उरई मेडिकल कॉलेज में अस्थि रोग शिविर, चार मरीजों का आयुष्मान योजना के तहत होगा निःशुल्क घुटना प्रत्यारोपण
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई के आर्थोपेडिक विभाग में आयुष्मान योजना के पात्र लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष अस्थि रोग स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में हड्डियों और जोड़ों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया और आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया।

शिविर के दौरान कुल 63 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें घुटनों में दर्द, चलने-फिरने में परेशानी, जोड़ों की समस्या तथा अन्य अस्थि संबंधी शिकायतों वाले मरीज शामिल रहे। चिकित्सकों ने मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और जांच के बाद उन्हें बीमारी के अनुसार दवाएं एवं जरूरी चिकित्सकीय सलाह दी। शिविर का उद्देश्य ऐसे लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना रहा, जिन्हें लंबे समय से हड्डी और जोड़ों की बीमारी के कारण दैनिक गतिविधियों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया मरीजों का परीक्षण
अस्थि रोग शिविर का संचालन राजकीय मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने किया। विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल की देखरेख में मरीजों की जांच की गई। चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति को समझने के बाद उपचार की आवश्यकता के अनुसार उन्हें उचित सलाह दी।
शिविर में आने वाले मरीजों को केवल तत्काल परामर्श ही नहीं दिया गया, बल्कि जिन मरीजों की समस्या गंभीर पाई गई, उनके आगे के उपचार की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए गए। इसी क्रम में जांच के दौरान चार मरीज ऐसे मिले, जिन्हें घुटने के प्रत्यारोपण की आवश्यकता है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद इन मरीजों को ऑपरेशन के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है।
चार मरीजों का होगा निःशुल्क घुटना प्रत्यारोपण
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि अस्थि रोग शिविर में परीक्षण के बाद चार मरीजों को घुटना प्रत्यारोपण के लिए भर्ती किया गया है। इन मरीजों की सर्जरी आयुष्मान योजना के अंतर्गत निःशुल्क की जाएगी।
घुटने की गंभीर समस्या से परेशान मरीजों के लिए यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण मरीज समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं करा पाते हैं। ऐसे में आयुष्मान योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को उपचार उपलब्ध कराया जाना उनके लिए राहत का माध्यम बन सकता है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार मरीजों की आवश्यक जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उनका घुटना प्रत्यारोपण किया जाएगा। इससे संबंधित मरीजों को बेहतर उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी और उनके दैनिक जीवन में आने वाली शारीरिक परेशानियों को कम करने की दिशा में सहायता मिलेगी।
63 मरीजों को मिला चिकित्सकीय परामर्श
स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे सभी मरीजों की समस्या को चिकित्सकों ने विस्तार से समझा। कुल 63 लोगों का परीक्षण किए जाने के बाद उन्हें उनकी बीमारी और स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप दवाएं तथा चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।
चिकित्सकों ने मरीजों को हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय से बने रहने वाले दर्द या चलने-फिरने में लगातार परेशानी होने पर समय रहते चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार की उचित प्रक्रिया तय करने में मदद मिलती है।
जिले के 41 अस्पतालों में आयुष्मान योजना की सुविधा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने बताया कि जनपद में आयुष्मान योजना के पात्र लाभार्थियों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए 41 सूचीबद्ध अस्पतालों में सुविधा दी जा रही है। पात्र लोग अपनी योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने जिले के पात्र परिवारों से अपील की कि वे आयुष्मान योजना से संबंधित सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें और आवश्यकता पड़ने पर सूचीबद्ध अस्पताल में उपचार कराएं। योजना का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को आर्थिक बोझ से राहत देते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सीएमओ ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग और संबंधित संस्थानों की ओर से पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे।
आगे भी लगाए जाएंगे विशेष स्वास्थ्य शिविर
आर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों की समय पर जांच करना और उन्हें आवश्यक उपचार की दिशा में मार्गदर्शन देना है।
उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से उन मरीजों की पहचान करने में सहायता मिलती है, जिन्हें विशेषज्ञ उपचार की जरूरत होती है। शिविर में प्रारंभिक परीक्षण के बाद गंभीर मामलों को आगे के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
इस तरह के शिविर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकते हैं, क्योंकि उन्हें एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच और परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
बुजुर्गों के लिए भी स्वास्थ्य सुविधा पर जोर
डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को आयुष्मान वय वंदना योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना महत्वपूर्ण है।
आयुष्मान वय वंदना योजना के माध्यम से पात्र बुजुर्गों को उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना कम करना पड़ेगा और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
मेडिकल कॉलेज की टीम ने किया सहयोग
स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. अंकित साहू, डॉ. जीतू यादव और डॉ. सलीम आजमी सहित मेडिकल कॉलेज की टीम ने मरीजों के परीक्षण और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया में सहयोग किया।
शिविर में पहुंचे मरीजों की जांच से लेकर उन्हें उपचार संबंधी जानकारी देने तक चिकित्सकीय टीम ने समन्वय के साथ काम किया। गंभीर समस्या वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे के उपचार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने की पहल
राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित यह अस्थि रोग शिविर स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। एक ही शिविर में 63 मरीजों की जांच और चार मरीजों को घुटना प्रत्यारोपण के लिए भर्ती किया जाना इस बात को दर्शाता है कि विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकता रखने वाले लोगों तक उपचार की सुविधाएं पहुंचाना जरूरी है।
आयुष्मान योजना के तहत होने वाले निःशुल्क घुटना प्रत्यारोपण से चयनित चार मरीजों को आर्थिक राहत मिलने के साथ उपचार की सुविधा भी प्राप्त होगी। वहीं, भविष्य में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों से हड्डी और जोड़ संबंधी परेशानियों वाले अन्य मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लें और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं। विशेष रूप से बुजुर्गों और लंबे समय से अस्थि रोग से परेशान मरीजों के लिए समय पर जांच और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।