जालौन: थाना समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, 10 शिकायतों में 4 का मौके पर निस्तारण
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन | 24 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को थाना आटा में थाना सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने उपस्थित होकर दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की शिकायतें सुनीं। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में कुल 10 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से चार शिकायतों का निस्तारण अधिकारियों ने मौके पर ही कर दिया। वहीं, शेष छह शिकायतों के समाधान के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गईं। इन टीमों को संबंधित स्थानों पर जाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है और किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
थाना समाधान दिवस में अधिकारियों ने सुनीं जनसमस्याएं
शनिवार को थाना आटा परिसर में आयोजित समाधान दिवस में विभिन्न प्रकार की समस्याओं को लेकर फरियादी पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी शिकायतें जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सामने प्रस्तुत कीं। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बात सुनने के साथ संबंधित मामलों की जानकारी भी प्राप्त की।
थाना सम्पूर्ण समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता को प्रशासन और पुलिस तक अपनी समस्याएं पहुंचाने का सरल माध्यम उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से नागरिक भूमि विवाद, राजस्व संबंधी समस्याओं, पुलिस कार्रवाई और अन्य स्थानीय मामलों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं।
जिलाधिकारी समीर ने शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति को समझकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी पक्ष के साथ पक्षपात नहीं होना चाहिए और सभी मामलों में कानून तथा निर्धारित नियमों का पालन किया जाए।
अधिकारियों ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
10 शिकायतों में चार का मौके पर समाधान
समाधान दिवस के दौरान प्राप्त कुल 10 शिकायतों में से चार मामलों का तत्काल निस्तारण किया गया। अधिकारियों की मौजूदगी और संबंधित विभागों की कार्रवाई के माध्यम से इन शिकायतों को मौके पर ही सुलझाया गया।
शेष छह शिकायतों के लिए तत्काल समाधान संभव नहीं होने पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गईं। इन टीमों को संबंधित क्षेत्रों में पहुंचकर शिकायतों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और दोनों पक्षों से बातचीत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कई मामलों में शिकायतों का सही समाधान तभी संभव होता है, जब अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करें। इसलिए संबंधित विभागों के कर्मचारियों को केवल कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट तैयार करने के बजाय क्षेत्रीय स्तर पर जांच करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जांच के दौरान दोनों पक्षों की बात सुनी जाए और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए। शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
संयुक्त टीमों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए और मामले का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए।
निष्पक्ष कार्रवाई और समयबद्ध समाधान पर जोर
जिलाधिकारी समीर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि लोगों को उनकी समस्याओं से राहत दिलाना है।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी न हो। जिन मामलों में जांच की आवश्यकता है, उनमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाए और प्रत्येक शिकायत की प्रगति पर नजर रखी जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पुलिस और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों और अन्य मामलों में कई बार दोनों विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में संयुक्त जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और उचित निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकरण में जल्दबाजी या अधूरी जांच के आधार पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशील व्यवहार के दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने थाना समाधान दिवस में मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फरियादियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस थाने में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से सुनना आवश्यक है। फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं को समझने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में निष्पक्षता बनाए रखी जाए। किसी भी व्यक्ति की शिकायत को उसकी सामाजिक स्थिति या अन्य परिस्थितियों के आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने की आवश्यकता बताई। संयुक्त प्रयासों से मामलों की जांच अधिक प्रभावी हो सकती है और शिकायतकर्ताओं को समाधान के लिए बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है।
एसपी ने कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।
शिकायतों के समाधान में संयुक्त टीमों की भूमिका
थाना समाधान दिवस में लंबित शिकायतों के लिए गठित पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर जाकर जांच करने की जिम्मेदारी दी गई।
इन टीमों के माध्यम से संबंधित मामलों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष की बात सुनने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त जांच से विवादों की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलती है। विशेष रूप से ऐसे मामलों में जहां पुलिस और राजस्व विभाग दोनों की भूमिका आवश्यक हो, वहां आपसी समन्वय से समाधान की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी शिकायतों की जांच करते समय नियमों का पालन करें और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न होने दें।
उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों का समाधान ऐसा होना चाहिए, जिससे भविष्य में उसी विषय को लेकर दोबारा विवाद उत्पन्न होने की संभावना कम हो।
थाना कोतवाली आटा का भी किया निरीक्षण
थाना समाधान दिवस की कार्यवाही के बाद जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने थाना कोतवाली आटा का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने थाने की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा पुलिस कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों ने थाना परिसर में जनसुनवाई से संबंधित व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण स्थान हैं, जहां लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं।
इसलिए थाना स्तर पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे फरियादियों को अपनी बात रखने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुलिस कर्मचारियों को अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने और जनता के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए।
आम जनता को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान समय पर किया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखी जाए। प्रत्येक मामले में कार्रवाई की गुणवत्ता सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हो सके।
समाधान दिवस जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले विवादों और शिकायतों को समय रहते संबंधित विभागों के संज्ञान में लाया जा सकता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समयबद्ध कार्रवाई महत्वपूर्ण है। पुलिस और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय से जनसमस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
शिकायतों के निस्तारण पर प्रशासन की नजर
थाना आटा में आयोजित समाधान दिवस के दौरान प्राप्त 10 शिकायतों में चार का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि छह मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए संयुक्त टीमों के हवाले किया गया।
जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित शिकायतों पर गंभीरता से कार्य किया जाए और जांच के बाद नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों ने जनसुनवाई को अधिक प्रभावी बनाने, शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और प्रशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
थाना समाधान दिवस और थाना कोतवाली आटा के निरीक्षण के माध्यम से अधिकारियों ने पुलिस एवं राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने तथा आम जनता को समय पर राहत उपलब्ध कराने का संदेश दिया।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनसमस्याओं का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता है तथा शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
