भारत की दमदार वापसी, पदिक्कल और गिल ने संभाली पारी; चाय तक 187/3, फर्नांडो ने दिलाई श्रीलंका को बड़ी सफलता

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कोलंबो, 23 अगस्त 2026: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने शुरुआती झटकों के बाद शानदार वापसी की। सिन्हालेज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दिन के दूसरे सत्र तक अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली। चाय के समय भारत का स्कोर 52 ओवर में 187 रन पर तीन विकेट था। देवदत्त पदिक्कल 63 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि ऋषभ पंत बिना खाता खोले क्रीज पर मौजूद थे।

भारत की पारी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू देवदत्त पदिक्कल और शुभमन गिल के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई शानदार साझेदारी रही। दोनों बल्लेबाजों ने श्रीलंका के गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। दोनों के बीच 120 रन की साझेदारी ने भारत को शुरुआती मुश्किलों से बाहर निकालकर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

शुरुआती झटकों के बाद भारत ने बदली कहानी

AI Generated photo

भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत सकारात्मक अंदाज में की थी। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने आते ही श्रीलंका के तेज गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने शुरुआती ओवरों में असिता फर्नांडो और लाहिरू कुमारा के खिलाफ कुछ शानदार चौके लगाए। खास तौर पर कुमारा के एक ओवर में लगातार दो चौके लगाकर जायसवाल ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए।

दूसरी ओर केएल राहुल ने भी संभलकर शुरुआत की। उन्हें अपना खाता खोलने के लिए 11 गेंदों का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने असिता फर्नांडो की गेंद पर खूबसूरत कवर ड्राइव लगाकर पहला रन बनाया।

कुछ समय तक भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों का अच्छी तरह सामना किया, लेकिन जल्द ही मेजबान टीम को सफलता मिलनी शुरू हो गई। भारतीय पारी का स्कोर जब 37 रन के आसपास था, तब केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के बीच साझेदारी टूट गई। राहुल 18 गेंदों पर 33 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल था।

श्रीलंका को शुरुआती सत्र में दो विकेट मिलने से भारतीय टीम पर दबाव बढ़ा, लेकिन इसके बाद पदिक्कल और गिल ने मुकाबले का रुख काफी हद तक बदल दिया।

पदिक्कल ने दिखाया शानदार संयम

देवदत्त पदिक्कल ने इस मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी से एक बार फिर प्रभावित किया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए पदिक्कल ने शुरुआत में परिस्थितियों को समझने में समय लिया। पिच पर टिकने के बाद उन्होंने अपने शॉट्स का दायरा बढ़ाना शुरू किया।

श्रीलंका के स्पिनरों के खिलाफ पदिक्कल विशेष रूप से आत्मविश्वास से भरे नजर आए। उन्होंने गेंद की लाइन और लेंथ को अच्छी तरह पढ़ते हुए कई आकर्षक शॉट लगाए। चाय के समय तक वह 63 रन बनाकर नाबाद थे और भारतीय पारी को संभालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी।

पदिक्कल की पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने दबाव की स्थिति में आकर बल्लेबाजी की। शुरुआती विकेट गिरने के बाद किसी भी बल्लेबाज के लिए लंबी पारी खेलना आसान नहीं होता, लेकिन पदिक्कल ने जोखिम कम रखते हुए रन गति को भी बनाए रखा।

पहले टेस्ट में भी उनके प्रदर्शन की चर्चा हुई थी और दूसरे टेस्ट में उनकी निरंतरता भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।

शुभमन गिल ने भी जड़ा अर्धशतक

देवदत्त पदिक्कल का साथ देने आए शुभमन गिल ने भी शानदार बल्लेबाजी की। गिल ने शुरुआत में श्रीलंका के गेंदबाजों का सम्मान किया और धीरे-धीरे अपनी पारी को आगे बढ़ाया।

जैसे-जैसे उनकी पारी आगे बढ़ी, उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता गया। उन्होंने कई शानदार बाउंड्री लगाईं। अपनी 108 गेंदों की पारी में छह चौके लगाकर गिल ने अर्धशतक पूरा किया।

गिल और पदिक्कल की साझेदारी भारतीय पारी की रीढ़ साबित हुई। दोनों ने श्रीलंका के स्पिन आक्रमण का आत्मविश्वास से सामना किया और खराब गेंदों को आसानी से बाउंड्री के लिए भेजा। 120 रन की साझेदारी ने भारत को 88/2 की स्थिति से उठाकर मजबूत स्कोर की तरफ पहुंचा दिया।

हालांकि, चाय से ठीक पहले श्रीलंका को गिल के रूप में महत्वपूर्ण सफलता मिल गई।

असिता फर्नांडो ने दिलाई बड़ी सफलता

श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने महत्वपूर्ण समय पर असिता फर्नांडो को गेंदबाजी के लिए वापस बुलाया। कप्तान का यह फैसला तुरंत प्रभावी साबित हुआ।

फर्नांडो ने वापसी करते ही शुभमन गिल को अपनी गेंद पर परेशान किया और आखिरकार उनकी एकाग्रता तोड़ दी। 52वें ओवर में फर्नांडो ने गिल को 50 रन के स्कोर पर आउट कर दिया।

गिल का विकेट श्रीलंका के लिए बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि उस समय भारत एक मजबूत साझेदारी के दम पर तेजी से आगे बढ़ रहा था। गिल के आउट होने से भारतीय टीम की गति पर थोड़ी रोक लगी, लेकिन पदिक्कल के क्रीज पर मौजूद रहने से भारत की स्थिति अब भी मजबूत बनी हुई थी।

ऋषभ पंत पर भी नजरें

चाय के समय ऋषभ पंत का खाता नहीं खुला था। गिल के आउट होने के बाद पंत क्रीज पर आए और अब भारतीय टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।

पंत की बल्लेबाजी शैली टीम के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रही है। वह टेस्ट क्रिकेट में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं और दबाव को विपक्षी टीम पर वापस डाल सकते हैं। हालांकि, इस पारी में उनके सामने पहली चुनौती क्रीज पर टिककर पदिक्कल का साथ देने की होगी।

अगर दोनों बल्लेबाजों के बीच एक और बड़ी साझेदारी होती है, तो भारत पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने की स्थिति में पहुंच सकता है।

श्रीलंका के लिए वापसी का मौका

श्रीलंका ने मैच की शुरुआत में अच्छी गेंदबाजी करते हुए भारत के दो विकेट जल्दी हासिल किए थे। इसके बाद पदिक्कल और गिल ने मेजबान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि गिल का विकेट श्रीलंका के लिए राहत लेकर आया है।

अब श्रीलंकाई गेंदबाजों की कोशिश पदिक्कल को जल्द आउट करने की होगी। पदिक्कल अगर लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहते हैं, तो भारत का स्कोर काफी आगे जा सकता है।

स्पिन गेंदबाजों के लिए भी मैच का अगला चरण महत्वपूर्ण होगा। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ेगा, पिच के व्यवहार पर सबकी नजर रहेगी।

पहले दिन भारत की स्थिति मजबूत

चाय तक भारत का स्कोर 187/3 पहुंचना टीम के लिए सकारात्मक स्थिति है। शुरुआती विकेट गंवाने के बाद जिस तरह पदिक्कल और गिल ने पारी को संभाला, वह भारतीय बल्लेबाजी की गहराई को दर्शाता है।

गिल के आउट होने के बावजूद भारत के पास अभी पर्याप्त बल्लेबाजी मौजूद है। पदिक्कल की नाबाद 63 रन की पारी टीम के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई है। उनके साथ ऋषभ पंत क्रीज पर हैं और आगे भारतीय बल्लेबाजों से बड़ी साझेदारियों की उम्मीद की जा सकती है।

दूसरे टेस्ट के पहले दिन का यह चरण मुकाबले को रोमांचक बना चुका है। श्रीलंका जहां जल्दी विकेट लेकर भारत को सीमित करना चाहेगा, वहीं भारतीय टीम का लक्ष्य पहले दिन मजबूत स्कोर तक पहुंचना होगा। फिलहाल पदिक्कल की संयमित बल्लेबाजी और गिल की अर्धशतकीय पारी ने भारत को शुरुआती झटकों से उबारकर मैच में मजबूत स्थिति प्रदान कर दी है।

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