जालौन पुलिस लाइन में एनडीआरएफ की मॉकड्रिल, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का किया अभ्यास

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देव पटेल

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन

उरई (जालौन)। जनपद जालौन में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उरई स्थित पुलिस लाइन में एनडीआरएफ की टीम ने मॉकड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास के दौरान विभिन्न प्रकार की आपदाओं और संकटपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। मॉकड्रिल में बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ अग्निकांड, बमबारी और दंगा जैसी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम देने का अभ्यास किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सहित संबंधित टीमों ने भाग लिया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, राहत कार्यों में होने वाली देरी को कम करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को मजबूत बनाना रहा।

आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन

आपदाएं और अप्रत्याशित घटनाएं कभी भी सामने आ सकती हैं। ऐसे समय में पुलिस, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि सभी विभागों के बीच समन्वय बेहतर हो, तो प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जालौन पुलिस लाइन में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉकड्रिल के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि किसी बड़ी दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर बचाव दल किस प्रकार मौके पर पहुंचकर परिस्थितियों का आकलन करता है। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, फंसे हुए लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

इस तरह के अभ्यास से आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को अपनी कार्यप्रणाली परखने और संभावित चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, वास्तविक घटना के दौरान उत्पन्न होने वाले दबाव में भी व्यवस्थित ढंग से काम करने की तैयारी मजबूत होती है।

बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को निकालने का अभ्यास

मॉकड्रिल का एक प्रमुख हिस्सा बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया रहा। किसी इमारत में आग लगने, संरचनात्मक क्षति होने या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होने पर वहां मौजूद लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेष रूप से ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षित बचावकर्मियों और उचित उपकरणों की आवश्यकता होती है।

अभ्यास के दौरान ऐसी ही स्थिति को ध्यान में रखकर बचाव अभियान का प्रदर्शन किया गया। इसमें फंसे हुए लोगों तक पहुंचने, उन्हें सुरक्षित निकालने और संभावित खतरे से दूर ले जाने की प्रक्रिया को दर्शाया गया।

इस प्रकार की मॉकड्रिल बचाव दल को यह समझने में मदद करती है कि सीमित समय और कठिन परिस्थितियों में किस तरह काम करना चाहिए। इसके अलावा, इससे विभिन्न स्तरों पर तैनात कर्मियों के बीच संचार व्यवस्था और जिम्मेदारियों के निर्वहन का अभ्यास भी होता है।

बहुमंजिला इमारतों में होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान घबराहट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में प्रशिक्षित बचावकर्मियों की तत्परता और सही निर्णय प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए अहम होते हैं। नियमित अभ्यास से इन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है।

अग्निकांड से निपटने की प्रक्रिया पर जोर

मॉकड्रिल में आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने का भी अभ्यास किया गया। अग्निकांड के दौरान सबसे पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना, प्रभावित क्षेत्र को नियंत्रित करना और आग के फैलाव से होने वाले नुकसान को कम करना होती है।

ऐसी परिस्थितियों में पुलिस और बचाव दल की जिम्मेदारी केवल लोगों को बाहर निकालने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि प्रभावित क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना और राहत कार्यों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण होता है।

अग्निकांड से जुड़े अभ्यास का उद्देश्य संबंधित कर्मियों को संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क रखना और आपातकालीन प्रतिक्रिया की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है। वास्तविक घटना के समय यदि सभी टीमें अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार काम करें, तो राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

बमबारी और दंगा जैसी परिस्थितियों में कार्रवाई का अभ्यास

पुलिस लाइन में आयोजित मॉकड्रिल के दौरान बमबारी और दंगा जैसी गंभीर परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का भी अभ्यास किया गया। ऐसी घटनाओं में लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्र को नियंत्रित करना और बचाव कार्यों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना आवश्यक होता है।

किसी विस्फोट या बम से संबंधित खतरे की सूचना मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता के साथ कार्रवाई करनी पड़ती है। वहीं, दंगे जैसी स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करना, आम नागरिकों को सुरक्षित रखना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

मॉकड्रिल के माध्यम से इन परिस्थितियों में विभागीय समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारियों को परखने का अवसर मिला। ऐसे अभ्यासों से पुलिसकर्मियों और बचाव दलों को अलग-अलग प्रकार की चुनौतियों के लिए तैयार रहने में सहायता मिलती है।

हालांकि, प्रत्येक आपात स्थिति की प्रकृति अलग होती है। इसलिए वास्तविक घटनाओं के दौरान मौके की परिस्थितियों का आकलन करके ही उचित कदम उठाना आवश्यक होता है। मॉकड्रिल इसी तैयारी को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

एसपी और एएसपी की मौजूदगी में हुआ आयोजन

उरई स्थित पुलिस लाइन में आयोजित इस मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी रही। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुए इस अभ्यास ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा तैयारियों के महत्व को रेखांकित किया।

ऐसे आयोजनों में अधिकारियों को विभिन्न टीमों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करने और आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय की आवश्यकता को समझने का अवसर मिलता है। पुलिस विभाग के लिए इस प्रकार के अभ्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि किसी बड़ी घटना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों को भी सुचारु रूप से संचालित करना पड़ सकता है।

एनडीआरएफ जैसी प्रशिक्षित टीमों के अभ्यास से आपदा के समय अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी मिलती है। इससे संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने और संभावित चुनौतियों को पहले से पहचानने में मदद मिल सकती है।

आपदा प्रबंधन में नियमित अभ्यास की अहम भूमिका

किसी भी जिले में आपातकालीन व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रशिक्षण और समय-समय पर अभ्यास आवश्यक है। प्राकृतिक आपदा, आग लगने, इमारत में लोगों के फंसने या कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर स्थिति में राहत कार्यों की सफलता काफी हद तक तैयारियों पर निर्भर करती है।

मॉकड्रिल के जरिए बचाव दल अपनी प्रतिक्रिया क्षमता का अभ्यास करते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि संकट की सूचना मिलने के बाद किस प्रकार कार्रवाई शुरू की जाए, प्रभावित लोगों तक कैसे पहुंचा जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर कैसे पहुंचाया जाए।

इसके साथ ही, इस प्रकार के आयोजनों से आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश भी मिलता है। आम लोगों को भी आग लगने, दुर्घटना होने या किसी संदिग्ध वस्तु की जानकारी मिलने पर घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने जैसी बुनियादी सावधानियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में पहल

जालौन के उरई स्थित पुलिस लाइन में आयोजित एनडीआरएफ की मॉकड्रिल को आपातकालीन तैयारियों के अभ्यास के रूप में देखा जा सकता है। इसमें बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को निकालने से लेकर अग्निकांड, बमबारी और दंगा जैसी परिस्थितियों से निपटने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।

एसपी और एएसपी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने आपदा प्रबंधन के दौरान प्रशिक्षण, तत्परता और विभागीय समन्वय की आवश्यकता को सामने रखा। ऐसे अभ्यासों से संबंधित टीमों को अपनी तैयारियों का मूल्यांकन करने और संकट की स्थिति में अधिक व्यवस्थित ढंग से काम करने का अवसर मिलता है।

कुल मिलाकर, पुलिस लाइन उरई में हुई यह मॉकड्रिल आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अभ्यास रही। इसका व्यापक उद्देश्य संकट के समय त्वरित कार्रवाई, सुरक्षित बचाव और प्रभावित नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता को बेहतर बनाना है।

स्थान: उरई, जनपद जालौन, उत्तर प्रदेश।

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जालौन पुलिस लाइन में एनडीआरएफ की मॉकड्रिल, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का किया अभ्यास

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 19, 2026

देव पटेल

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन

उरई (जालौन)। जनपद जालौन में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उरई स्थित पुलिस लाइन में एनडीआरएफ की टीम ने मॉकड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास के दौरान विभिन्न प्रकार की आपदाओं और संकटपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। मॉकड्रिल में बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ अग्निकांड, बमबारी और दंगा जैसी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम देने का अभ्यास किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सहित संबंधित टीमों ने भाग लिया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, राहत कार्यों में होने वाली देरी को कम करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को मजबूत बनाना रहा।

आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन

आपदाएं और अप्रत्याशित घटनाएं कभी भी सामने आ सकती हैं। ऐसे समय में पुलिस, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि सभी विभागों के बीच समन्वय बेहतर हो, तो प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जालौन पुलिस लाइन में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉकड्रिल के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि किसी बड़ी दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर बचाव दल किस प्रकार मौके पर पहुंचकर परिस्थितियों का आकलन करता है। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, फंसे हुए लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

इस तरह के अभ्यास से आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को अपनी कार्यप्रणाली परखने और संभावित चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, वास्तविक घटना के दौरान उत्पन्न होने वाले दबाव में भी व्यवस्थित ढंग से काम करने की तैयारी मजबूत होती है।

बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को निकालने का अभ्यास

मॉकड्रिल का एक प्रमुख हिस्सा बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया रहा। किसी इमारत में आग लगने, संरचनात्मक क्षति होने या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होने पर वहां मौजूद लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेष रूप से ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षित बचावकर्मियों और उचित उपकरणों की आवश्यकता होती है।

अभ्यास के दौरान ऐसी ही स्थिति को ध्यान में रखकर बचाव अभियान का प्रदर्शन किया गया। इसमें फंसे हुए लोगों तक पहुंचने, उन्हें सुरक्षित निकालने और संभावित खतरे से दूर ले जाने की प्रक्रिया को दर्शाया गया।

इस प्रकार की मॉकड्रिल बचाव दल को यह समझने में मदद करती है कि सीमित समय और कठिन परिस्थितियों में किस तरह काम करना चाहिए। इसके अलावा, इससे विभिन्न स्तरों पर तैनात कर्मियों के बीच संचार व्यवस्था और जिम्मेदारियों के निर्वहन का अभ्यास भी होता है।

बहुमंजिला इमारतों में होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान घबराहट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में प्रशिक्षित बचावकर्मियों की तत्परता और सही निर्णय प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए अहम होते हैं। नियमित अभ्यास से इन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है।

अग्निकांड से निपटने की प्रक्रिया पर जोर

मॉकड्रिल में आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने का भी अभ्यास किया गया। अग्निकांड के दौरान सबसे पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना, प्रभावित क्षेत्र को नियंत्रित करना और आग के फैलाव से होने वाले नुकसान को कम करना होती है।

ऐसी परिस्थितियों में पुलिस और बचाव दल की जिम्मेदारी केवल लोगों को बाहर निकालने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि प्रभावित क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना और राहत कार्यों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण होता है।

अग्निकांड से जुड़े अभ्यास का उद्देश्य संबंधित कर्मियों को संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क रखना और आपातकालीन प्रतिक्रिया की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है। वास्तविक घटना के समय यदि सभी टीमें अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार काम करें, तो राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

बमबारी और दंगा जैसी परिस्थितियों में कार्रवाई का अभ्यास

पुलिस लाइन में आयोजित मॉकड्रिल के दौरान बमबारी और दंगा जैसी गंभीर परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का भी अभ्यास किया गया। ऐसी घटनाओं में लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्र को नियंत्रित करना और बचाव कार्यों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना आवश्यक होता है।

किसी विस्फोट या बम से संबंधित खतरे की सूचना मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता के साथ कार्रवाई करनी पड़ती है। वहीं, दंगे जैसी स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करना, आम नागरिकों को सुरक्षित रखना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

मॉकड्रिल के माध्यम से इन परिस्थितियों में विभागीय समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारियों को परखने का अवसर मिला। ऐसे अभ्यासों से पुलिसकर्मियों और बचाव दलों को अलग-अलग प्रकार की चुनौतियों के लिए तैयार रहने में सहायता मिलती है।

हालांकि, प्रत्येक आपात स्थिति की प्रकृति अलग होती है। इसलिए वास्तविक घटनाओं के दौरान मौके की परिस्थितियों का आकलन करके ही उचित कदम उठाना आवश्यक होता है। मॉकड्रिल इसी तैयारी को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

एसपी और एएसपी की मौजूदगी में हुआ आयोजन

उरई स्थित पुलिस लाइन में आयोजित इस मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी रही। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुए इस अभ्यास ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा तैयारियों के महत्व को रेखांकित किया।

ऐसे आयोजनों में अधिकारियों को विभिन्न टीमों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करने और आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय की आवश्यकता को समझने का अवसर मिलता है। पुलिस विभाग के लिए इस प्रकार के अभ्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि किसी बड़ी घटना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्यों को भी सुचारु रूप से संचालित करना पड़ सकता है।

एनडीआरएफ जैसी प्रशिक्षित टीमों के अभ्यास से आपदा के समय अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी मिलती है। इससे संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने और संभावित चुनौतियों को पहले से पहचानने में मदद मिल सकती है।

आपदा प्रबंधन में नियमित अभ्यास की अहम भूमिका

किसी भी जिले में आपातकालीन व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रशिक्षण और समय-समय पर अभ्यास आवश्यक है। प्राकृतिक आपदा, आग लगने, इमारत में लोगों के फंसने या कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर स्थिति में राहत कार्यों की सफलता काफी हद तक तैयारियों पर निर्भर करती है।

मॉकड्रिल के जरिए बचाव दल अपनी प्रतिक्रिया क्षमता का अभ्यास करते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि संकट की सूचना मिलने के बाद किस प्रकार कार्रवाई शुरू की जाए, प्रभावित लोगों तक कैसे पहुंचा जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर कैसे पहुंचाया जाए।

इसके साथ ही, इस प्रकार के आयोजनों से आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश भी मिलता है। आम लोगों को भी आग लगने, दुर्घटना होने या किसी संदिग्ध वस्तु की जानकारी मिलने पर घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने जैसी बुनियादी सावधानियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में पहल

जालौन के उरई स्थित पुलिस लाइन में आयोजित एनडीआरएफ की मॉकड्रिल को आपातकालीन तैयारियों के अभ्यास के रूप में देखा जा सकता है। इसमें बहुमंजिला इमारत में फंसे लोगों को निकालने से लेकर अग्निकांड, बमबारी और दंगा जैसी परिस्थितियों से निपटने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।

एसपी और एएसपी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने आपदा प्रबंधन के दौरान प्रशिक्षण, तत्परता और विभागीय समन्वय की आवश्यकता को सामने रखा। ऐसे अभ्यासों से संबंधित टीमों को अपनी तैयारियों का मूल्यांकन करने और संकट की स्थिति में अधिक व्यवस्थित ढंग से काम करने का अवसर मिलता है।

कुल मिलाकर, पुलिस लाइन उरई में हुई यह मॉकड्रिल आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अभ्यास रही। इसका व्यापक उद्देश्य संकट के समय त्वरित कार्रवाई, सुरक्षित बचाव और प्रभावित नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता को बेहतर बनाना है।

स्थान: उरई, जनपद जालौन, उत्तर प्रदेश।