जुलाई 3, 2026

लखनऊ में सिख सामाजिक न्याय यात्रा का समापन, सपा सरकार बनने पर सिखों की मांगें पूरी करने का अखिलेश यादव का वादा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘सिख सामाजिक न्याय यात्रा’ का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें देशभर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में सिख समाज के लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सरदार कुलदीप सिंह भुल्लर (राष्ट्रीय सचिव एवं पंजाब-चंडीगढ़ प्रभारी) ने किया। सम्मेलन के दौरान सिख समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई तथा प्रतिनिधियों ने अपनी प्रमुख मांगें मंच के माध्यम से रखीं।

सिख समाज ने उठाईं अहम मांगें

सम्मेलन में सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने राजनीति में उचित भागीदारी, लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई तथा हरिद्वार स्थित ज्ञानगोदरी गुरुद्वारा साहिब के पुनर्निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई। वक्ताओं का कहना था कि इन मुद्दों का समाधान लंबे समय से लंबित है और सरकारों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

अखिलेश यादव का बड़ा राजनीतिक संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिख समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा, कृषि, व्यापार और राष्ट्र निर्माण में सिख समुदाय की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को समान सम्मान और अवसर देने की नीति पर काम करती है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो सिख समाज की प्रमुख मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

किए कई महत्वपूर्ण वादे

अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने सिख समाज के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर सिख समुदाय को कैबिनेट में उचित प्रतिनिधित्व देते हुए मंत्री पद दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में सिख समाज की भागीदारी बढ़ाकर समाजवादी पार्टी के संगठन को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि बंदी सिखों की रिहाई और ज्ञानगोदरी गुरुद्वारा साहिब से जुड़े मुद्दे पर सरकार बनने के बाद प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी।

सामाजिक न्याय पर दिया जोर

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय, समान अधिकार और सभी समुदायों के सम्मान की पक्षधर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सिख समाज के अधिकारों और उनकी जायज़ मांगों के समर्थन में पार्टी भविष्य में भी मजबूती से खड़ी रहेगी।

सम्मेलन में दिखी व्यापक भागीदारी

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए सिख समाज के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान सामाजिक एकता, धार्मिक स्वतंत्रता और राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

निष्कर्ष

लखनऊ में आयोजित सिख सामाजिक न्याय यात्रा का समापन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह सिख समाज की मांगों और राजनीतिक भागीदारी को लेकर एक महत्वपूर्ण मंच भी बना। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी की ओर से किए गए वादों ने आगामी राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में इन घोषणाओं और मांगों पर किस प्रकार की राजनीतिक और प्रशासनिक पहल होती है।

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