प्रतापगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 319 वाहनों की जांच
अंशुमान द्विवेदी प्रतापगढ़
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
प्रतापगढ़। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने देर रात विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान शराब के नशे में वाहन चलाने, प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न, हूटर, मोडिफाइड साइलेंसर और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, करीब तीन घंटे चले अभियान में कुल 319 वाहनों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वाले 51 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 3.50 लाख रुपये का शमन शुल्क लगाया गया।
यह अभियान उत्तर प्रदेश शासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा कार्यक्रम का हिस्सा था। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार निगरानी और चेकिंग की जा रही है।

टोल प्लाजा पर देर रात चला अभियान
पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे से 11 बजे तक थाना हथिगवां क्षेत्र के कोटिला अख्तियारी टोल प्लाजा पर विशेष अभियान चलाया गया। यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को रोककर आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा संबंधी नियमों की जांच की।
अभियान नोडल अधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक नगर/पूर्वी आलोक कुमार तथा क्षेत्राधिकारी यातायात रविन्द्र प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की।
ब्रीथ एनालाइजर से हुई शराब की जांच
रात के समय चलाए गए अभियान में ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ को विशेष रूप से जांच के दायरे में रखा गया। पुलिसकर्मियों ने ब्रीथ एनालाइजर की मदद से वाहन चालकों के एल्कोहल स्तर की जांच की। इस दौरान एक चालक शराब के नशे में वाहन चलाता हुआ पाया गया।
पुलिस ने संबंधित वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया। पुलिस का कहना है कि शराब पीकर वाहन चलाना सड़क पर चालक के साथ-साथ दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसी कारण ऐसे मामलों में अभियान के दौरान विशेष निगरानी की जा रही है।
प्रेशर हॉर्न पर 16 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई
चेकिंग अभियान में वाहनों में लगाए गए प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न भी पुलिस के निशाने पर रहे। जांच के दौरान 16 वाहनों में प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न पाए गए। इन सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 1.60 लाख रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया।
पुलिस ने वाहन चालकों को चेतावनी दी कि वाहनों में ऐसे हॉर्न का इस्तेमाल न किया जाए, जो निर्धारित मानकों के विपरीत हों। तेज आवाज वाले हॉर्न से सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर भी सख्ती
अभियान के दौरान नंबर प्लेट से संबंधित नियमों की भी जांच की गई। पुलिस के अनुसार, 32 वाहनों के हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से जुड़े मामलों में चालान किए गए। इन मामलों में कुल 16 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि वाहनों के दस्तावेज और नंबर प्लेट यातायात व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए वाहन मालिकों को निर्धारित नियमों के अनुसार नंबर प्लेट लगवाने और वाहन से जुड़े जरूरी कागजात दुरुस्त रखने की सलाह दी गई।
हूटर और मोडिफाइड साइलेंसर पर भी कार्रवाई
चेकिंग के दौरान पुलिस को एक वाहन में हूटर लगा हुआ मिला। संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का शमन शुल्क लगाया गया।
इसके अलावा एक वाहन में मोडिफाइड साइलेंसर पाया गया। पुलिस ने इस मामले में भी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया। पुलिस का कहना है कि वाहनों में नियमों के विपरीत किए गए बदलाव सड़क सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मानकों को प्रभावित कर सकते हैं।
51 वाहनों पर कार्रवाई, 3.50 लाख रुपये का शमन शुल्क
प्रतापगढ़ पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान अलग-अलग यातायात नियमों के उल्लंघन में कुल 51 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इन मामलों में कुल 3,50,000 रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया।
कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना प्रत्येक चालक की जिम्मेदारी है।
नाबालिगों के वाहन चलाने पर भी नजर
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस की प्राथमिकताओं में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की रोकथाम भी शामिल है। पुलिस लगातार अभिभावकों से अपील कर रही है कि वे कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। कम उम्र में वाहन चलाना न केवल कानूनी नियमों का उल्लंघन हो सकता है, बल्कि सड़क दुर्घटना की आशंका भी बढ़ा सकता है।
पुलिस ने संकेत दिया है कि सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान ऐसे मामलों पर भी निगरानी जारी रहेगी।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
प्रतापगढ़ पुलिस ने जिले के वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि वाहन चलाते समय शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन करने से बचें। इसके अलावा वाहनों में प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न, अवैध हूटर या मोडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल न करें।
पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि चालक नियमों का पालन करते हैं तो दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
आने वाले दिनों में भी प्रतापगढ़ जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ इसी तरह के चेकिंग अभियान चलाए जाने की बात पुलिस ने कही है। विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने और वाहनों में प्रतिबंधित उपकरणों के इस्तेमाल जैसे मामलों में पुलिस की निगरानी जारी रहेगी।
इस अभियान से पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित यातायात नियमों का पालन करें।