मंगरौल में सफाई व्यवस्था बदहाल, कीचड़ और गंदे पानी से गुजरने को मजबूर ग्रामीण
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
मंगरौल। गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद कई स्थानों पर जमीनी स्थिति अलग नजर आती है। मंगरौल गांव में भी इन दिनों नालियों की सफाई न होने के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगरौल स्टैंड से सामुदायिक शौचालय के पास से होकर गांव के भीतर जाने वाले प्रमुख रास्ते पर नाली का गंदा पानी बह रहा है। रास्ते पर जमा कीचड़ और दूषित पानी के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, यह रास्ता गांव के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। दिनभर यहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा आसपास के छोटे बच्चे और स्कूली विद्यार्थी भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सड़क पर बहता गंदा पानी उनके लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है। लोगों को मजबूरी में पानी और कीचड़ के बीच से होकर रास्ता पार करना पड़ रहा है।
नालियों में जमा है कचरा और घास
मंगरौल स्टैंड से पानी की टंकी होते हुए गांव के अंदर जाने वाले मार्ग के किनारे बनी नालियां लंबे समय से सफाई के अभाव में बदहाल बताई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों में मिट्टी, कचरा और अन्य गंदगी जमा हो चुकी है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कई हिस्सों में करीब दो फीट तक ऊंची घास उग आई है।
नालियों के अवरुद्ध होने के कारण पानी को निकासी का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप गंदा पानी नाली से निकलने के बजाय सड़क पर फैल रहा है। बारिश या अन्य कारणों से पानी की मात्रा बढ़ने पर समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर जमा पानी के साथ कीचड़ भी बन रहा है, जिससे पैदल चलने वालों के लिए रास्ता पार करना कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई करा दी जाती तो संभवतः पानी सड़क पर आने की स्थिति नहीं बनती। उनका आरोप है कि लंबे समय से नालियों की नियमित सफाई नहीं हुई, जिसके चलते समस्या लगातार बढ़ती गई।
स्कूली बच्चों को भी हो रही परेशानी
इस रास्ते से प्रतिदिन कई ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं। सड़क पर गंदा पानी बहने के कारण बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों को भी चिंता रहती है कि बच्चे गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल आने-जाने के दौरान फिसल न जाएं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क पर बह रहे पानी की वजह से पैदल चलने वालों को किनारे से निकलने की कोशिश करनी पड़ती है। कई जगह रास्ता संकरा होने के कारण सामने से आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुख्य रास्ते पर इस तरह की स्थिति लंबे समय तक बनी रहना स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सफाई कर्मचारियों की तैनाती का भी किया गया उल्लेख
गांव में सफाई व्यवस्था के लिए दो सफाई कर्मचारियों—रामस्वरूप और छोटे लाल—की तैनाती बताई गई है। स्थानीय स्तर पर बताया गया है कि कर्मचारियों के लिए रोस्टर भी निर्धारित है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि जिस मार्ग पर नालियां लंबे समय से गंदगी से भरी हैं, वहां अपेक्षित सफाई नहीं हो पाई है।
ग्रामीण विक्रम सिंह और राजू सिंह ने बताया कि नालियों की सफाई हुए काफी समय बीत चुका है। उनके अनुसार, समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, सचिव और ब्लॉक कार्यालय के स्तर पर कई बार जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद सड़क पर गंदा पानी बहने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि केवल नाली की ऊपरी सफाई के बजाय उसकी पूरी तरह सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। उनका कहना है कि जब तक नाली के अंदर जमा मिट्टी, कचरा और उगी हुई घास को हटाया नहीं जाएगा, तब तक पानी की समस्या दोबारा उत्पन्न हो सकती है।
ग्रामीणों ने लगाए लापरवाही के आरोप
विक्रम सिंह और राजू सिंह सहित आसपास के लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या अचानक पैदा नहीं हुई है, बल्कि लंबे समय से नालियों में गंदगी जमा होती रही। धीरे-धीरे नालियां अवरुद्ध होती गईं और अब स्थिति ऐसी हो गई है कि गंदा पानी सड़क पर बह रहा है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देखने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव में स्वच्छता व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि नियमित रूप से सफाई कार्य दिखाई भी देना चाहिए। नालियों की सफाई के साथ-साथ कचरे के उचित निस्तारण और पानी की निकासी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
ग्राम सचिव ने दिए सफाई के निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्राम सचिव बंदना वर्मा ने सफाई कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही है। उनका कहना है कि संबंधित कर्मचारियों को मौके की समस्या के समाधान के लिए निर्देशित किया जाएगा।
प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई की बात सामने आने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही रास्ते पर बह रहे गंदे पानी से राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों की मुख्य मांग यही है कि नालियों की सफाई जल्द कराकर पानी की निकासी सामान्य की जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके।
कल तक समाधान का आश्वासन
सहायक विकास अधिकारी पंचायत हरेंद्र सिंह सेंगर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि नालियों की सफाई का कार्य कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया है कि कल तक सफाई का काम पूरा कर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारी के इस आश्वासन के बाद अब ग्रामीणों की नजर सफाई कार्य पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालियों की पूरी तरह सफाई हो जाती है और पानी की निकासी व्यवस्थित कर दी जाती है तो लंबे समय से चली आ रही समस्या समाप्त हो सकती है।
स्थायी समाधान की जरूरत
मंगरौल की यह स्थिति केवल तत्काल सफाई की आवश्यकता तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की नियमित निगरानी और समय-समय पर सफाई जरूरी है। यदि कुछ समय बाद फिर से नालियां कचरे और घास से भर जाती हैं तो सड़क पर पानी जमा होने की समस्या दोबारा सामने आ सकती है।
विशेषज्ञ रूप से देखा जाए तो किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था के लिए नियमित नाला सफाई, कचरा प्रबंधन और जल निकासी का उचित रखरखाव जरूरी है। मुख्य मार्गों पर यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि वहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं।
फिलहाल मंगरौल के ग्रामीणों को अधिकारियों के आश्वासन के बाद सफाई कार्य शुरू होने की प्रतीक्षा है। यदि नालियों से गंदगी, कीचड़ और उगी हुई घास पूरी तरह हटाकर जल निकासी बहाल कर दी जाती है, तो ग्रामीणों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरने की समस्या से राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि घोषित समयसीमा के भीतर सफाई कार्य कितना प्रभावी ढंग से पूरा होता है और सड़क पर बह रहे गंदे पानी की समस्या वास्तव में समाप्त होती है या नहीं।