जालौन: किसानों को समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराने के निर्देश, नहर व बिजली व्यवस्था में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई (जालौन)। किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान करने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने के उद्देश्य से शनिवार को उरई स्थित जमुना पैलेस में जनपद स्तरीय रबी गोष्ठी-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रबी फसलों की खेती, मक्का उत्पादन, मिलेट्स से संबंधित जागरूकता, कृषि योजनाओं की जानकारी और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान किसान मेला एवं प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की ओर से किसानों को कृषि योजनाओं, तकनीकी सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी समीर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी और कालपी विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी मुख्य रूप से शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने गोष्ठी का शुभारंभ करने के बाद प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों के लिए संचालित योजनाओं, कृषि उपकरणों, उत्पादन बढ़ाने के उपायों और विभागीय सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती की बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना, कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाना तथा सिंचाई, खाद और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना रहा।

समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता

रबी गोष्ठी के दौरान जिलाधिकारी समीर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को कृषि कार्य के लिए आवश्यक बीज, उर्वरक और फसल सुरक्षा से संबंधित रसायन निर्धारित समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती के महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को खाद और बीज के लिए परेशान होना पड़े, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।

जिलाधिकारी ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को निर्धारित मात्रा और उचित व्यवस्था के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाए। वितरण केंद्रों पर किसी प्रकार की अनियमितता, मनमानी या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कृषि विभाग और संबंधित एजेंसियां किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपसी समन्वय से काम करें। किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें वास्तविक रूप से लाभ मिल रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि कार्य में समय का विशेष महत्व है। बीज की बुवाई, खाद का उपयोग और सिंचाई निर्धारित समय पर होने से फसल के विकास और उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।

नहरों का संचालन निर्धारित रोस्टर के अनुसार कराने पर जोर

किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने नहरों के संचालन को लेकर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराने की बात कही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नहरों में पानी निर्धारित रोस्टर के अनुसार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन का बड़ा हिस्सा सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर करता है। यदि किसानों को समय पर पानी नहीं मिलता, तो खेतों की तैयारी और फसलों की सिंचाई प्रभावित होती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने नलकूप विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी नलकूपों में विद्युत और यांत्रिक खराबियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत कराकर उन्हें उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विभागों को मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं में सुधार करना होगा।

बिजली आपूर्ति में बाधा आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही

गोष्ठी में विद्युत आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि कृषि कार्यों के लिए आवश्यक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बिजली आपूर्ति बनाए रखने और तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं के कारण किसानों को परेशानी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को खेती के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और उन्हें विभागीय कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई करें।

वैज्ञानिकों ने बताईं रबी फसलों की उन्नत तकनीकें

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं कृषि वैज्ञानिक मंजुल पाण्डेय सहित कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए खेत की तैयारी, बीज चयन, बुवाई का उचित समय, खाद का संतुलित प्रयोग और फसल की नियमित निगरानी आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने किसानों को रबी मौसम में उगाई जाने वाली फसलों की वैज्ञानिक विधियों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि कृषि कार्य में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तकनीकों को अपनाने से उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

किसानों को फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान करने के तरीके भी बताए गए। वैज्ञानिकों ने समझाया कि फसल में किसी प्रकार के रोग या कीट का प्रकोप दिखाई देने पर उसकी सही पहचान करना जरूरी है। इसके बाद ही उचित उपचार अपनाना चाहिए।

उन्होंने फसल सुरक्षा के लिए कृषि रक्षा रसायनों का सावधानीपूर्वक और निर्धारित मात्रा में उपयोग करने की सलाह दी। विशेषज्ञों ने किसानों को अनावश्यक रसायनों के प्रयोग से बचने और कृषि संबंधी सलाह के अनुसार उपचार करने के लिए प्रेरित किया।

गोष्ठी में यह भी बताया गया कि समय-समय पर खेतों का निरीक्षण करने, फसल की स्थिति पर नजर रखने और कृषि विशेषज्ञों से संपर्क बनाए रखने से संभावित नुकसान को कम करने में सहायता मिलती है।

फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

उप कृषि निदेशक ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और रबी अभियान की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के महत्व को समझाते हुए किसानों को इससे संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि किसानों का व्यवस्थित अभिलेख तैयार होने से कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की पहचान में सहायता मिलती है। इसलिए किसानों को अपनी जानकारी सही तरीके से दर्ज कराने और आवश्यक विवरणों का सत्यापन कराने पर ध्यान देना चाहिए।

अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे विभागीय योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग की योजनाओं, रबी अभियान की रणनीति और किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुंचाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

फसल बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं किसान

कालपी विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी खेती को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बना सकते हैं।

उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क बनाए रखने की अपील की। विधायक ने फसल बीमा से संबंधित लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन भी दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करना महत्वपूर्ण है। कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय जरूरी है।

मिलेट्स को दैनिक आहार में शामिल करने की अपील

रबी गोष्ठी के साथ आयोजित मिलेट्स रेसिपी विकास एवं जागरूकता कार्यक्रम में मोटे अनाजों के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। कृषि अधिकारियों ने किसानों और उपस्थित लोगों को मिलेट्स से तैयार किए जाने वाले विभिन्न व्यंजनों की जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने बताया कि मोटे अनाजों को भोजन में शामिल करने से आहार में विविधता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने लोगों को पारंपरिक अनाजों के उपयोग को बढ़ावा देने और इनके पोषण संबंधी महत्व के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम में मिलेट्स से तैयार व्यंजनों के माध्यम से लोगों को इनके उपयोग के विभिन्न तरीकों से परिचित कराया गया। अधिकारियों ने किसानों को मोटे अनाजों की खेती और उनके उपयोग से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

किसान मेला और प्रदर्शनी में विभागीय योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किसान मेला एवं प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को कृषि योजनाओं, तकनीकी सुविधाओं, उन्नत खेती और उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी दी गई।

जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक और जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारियों से किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

इस दौरान किसानों को कृषि से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विभागों से संपर्क करने और योजनाओं की जानकारी लेने के लिए प्रेरित किया गया।

अधिकारियों और किसान संगठनों की रही सहभागिता

जनपद स्तरीय रबी गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लम्बरदार, राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन और जिला प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

गोष्ठी के दौरान किसानों की समस्याओं, कृषि योजनाओं, सिंचाई व्यवस्था और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।

प्रशासन की ओर से किसानों को भरोसा दिलाया गया कि कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। अधिकारियों को किसानों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और निर्धारित समय में समस्याओं का निस्तारण करने के लिए कहा गया।

जनपद स्तरीय इस आयोजन के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देने, सरकारी योजनाओं से जोड़ने और कृषि सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर बीज, खाद, सिंचाई और बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभागीय व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है।

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जालौन: किसानों को समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराने के निर्देश, नहर व बिजली व्यवस्था में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 24, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई (जालौन)। किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान करने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने के उद्देश्य से शनिवार को उरई स्थित जमुना पैलेस में जनपद स्तरीय रबी गोष्ठी-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रबी फसलों की खेती, मक्का उत्पादन, मिलेट्स से संबंधित जागरूकता, कृषि योजनाओं की जानकारी और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान किसान मेला एवं प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की ओर से किसानों को कृषि योजनाओं, तकनीकी सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी समीर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी और कालपी विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी मुख्य रूप से शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने गोष्ठी का शुभारंभ करने के बाद प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों के लिए संचालित योजनाओं, कृषि उपकरणों, उत्पादन बढ़ाने के उपायों और विभागीय सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती की बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना, कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाना तथा सिंचाई, खाद और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना रहा।

समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता

रबी गोष्ठी के दौरान जिलाधिकारी समीर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को कृषि कार्य के लिए आवश्यक बीज, उर्वरक और फसल सुरक्षा से संबंधित रसायन निर्धारित समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती के महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को खाद और बीज के लिए परेशान होना पड़े, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।

जिलाधिकारी ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को निर्धारित मात्रा और उचित व्यवस्था के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाए। वितरण केंद्रों पर किसी प्रकार की अनियमितता, मनमानी या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कृषि विभाग और संबंधित एजेंसियां किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपसी समन्वय से काम करें। किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें वास्तविक रूप से लाभ मिल रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि कार्य में समय का विशेष महत्व है। बीज की बुवाई, खाद का उपयोग और सिंचाई निर्धारित समय पर होने से फसल के विकास और उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।

नहरों का संचालन निर्धारित रोस्टर के अनुसार कराने पर जोर

किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने नहरों के संचालन को लेकर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराने की बात कही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नहरों में पानी निर्धारित रोस्टर के अनुसार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन का बड़ा हिस्सा सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर करता है। यदि किसानों को समय पर पानी नहीं मिलता, तो खेतों की तैयारी और फसलों की सिंचाई प्रभावित होती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने नलकूप विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी नलकूपों में विद्युत और यांत्रिक खराबियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत कराकर उन्हें उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विभागों को मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं में सुधार करना होगा।

बिजली आपूर्ति में बाधा आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही

गोष्ठी में विद्युत आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि कृषि कार्यों के लिए आवश्यक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बिजली आपूर्ति बनाए रखने और तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं के कारण किसानों को परेशानी होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को खेती के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और उन्हें विभागीय कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई करें।

वैज्ञानिकों ने बताईं रबी फसलों की उन्नत तकनीकें

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं कृषि वैज्ञानिक मंजुल पाण्डेय सहित कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए खेत की तैयारी, बीज चयन, बुवाई का उचित समय, खाद का संतुलित प्रयोग और फसल की नियमित निगरानी आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने किसानों को रबी मौसम में उगाई जाने वाली फसलों की वैज्ञानिक विधियों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि कृषि कार्य में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तकनीकों को अपनाने से उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

किसानों को फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान करने के तरीके भी बताए गए। वैज्ञानिकों ने समझाया कि फसल में किसी प्रकार के रोग या कीट का प्रकोप दिखाई देने पर उसकी सही पहचान करना जरूरी है। इसके बाद ही उचित उपचार अपनाना चाहिए।

उन्होंने फसल सुरक्षा के लिए कृषि रक्षा रसायनों का सावधानीपूर्वक और निर्धारित मात्रा में उपयोग करने की सलाह दी। विशेषज्ञों ने किसानों को अनावश्यक रसायनों के प्रयोग से बचने और कृषि संबंधी सलाह के अनुसार उपचार करने के लिए प्रेरित किया।

गोष्ठी में यह भी बताया गया कि समय-समय पर खेतों का निरीक्षण करने, फसल की स्थिति पर नजर रखने और कृषि विशेषज्ञों से संपर्क बनाए रखने से संभावित नुकसान को कम करने में सहायता मिलती है।

फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

उप कृषि निदेशक ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और रबी अभियान की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के महत्व को समझाते हुए किसानों को इससे संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि किसानों का व्यवस्थित अभिलेख तैयार होने से कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की पहचान में सहायता मिलती है। इसलिए किसानों को अपनी जानकारी सही तरीके से दर्ज कराने और आवश्यक विवरणों का सत्यापन कराने पर ध्यान देना चाहिए।

अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे विभागीय योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग की योजनाओं, रबी अभियान की रणनीति और किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुंचाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

फसल बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं किसान

कालपी विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी खेती को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बना सकते हैं।

उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क बनाए रखने की अपील की। विधायक ने फसल बीमा से संबंधित लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन भी दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करना महत्वपूर्ण है। कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय जरूरी है।

मिलेट्स को दैनिक आहार में शामिल करने की अपील

रबी गोष्ठी के साथ आयोजित मिलेट्स रेसिपी विकास एवं जागरूकता कार्यक्रम में मोटे अनाजों के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। कृषि अधिकारियों ने किसानों और उपस्थित लोगों को मिलेट्स से तैयार किए जाने वाले विभिन्न व्यंजनों की जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने बताया कि मोटे अनाजों को भोजन में शामिल करने से आहार में विविधता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने लोगों को पारंपरिक अनाजों के उपयोग को बढ़ावा देने और इनके पोषण संबंधी महत्व के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम में मिलेट्स से तैयार व्यंजनों के माध्यम से लोगों को इनके उपयोग के विभिन्न तरीकों से परिचित कराया गया। अधिकारियों ने किसानों को मोटे अनाजों की खेती और उनके उपयोग से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

किसान मेला और प्रदर्शनी में विभागीय योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किसान मेला एवं प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को कृषि योजनाओं, तकनीकी सुविधाओं, उन्नत खेती और उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी दी गई।

जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक और जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारियों से किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

इस दौरान किसानों को कृषि से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विभागों से संपर्क करने और योजनाओं की जानकारी लेने के लिए प्रेरित किया गया।

अधिकारियों और किसान संगठनों की रही सहभागिता

जनपद स्तरीय रबी गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लम्बरदार, राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन और जिला प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

गोष्ठी के दौरान किसानों की समस्याओं, कृषि योजनाओं, सिंचाई व्यवस्था और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।

प्रशासन की ओर से किसानों को भरोसा दिलाया गया कि कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। अधिकारियों को किसानों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और निर्धारित समय में समस्याओं का निस्तारण करने के लिए कहा गया।

जनपद स्तरीय इस आयोजन के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देने, सरकारी योजनाओं से जोड़ने और कृषि सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर बीज, खाद, सिंचाई और बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभागीय व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है।