चित्रकूट में बारिश के बीच भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी का धरना, UGC व आरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

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लवलेश कुमार श्रीवास्तव

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता चित्रकूट

चित्रकूट, 24 सितंबर। जिले में गुरुवार को लगातार बारिश के बावजूद भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने UGC के नियमों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर अपनी आवाज उठाई और जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान नीले झंडे और विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां दिखाई दीं। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा, सरकारी भर्तियों, आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को प्रशासन तथा केंद्र सरकार के समक्ष रखना था।

बारिश के बीच जारी रहा प्रदर्शन

चित्रकूट में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मौसम खराब रहा और बारिश होती रही। इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता धरना स्थल पर मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि खराब मौसम के कारण कार्यक्रम को प्रभावित नहीं होने दिया गया और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई।

प्रदर्शनकारियों ने UGC से संबंधित नियमों के प्रभावी अनुपालन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों की बैकलॉग भर्तियों को पूरा करने समेत कई मांगें उठाईं। कार्यकर्ताओं ने आरक्षण व्यवस्था से संबंधित शिकायतों और समस्याओं पर सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

आरक्षण से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए

धरना-प्रदर्शन के दौरान आरक्षण से जुड़े कई विषयों को प्रमुखता से रखा गया। आयोजकों के मुताबिक, सरकारी संस्थानों और भर्तियों में आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित पदों को लंबे समय तक रिक्त रखने के बजाय बैकलॉग पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को समाप्त करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि आरक्षण से संबंधित नियमों का पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पालन होना चाहिए, ताकि पात्र लोगों को निर्धारित संवैधानिक प्रावधानों का लाभ मिल सके।

कार्यकर्ताओं ने जाति आधारित जनगणना कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की। उनका कहना है कि सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित वास्तविक आंकड़े उपलब्ध होने पर नीतियों के निर्माण में मदद मिल सकती है।

प्रमोशन में आरक्षण की मांग

प्रदर्शन के दौरान सरकारी सेवाओं में पदोन्नति से जुड़े आरक्षण का मुद्दा भी उठाया गया। आयोजकों ने मांग की कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित आरक्षण के दायरे में आने वाले वर्गों के लिए पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सामाजिक प्रतिनिधित्व केवल प्रारंभिक नियुक्तियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सरकारी सेवाओं में आगे बढ़ने के अवसरों से जुड़े विषयों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

महिला आरक्षण को लेकर भी मांग

कार्यक्रम में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से संबंधित मांग भी सामने रखी गई। आयोजकों ने 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि सार्वजनिक संस्थानों और निर्णय लेने वाली व्यवस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक न्याय, समान अवसर और प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न मुद्दों को एक साथ उठाया। ज्ञापन के माध्यम से इन विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया।

जिला नेतृत्व में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम का नेतृत्व भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष संजय गौतम और आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष जितेन्द्र सोनकर ने किया। दोनों नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में अधिवक्ता रामसूरत पासवान, देवशरण चौधरी, राधेश्याम प्रजापति, कोमल सूर्यवंशी, पुष्पराज वर्मा, रामनाथ वर्मा, राजेश सोनकर, रमाशंकर चक्रवर्ती, बाबूलाल यादव, शिव चरण आजाद, रवि राज, विनोद वर्मा, सनी अंबेडकर, बबलू अंबेडकर, सोनू दिनकर, समर अंबेडकर, राजकुमार, अलंकृत, ओम प्रकाश, राजेश कुमार गौतम, जितेन्द्र कुमार गौतम, राहुल, अवधेश कुमार गौतम और धर्मेंद्र गुप्ता समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आयोजकों ने कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।

जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन

धरना-प्रदर्शन का एक प्रमुख उद्देश्य अपनी मांगों को औपचारिक रूप से प्रशासन के माध्यम से केंद्र स्तर तक पहुंचाना था। इसी क्रम में प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में UGC नियमों के पालन, SC/ST/OBC के बैकलॉग पदों की भर्ती, आरक्षण से संबंधित कथित अनियमितताओं पर रोक, जाति जनगणना, पदोन्नति में आरक्षण और महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण समेत कई मांगें रखी गईं।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाए गए विषयों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा और मांगों पर आवश्यक कार्रवाई की दिशा में पहल होगी।

सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर जारी है बहस

आरक्षण और सामाजिक प्रतिनिधित्व भारतीय सार्वजनिक नीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। शिक्षा और सरकारी सेवाओं में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधित्व, आरक्षित पदों की भर्ती तथा पदोन्नति में आरक्षण जैसे मुद्दों पर समय-समय पर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों की ओर से मांगें उठती रही हैं।

चित्रकूट में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन के जरिए भी भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इन्हीं मुद्दों को स्थानीय स्तर पर उठाया। बारिश के बीच आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और ज्ञापन सौंपे जाने के साथ प्रदर्शन समाप्त हुआ।

आयोजकों ने कहा कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों पर उनकी मांगें आगे भी उठाई जाती रहेंगी। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने एकजुटता व्यक्त की और अपने संगठनात्मक अभियान को जारी रखने की बात कही।

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