“2027 में सत्ता में आए तो बनेगा जॉब कैलेंडर”: रोजगार, परीक्षा और भर्ती को लेकर BJP पर सपा का तीखा हमला

प्रयागराज: रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने कहा कि यदि वर्ष 2027 में उनकी सरकार बनती है तो राज्य में ‘जॉब कैलेंडर’ लागू किया जाएगा, ताकि सरकारी भर्तियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक, शिक्षकों और छात्रों की समस्याओं समेत विभिन्न जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले कोचिंग संचालकों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाना चाहिए।
रोजगार को लेकर सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं में रोजगार शामिल नहीं है। उनके अनुसार सरकारी भर्तियों में देरी, परीक्षाओं के रद्द होने और युवाओं को समय पर नियुक्ति न मिलने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने दावा किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो भर्ती प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाएगी, जिससे युवाओं को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
‘जॉब कैलेंडर’ का वादा
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रस्तावित जॉब कैलेंडर के तहत विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की भर्ती का वार्षिक कार्यक्रम पहले से जारी किया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की संभावित समय-सीमा की जानकारी पहले ही मिल सकेगी।
उनका कहना था कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी तथा अनावश्यक देरी कम होगी।
भर्ती प्रक्रिया पर लगाए गंभीर आरोप
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी भर्तियों में कई तरह की अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि:
- आरक्षण व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
- “नॉट फाउंड सूटेबल (NFS)” जैसी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है।
- लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्तियों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
- भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और कानूनी अड़चनें बढ़ रही हैं।
उन्होंने इन आरोपों के आधार पर सरकार की नीतियों की आलोचना की।
परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने परीक्षा प्रणाली को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक, परीक्षा स्थगित होने, परीक्षाएं रद्द होने, परिणामों में देरी और भर्ती मामलों के अदालतों में लंबित रहने जैसी समस्याओं ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है।
उन्होंने इन सभी मुद्दों को जोड़ते हुए भाजपा पर परीक्षा और भर्ती व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
प्रयागराज में दिया संदेश
प्रयागराज में आयोजित ‘विजन इंडिया: PDA समिट’ के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षाएं ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा बेहतर होगी और परीक्षाएं ईमानदारी से आयोजित होंगी, तभी युवाओं को समान अवसर मिलेंगे और देश की प्रगति सुनिश्चित होगी।
राजनीतिक संदेश
अपने भाषण के अंत में सपा प्रमुख ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को आगामी चुनावों का प्रमुख विषय बताते हुए कहा कि रोजगार, शिक्षा और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था उनकी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। वहीं उन्होंने भाजपा की नीतियों की आलोचना करते हुए दावा किया कि युवाओं के बीच रोजगार और परीक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक असंतोष है।
निष्कर्ष
समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार, भर्ती और शिक्षा के मुद्दों को प्रमुख राजनीतिक एजेंडा बनाने के संकेत दिए हैं। दूसरी ओर, भाजपा इन आरोपों को पहले भी राजनीतिक और निराधार बता चुकी है। ऐसे में रोजगार, सरकारी भर्तियां और परीक्षा व्यवस्था आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति के प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल रह सकते हैं।
