यूपी में विश्वकर्मा पूजा पर स्कूलों की छुट्टी, 17 सितंबर को सरकारी विद्यालय रहेंगे बंद
प्रयागराज, 17 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर स्कूलों की छुट्टी को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति अब काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। 17 सितंबर 2026 को गुरुवार के दिन विश्वकर्मा पूजा मनाई जा रही है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की अवकाश तालिका में विश्वकर्मा पूजा के लिए 17 सितंबर की तारीख दर्ज है। परिषद की अवकाश तालिका परिषदीय विद्यालयों और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए जारी की गई है।
विश्वकर्मा पूजा भारत के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों में से एक है। विशेष रूप से कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों, कारखानों और विभिन्न कार्यस्थलों पर इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण, वास्तुकला और शिल्पकला के प्रतीक हैं। इसी वजह से मशीनों, औजारों और कार्यस्थल से जुड़ी वस्तुओं की पूजा करने की परंपरा भी इस पर्व से जुड़ी हुई है।

17 सितंबर को क्यों है छुट्टी?
उत्तर प्रदेश में स्कूलों की छुट्टियों का निर्धारण अलग-अलग विभागों और संस्थानों की निर्धारित अवकाश तालिकाओं के अनुसार होता है। बेसिक शिक्षा परिषद की उपलब्ध 2026 की अवकाश तालिका में 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा दर्ज है। इसके आधार पर परिषदीय विद्यालयों में इस अवसर पर अवकाश माना जा रहा है।
छात्रों के लिए इसका सीधा अर्थ है कि 17 सितंबर को नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होंगी। शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी अवकाश संबंधी जानकारी विद्यालय के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार लागू होगी।
हालांकि, स्कूलों की अलग-अलग श्रेणियों को लेकर स्थिति समझना जरूरी है। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले विद्यालयों और अन्य बोर्ड या निजी प्रबंधन वाले विद्यालयों के अवकाश नियम हमेशा एक जैसे नहीं होते। इसलिए किसी निजी विद्यालय में छुट्टी है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विद्यालय के नोटिस, स्कूल ऐप, वेबसाइट अथवा प्रशासन से करना सबसे सही तरीका होगा।
निजी स्कूलों में क्या रहेगा नियम?
निजी स्कूलों में छुट्टी का निर्णय उनके अपने अकादमिक कैलेंडर और संबंधित प्रशासनिक निर्देशों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए सभी निजी विद्यालयों को एक ही नियम के तहत देखना उचित नहीं होगा।
कई निजी स्कूल राज्य या जिला स्तर की छुट्टियों को अपने कैलेंडर में शामिल करते हैं, जबकि कुछ संस्थान अपने शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुसार अलग व्यवस्था रखते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अपने विद्यालय की ओर से जारी सूचना देखनी चाहिए।
17 सितंबर की छुट्टी को लेकर विभिन्न समाचार रिपोर्टों में भी अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अवकाश बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में सामान्य स्कूलों के लिए स्थिति अलग बताई गई है। इसलिए अंतिम निर्णय के लिए संबंधित विद्यालय और आधिकारिक विभागीय कैलेंडर को प्राथमिक आधार मानना जरूरी है।
विश्वकर्मा पूजा का धार्मिक और सामाजिक महत्व
विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। यह मेहनत, हुनर और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के सम्मान का भी अवसर माना जाता है। कारखानों, वर्कशॉप, निर्माण इकाइयों, तकनीकी संस्थानों और दुकानों में इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
कई स्थानों पर लोग अपने औजारों और मशीनों को साफ करके उनकी पूजा करते हैं। कारोबार से जुड़े लोग नए काम की शुरुआत या अपने कार्यक्षेत्र में प्रगति की कामना के साथ भगवान विश्वकर्मा का स्मरण करते हैं।
विश्वकर्मा पूजा का संबंध तकनीकी और निर्माण क्षेत्र से भी गहराई से जुड़ा है। इंजीनियरिंग, वास्तुकला, मशीनरी, हस्तशिल्प और विभिन्न प्रकार के कारीगरी कार्यों से जुड़े समुदायों में इस पर्व का विशेष महत्व देखने को मिलता है।
विद्यार्थियों के लिए क्या मायने रखता है?
छात्रों के लिहाज से त्योहार के अवसर पर मिलने वाला अवकाश पढ़ाई के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए समय उपलब्ध कराता है। जिन परिवारों में विश्वकर्मा पूजा की परंपरा है, वहां विद्यार्थी भी पूजा और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं।
हालांकि, छुट्टी का मतलब यह नहीं है कि पढ़ाई पूरी तरह छोड़ दी जाए। विद्यार्थियों के लिए बेहतर रहेगा कि वे अवकाश के दौरान पहले से मिले गृहकार्य को पूरा करें और आगामी कक्षाओं की तैयारी भी करते रहें।
सितंबर महीने में अलग-अलग त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश के कारण स्कूल कैलेंडर में कई छुट्टियां हो सकती हैं। इसलिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को पूरे महीने की स्कूल कैलेंडर जानकारी अपने पास रखनी चाहिए।
18 सितंबर की छुट्टी को लेकर क्या स्थिति?
17 सितंबर के बाद 18 सितंबर शुक्रवार है। इसके बाद शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश कई संस्थानों में लागू हो सकता है। इसी कारण कुछ जगहों पर लगातार कई दिनों की छुट्टी की चर्चा हो रही है।
लेकिन 18 सितंबर को छुट्टी होना अपने आप 17 सितंबर की छुट्टी का हिस्सा नहीं माना जा सकता। इसका निर्णय संबंधित सरकार, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन या विद्यालय के अपने कैलेंडर के आधार पर होगा। इसलिए विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों के बजाय स्कूल की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।
अभिभावक रखें इन बातों का ध्यान
छुट्टी को लेकर किसी भी तरह के भ्रम से बचने के लिए अभिभावकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले स्कूल की ओर से जारी नोटिस को देखें। यदि स्कूल का कोई आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है तो वहां भी छुट्टी संबंधी सूचना जांची जा सकती है।
सरकारी और निजी विद्यालयों के नियमों को एक जैसा मान लेना भी सही नहीं होगा। विशेषकर निजी स्कूलों में अलग अकादमिक कैलेंडर होने के कारण वहां स्थानीय स्तर पर अलग निर्णय संभव है।
यूपी में स्कूल छुट्टी की जानकारी कैसे जांचें?
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद की अवकाश तालिका महत्वपूर्ण दस्तावेज है। परिषद की वेबसाइट पर वर्ष 2026 की अवकाश तालिका उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा संबंधित जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय या विद्यालय प्रशासन की सूचना को भी देखा जा सकता है। यदि किसी विद्यालय ने स्थानीय परिस्थितियों के कारण अलग आदेश जारी किया है तो वही आदेश उस संस्थान के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
निष्कर्ष
17 सितंबर 2026 को विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर उत्तर प्रदेश में स्कूलों की छुट्टी को लेकर मुख्य जानकारी विद्यालय की श्रेणी और लागू अवकाश कैलेंडर से जुड़ी है। बेसिक शिक्षा परिषद की उपलब्ध अवकाश तालिका में 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा दर्ज है।
इसलिए परिषदीय विद्यालयों से जुड़े विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए यह तारीख विशेष महत्व रखती है। वहीं निजी विद्यालयों के मामले में संबंधित स्कूल की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है। छुट्टी को लेकर किसी भी सोशल मीडिया संदेश को अंतिम मानने के बजाय विभागीय कैलेंडर और स्कूल प्रशासन की सूचना से पुष्टि करना सबसे सुरक्षित और सही तरीका है।
विश्वकर्मा पूजा के इस अवसर पर यह पर्व मेहनत, कौशल, निर्माण और रचनात्मकता के महत्व को भी रेखांकित करता है।