राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता ‘लहरी’ टीम ने ओडिशा के राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट
सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा
हिट एंड हॉट न्यूज़
भुवनेश्वर, 24 सितंबर। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित ओड़िया फिल्म ‘लहरी’ की टीम ने बुधवार को ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कांभमपति से लोक भवन में शिष्टाचार मुलाकात की। फिल्म की निर्माता झिलिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात कर फिल्म की उपलब्धि और ओड़िया सिनेमा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने ‘लहरी’ की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी ओड़िया फिल्म का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल करना राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने फिल्म से जुड़े कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों, निर्माता और अन्य सहयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रीय सम्मान से बढ़ा ओड़िया सिनेमा का गौरव
‘लहरी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने के बाद ओड़िया फिल्म उद्योग में उत्साह का माहौल है। राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित मंच पर फिल्म को मिली पहचान ने क्षेत्रीय सिनेमा की रचनात्मक क्षमता और संभावनाओं को सामने लाने का अवसर दिया है।
राज्यपाल के साथ बातचीत में फिल्म की टीम ने इस उपलब्धि से जुड़े अनुभव साझा किए। टीम की ओर से फिल्म के निर्माण, उसके उद्देश्य और दर्शकों तक पहुंचने की प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
डॉ. कांभमपति ने टीम के सदस्यों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार को केवल फिल्म से जुड़े लोगों की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे ओडिशा के लिए सम्मान का विषय बताया। उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्रीय भाषा में बनी फिल्म देश के स्तर पर पहचान हासिल करती है तो उससे उस भाषा, संस्कृति और स्थानीय रचनात्मकता को भी व्यापक मंच मिलता है।
राज्यपाल ने टीम के प्रयासों की सराहना की
राज्यपाल ने ‘लहरी’ से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने फिल्म निर्माण को एक सामूहिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि किसी फिल्म को सफल बनाने में निर्माता, निर्देशक, कलाकार, तकनीकी टीम और अन्य सहयोगियों की भूमिका होती है।
उन्होंने फिल्म की टीम को भविष्य की परियोजनाओं के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी ओड़िया फिल्म उद्योग राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगा।
राज्यपाल की ओर से मिली शुभकामनाओं के बाद फिल्म की टीम ने भी उनका आभार व्यक्त किया। मुलाकात को टीम के लिए विशेष अवसर माना गया, क्योंकि राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से इस तरह की बातचीत ने उपलब्धि के महत्व को और रेखांकित किया।
युवाओं को प्रेरित करने में सिनेमा की भूमिका
मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने सिनेमा की सामाजिक भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी तक सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने फिल्म निर्माताओं से ऐसी विषयवस्तु पर काम करने का आग्रह किया जो दर्शकों को सोचने के लिए प्रेरित करे और समाज में सकारात्मक प्रभाव पैदा करने में योगदान दे। उनके अनुसार, सिनेमा की पहुंच व्यापक है और इसलिए फिल्मकारों के पास सामाजिक जागरूकता, रचनात्मक सोच तथा सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।
डॉ. कांभमपति ने युवा पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए सार्थक और प्रभावशाली फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अच्छी कहानियां और मजबूत विषय युवाओं के विचारों को प्रभावित कर सकते हैं तथा उन्हें समाज और संस्कृति से जोड़ने में मदद कर सकते हैं।
ओड़िया भाषा और संस्कृति को राष्ट्रीय मंच
‘लहरी’ की उपलब्धि को ओड़िया भाषा और संस्कृति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षेत्रीय सिनेमा स्थानीय समाज, परंपराओं, जीवनशैली और सांस्कृतिक विविधता को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।
राज्यपाल ने फिल्म की टीम द्वारा ओड़िया सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में बनने वाली फिल्मों में स्थानीय संस्कृति और समाज की विशेषताओं को सामने रखने की क्षमता होती है।
राष्ट्रीय पुरस्कार जैसे सम्मान से ऐसी फिल्मों को देशभर में व्यापक पहचान मिलने की संभावना बढ़ती है। इससे दर्शकों का ध्यान क्षेत्रीय सिनेमा की ओर आकर्षित होता है और नए फिल्मकारों को भी अपनी भाषा में रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
फिल्म उद्योग के लिए नई प्रेरणा
ओड़िया फिल्म उद्योग के लिए ‘लहरी’ की राष्ट्रीय पहचान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। क्षेत्रीय सिनेमा के सामने कई बार सीमित संसाधन और अपेक्षाकृत छोटा बाजार जैसी चुनौतियां होती हैं। इसके बावजूद जब कोई फिल्म राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करती है तो इससे स्थानीय फिल्मकारों में नए प्रयोग करने का उत्साह पैदा हो सकता है।
राज्यपाल के साथ हुई इस मुलाकात ने भी इसी संदेश को सामने रखा कि ओड़िया सिनेमा में प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को व्यापक मंच मिल सकता है। फिल्मकारों को अपनी कहानियों, विषयों और प्रस्तुति के माध्यम से देशभर के दर्शकों तक पहुंचने के अवसर तलाशने चाहिए।
‘लहरी’ की टीम के सदस्यों के लिए राज्यपाल से मुलाकात राष्ट्रीय पुरस्कार की उपलब्धि के बाद एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही। इस दौरान न केवल टीम को बधाई मिली, बल्कि भविष्य में सार्थक फिल्मों के निर्माण के लिए प्रोत्साहन भी मिला।
भविष्य के लिए शुभकामनाएं
राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कांभमपति ने ‘लहरी’ की पूरी टीम को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म से जुड़े लोग आगे भी गुणवत्तापूर्ण और प्रभावशाली सिनेमा के निर्माण में योगदान देते रहेंगे।
उन्होंने फिल्मकारों को समाज और युवाओं के लिए सकारात्मक संदेश देने वाली कहानियों को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका संदेश यह रहा कि सिनेमा मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संवाद का भी प्रभावी माध्यम बन सकता है।
इस मुलाकात के माध्यम से ‘लहरी’ की राष्ट्रीय उपलब्धि को ओडिशा की सांस्कृतिक और सिनेमाई पहचान से जोड़कर देखा गया। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित इस फिल्म की टीम को राज्यपाल द्वारा दी गई बधाई ने ओड़िया सिनेमा के लिए प्रोत्साहन का संदेश दिया है।
राष्ट्रीय मंच पर ‘लहरी’ को मिली पहचान से ओडिशा की फिल्म इंडस्ट्री के लिए नए अवसरों की उम्मीद भी बढ़ी है। ऐसे सम्मान क्षेत्रीय भाषाओं में काम कर रहे फिल्मकारों को अपनी कहानियों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास दे सकते हैं। वहीं, राज्यपाल का संदेश यह संकेत देता है कि भविष्य में भी ओड़िया सिनेमा से ऐसी फिल्मों की अपेक्षा की जा रही है जो मनोरंजन के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों को भी प्रभावी ढंग से सामने लाएं।