सदस्य गेम में जीत का लालच देकर यूज़र से पैसे निवेश करवाते थे, और जैसे ही रकम उनके खातों में पहुँचती—उसे अलग-अलग फर्जी UPI ID, बैंक खातों और गेमिंग ऐप के ज़रिए ट्रांसफर करके गायब कर देते थे।
जिन पीड़ितों से पैसे निकलवा लिए जाते, उन्हें न तो कोई रिटर्न मिलता और न ही किसी तरह की ग्राहक सहायता—यानी पूरी तरह से सुनियोजित ठगी।
पुलिस ने की बड़ी बरामदगी
बागपत पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में उपकरण और दस्तावेज़ बरामद किए, जिनमें शामिल हैं—
- 17 मोबाइल फोन
- 24 सिम कार्ड
- 15 डेबिट कार्ड
- 67 आधार कार्ड
- 53 पैन कार्ड
- ठगी में उपयोग किए गए ₹5 लाख नकद
- 2 चारपहिया वाहन
ये बरामदगी साफ दिखाती है कि गिरोह किस स्तर पर लोगों को निशाना बना रहा था और किस तरह से उनके साथ धोखाधड़ी कर रहा था।
ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग का लालच कैसे बन रहा है जाल?
ऑनलाइन गेमिंग और स्पोर्ट्स बेटिंग के तेजी से बढ़ते चलन ने साइबर अपराधियों का काम आसान कर दिया है।
यह गैंग VIP ID, बोनस ऑफर, क्रिप्टो बेटिंग और ‘तेज़ कमाई’ जैसी लुभावनी बातों से लोगों को आकर्षित करता था।
कई लोग लालच में आकर लिंक पर क्लिक करते, पैसे जमा करते और बाद में समझ आता कि यह पूरा खेल सिर्फ ठगी था।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
UP पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि—
- किसी भी अनजान गेमिंग या बेटिंग ऐप पर पैसे न लगाएं
- फर्जी ऑफ़रों और तेज कमाई के लालच से बचें
- यदि ऑनलाइन कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
साइबर सुरक्षा आज के डिजिटल समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है, और जागरूकता ही ठगी को रोकने का सबसे मजबूत हथियार है।
