तेज हवाओं और बारिश से बिजली व्यवस्था चरमराई, 50 घंटे से अंधेरे में धानेपुर

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अमृत पाल बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

धानेपुर (गोण्डा), 26 सितंबर 2026। गोण्डा जिले में बीते तीन दिनों से जारी तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम का असर केवल सड़कों, बाजारों और ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित है। धानेपुर क्षेत्र के कई गांवों में लोग लंबे समय से बिजली का इंतजार कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि गुरुवार रात से शुरू हुआ तेज हवा और बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। लगातार मौसम खराब रहने के कारण बिजली विभाग के सामने क्षतिग्रस्त लाइनों और उपकरणों को दुरुस्त करने की चुनौती बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह बिजली के खंभे गिरने तथा तारों के टूटने की स्थिति सामने आई है। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी प्रभावित होने की सूचना है।

धानेपुर क्षेत्र में सबसे गंभीर स्थिति

धानेपुर बिजली उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में विद्युत संकट काफी लंबा खिंच गया है। क्षेत्र के कई गांवों में करीब 50 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात सामने आई है। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

उपकेंद्र से जुड़े बाबागंज फीडर की स्थिति विशेष रूप से प्रभावित बताई जा रही है। लगातार दो दिनों से अधिक समय बीतने के बाद भी कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ धानेपुर नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से बिजली नहीं आने के कारण दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो गई हैं। बारिश के कारण बाहर निकलना पहले ही मुश्किल बना हुआ है और बिजली कटौती ने घरों के भीतर भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

पेयजल व्यवस्था पर भी असर

लंबी बिजली कटौती का सीधा प्रभाव पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है। बिजली से चलने वाले पंप और अन्य जलापूर्ति साधनों के प्रभावित होने के कारण कई परिवारों को पानी की व्यवस्था करने में कठिनाई हो रही है।

ग्रामीण इलाकों में लोग उपलब्ध जलस्रोतों पर निर्भर हैं, लेकिन लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच पानी की व्यवस्था करना आसान नहीं है। जिन घरों में मोटर या पंप के माध्यम से पानी पहुंचता है, वहां बिजली न होने के कारण परेशानी और बढ़ गई है।

लोगों का कहना है कि यदि विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो पेयजल की समस्या और गंभीर हो सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और ऐसे परिवारों के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं, जिन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बिजली पर निर्भर रहना पड़ता है।

मोबाइल और संचार सेवाओं को लेकर चिंता

लंबी बिजली कटौती का असर मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी पड़ रहा है। घरों में मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे लोगों के लिए परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और जरूरी सेवाओं से संपर्क बनाए रखना कठिन हो रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इन्वर्टर और बैटरी की क्षमता भी लंबे समय तक बिजली न आने के कारण समाप्त हो चुकी है। जिन परिवारों के पास जनरेटर की सुविधा है, वे भी लगातार बारिश और ईंधन की उपलब्धता जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

बिजली की अनुपलब्धता के कारण शाम और रात के समय घरों में रोशनी की समस्या सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि घरेलू कामकाज भी सामान्य तरीके से नहीं हो पा रहा है।

पेड़ गिरने से बिजली लाइनों को नुकसान

लगातार चल रही तेज हवाओं ने बिजली के ढांचे को कई जगह नुकसान पहुंचाया है। विभिन्न इलाकों में पेड़ उखड़कर बिजली की लाइनों पर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। पेड़ों के भार से बिजली के तार टूटने के साथ कई स्थानों पर पोल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

कुछ इलाकों में भारी ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी सामने आई है। बिजली व्यवस्था को दोबारा सामान्य करने के लिए पहले क्षतिग्रस्त लाइनों और उपकरणों की पहचान करना, फिर उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाना और मरम्मत करना जरूरी है।

खराब मौसम के बीच बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए भी काम आसान नहीं है। लगातार बारिश और तेज हवा के कारण कई स्थानों पर मरम्मत कार्य प्रभावित हो सकता है। टूटे हुए तारों और क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों के आसपास सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है।

ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी

लंबे समय से बिजली नहीं मिलने के कारण क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब मौसम के कारण पहले ही घरों से निकलना मुश्किल है और ऊपर से बिजली कटौती ने परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है कि बिजली विभाग प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का तत्काल आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर विद्युत आपूर्ति बहाल करे। जिन स्थानों पर बड़े पेड़ या अन्य अवरोध बिजली लाइनों पर गिरे हैं, वहां राहत और मरम्मत दल भेजकर रास्ता साफ कराने की मांग भी की जा रही है।

लोगों का कहना है कि बिजली की समस्या केवल रोशनी तक सीमित नहीं है। इससे पानी, मोबाइल चार्जिंग, घरेलू उपकरण, पढ़ाई और छोटे कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं।

दुकानदारों और छोटे कारोबार पर भी असर

धानेपुर और आसपास के बाजार क्षेत्रों में बिजली कटौती का असर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। बिजली से चलने वाले उपकरणों पर निर्भर दुकानों का काम प्रभावित हो रहा है। लगातार बारिश के कारण वैसे भी बाजारों में सामान्य गतिविधियां कम हैं और बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्थिति और कठिन हो गई है।

कई छोटे कारोबारी बिजली के अभाव में अपने काम को सीमित करने को मजबूर हैं। वहीं मोबाइल रिपेयर, फोटो कॉपी, प्रिंटिंग, साइबर सेवाओं और अन्य बिजली आधारित कामों पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही है।

विभाग के सामने बहाली की चुनौती

धानेपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई स्थानों पर यदि एक साथ पेड़ गिरने, तार टूटने और पोल क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाएं हुई हैं, तो मरम्मत में समय लग सकता है। इसके अलावा लगातार बारिश के कारण कर्मचारियों को विद्युत लाइनों पर काम करने में सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतनी पड़ती हैं।

ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित क्षेत्रों की प्राथमिकता तय कर आवश्यक उपकरण और कर्मचारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण हो जाता है। ग्रामीणों को भी क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों से दूर रहने तथा टूटे तारों को स्वयं हटाने का प्रयास न करने की आवश्यकता है।

जल्द राहत की उम्मीद

धानेपुर क्षेत्र के लोग अब जल्द बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। करीब 50 घंटे से अधिक समय से जारी बिजली संकट ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है। खराब मौसम के बीच ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता पेयजल, रोशनी और मोबाइल संचार को लेकर बनी हुई है।

स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि मौसम में सुधार के साथ बिजली विभाग मरम्मत कार्य में तेजी लाए और प्रभावित फीडरों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाए। जब तक आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं होती, तब तक प्रभावित गांवों में वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण उत्पन्न इस विद्युत संकट ने एक बार फिर यह दिखाया है कि प्राकृतिक मौसम की चुनौती के दौरान बिजली जैसी आवश्यक सेवा को सुचारु बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। फिलहाल धानेपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग अंधेरे से जल्द राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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तेज हवाओं और बारिश से बिजली व्यवस्था चरमराई, 50 घंटे से अंधेरे में धानेपुर

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 26, 2026

अमृत पाल बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

धानेपुर (गोण्डा), 26 सितंबर 2026। गोण्डा जिले में बीते तीन दिनों से जारी तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम का असर केवल सड़कों, बाजारों और ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित है। धानेपुर क्षेत्र के कई गांवों में लोग लंबे समय से बिजली का इंतजार कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि गुरुवार रात से शुरू हुआ तेज हवा और बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। लगातार मौसम खराब रहने के कारण बिजली विभाग के सामने क्षतिग्रस्त लाइनों और उपकरणों को दुरुस्त करने की चुनौती बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह बिजली के खंभे गिरने तथा तारों के टूटने की स्थिति सामने आई है। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी प्रभावित होने की सूचना है।

धानेपुर क्षेत्र में सबसे गंभीर स्थिति

धानेपुर बिजली उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में विद्युत संकट काफी लंबा खिंच गया है। क्षेत्र के कई गांवों में करीब 50 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात सामने आई है। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

उपकेंद्र से जुड़े बाबागंज फीडर की स्थिति विशेष रूप से प्रभावित बताई जा रही है। लगातार दो दिनों से अधिक समय बीतने के बाद भी कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ धानेपुर नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से बिजली नहीं आने के कारण दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो गई हैं। बारिश के कारण बाहर निकलना पहले ही मुश्किल बना हुआ है और बिजली कटौती ने घरों के भीतर भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

पेयजल व्यवस्था पर भी असर

लंबी बिजली कटौती का सीधा प्रभाव पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है। बिजली से चलने वाले पंप और अन्य जलापूर्ति साधनों के प्रभावित होने के कारण कई परिवारों को पानी की व्यवस्था करने में कठिनाई हो रही है।

ग्रामीण इलाकों में लोग उपलब्ध जलस्रोतों पर निर्भर हैं, लेकिन लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच पानी की व्यवस्था करना आसान नहीं है। जिन घरों में मोटर या पंप के माध्यम से पानी पहुंचता है, वहां बिजली न होने के कारण परेशानी और बढ़ गई है।

लोगों का कहना है कि यदि विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो पेयजल की समस्या और गंभीर हो सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और ऐसे परिवारों के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं, जिन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बिजली पर निर्भर रहना पड़ता है।

मोबाइल और संचार सेवाओं को लेकर चिंता

लंबी बिजली कटौती का असर मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी पड़ रहा है। घरों में मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे लोगों के लिए परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और जरूरी सेवाओं से संपर्क बनाए रखना कठिन हो रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इन्वर्टर और बैटरी की क्षमता भी लंबे समय तक बिजली न आने के कारण समाप्त हो चुकी है। जिन परिवारों के पास जनरेटर की सुविधा है, वे भी लगातार बारिश और ईंधन की उपलब्धता जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

बिजली की अनुपलब्धता के कारण शाम और रात के समय घरों में रोशनी की समस्या सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि घरेलू कामकाज भी सामान्य तरीके से नहीं हो पा रहा है।

पेड़ गिरने से बिजली लाइनों को नुकसान

लगातार चल रही तेज हवाओं ने बिजली के ढांचे को कई जगह नुकसान पहुंचाया है। विभिन्न इलाकों में पेड़ उखड़कर बिजली की लाइनों पर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। पेड़ों के भार से बिजली के तार टूटने के साथ कई स्थानों पर पोल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

कुछ इलाकों में भारी ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी सामने आई है। बिजली व्यवस्था को दोबारा सामान्य करने के लिए पहले क्षतिग्रस्त लाइनों और उपकरणों की पहचान करना, फिर उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाना और मरम्मत करना जरूरी है।

खराब मौसम के बीच बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए भी काम आसान नहीं है। लगातार बारिश और तेज हवा के कारण कई स्थानों पर मरम्मत कार्य प्रभावित हो सकता है। टूटे हुए तारों और क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों के आसपास सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है।

ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी

लंबे समय से बिजली नहीं मिलने के कारण क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब मौसम के कारण पहले ही घरों से निकलना मुश्किल है और ऊपर से बिजली कटौती ने परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है कि बिजली विभाग प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का तत्काल आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर विद्युत आपूर्ति बहाल करे। जिन स्थानों पर बड़े पेड़ या अन्य अवरोध बिजली लाइनों पर गिरे हैं, वहां राहत और मरम्मत दल भेजकर रास्ता साफ कराने की मांग भी की जा रही है।

लोगों का कहना है कि बिजली की समस्या केवल रोशनी तक सीमित नहीं है। इससे पानी, मोबाइल चार्जिंग, घरेलू उपकरण, पढ़ाई और छोटे कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं।

दुकानदारों और छोटे कारोबार पर भी असर

धानेपुर और आसपास के बाजार क्षेत्रों में बिजली कटौती का असर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। बिजली से चलने वाले उपकरणों पर निर्भर दुकानों का काम प्रभावित हो रहा है। लगातार बारिश के कारण वैसे भी बाजारों में सामान्य गतिविधियां कम हैं और बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्थिति और कठिन हो गई है।

कई छोटे कारोबारी बिजली के अभाव में अपने काम को सीमित करने को मजबूर हैं। वहीं मोबाइल रिपेयर, फोटो कॉपी, प्रिंटिंग, साइबर सेवाओं और अन्य बिजली आधारित कामों पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही है।

विभाग के सामने बहाली की चुनौती

धानेपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई स्थानों पर यदि एक साथ पेड़ गिरने, तार टूटने और पोल क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाएं हुई हैं, तो मरम्मत में समय लग सकता है। इसके अलावा लगातार बारिश के कारण कर्मचारियों को विद्युत लाइनों पर काम करने में सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतनी पड़ती हैं।

ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित क्षेत्रों की प्राथमिकता तय कर आवश्यक उपकरण और कर्मचारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण हो जाता है। ग्रामीणों को भी क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों से दूर रहने तथा टूटे तारों को स्वयं हटाने का प्रयास न करने की आवश्यकता है।

जल्द राहत की उम्मीद

धानेपुर क्षेत्र के लोग अब जल्द बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। करीब 50 घंटे से अधिक समय से जारी बिजली संकट ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है। खराब मौसम के बीच ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता पेयजल, रोशनी और मोबाइल संचार को लेकर बनी हुई है।

स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि मौसम में सुधार के साथ बिजली विभाग मरम्मत कार्य में तेजी लाए और प्रभावित फीडरों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाए। जब तक आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं होती, तब तक प्रभावित गांवों में वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण उत्पन्न इस विद्युत संकट ने एक बार फिर यह दिखाया है कि प्राकृतिक मौसम की चुनौती के दौरान बिजली जैसी आवश्यक सेवा को सुचारु बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। फिलहाल धानेपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग अंधेरे से जल्द राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।