चक्रवात ‘अरनब’ को लेकर ओडिशा सरकार अलर्ट, मुख्य सचिव अनु गर्ग ने तैयारियों की समीक्षा की; 31,255 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा
हिट एंड हॉट न्यूज़
भुवनेश्वर, 28 अक्टूबर 2026। ओडिशा में चक्रवात ‘अरनब’ के संभावित प्रभाव और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चक्रवात से होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसी क्रम में ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने मंगलवार को विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) के कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा हालात, आपातकालीन तैयारियों और प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्यों की समीक्षा की।

बैठक के दौरान विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने मुख्य सचिव को चक्रवात की स्थिति, संभावित प्रभाव और प्रशासन की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। अधिकारियों ने चक्रवात के पहुंचने से पहले की तैयारियों, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत सामग्री की उपलब्धता और आपदा के बाद बिजली, सड़क तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को बहाल करने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस आपदा के दौरान लोगों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ‘जीरो कैजुअल्टी’ यानी आपदा के कारण किसी की मृत्यु न होने देने के लक्ष्य के साथ विभिन्न विभागों को सक्रिय रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के मार्गदर्शन में राहत एवं बचाव अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
31,255 लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाया गया
चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चलाया है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आठ प्रभावित जिलों में कुल 31,255 लोगों को निकालकर 324 संचालित राहत शिविरों में ठहराया गया है। इन शिविरों में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने और जरूरत के अनुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसके अतिरिक्त, राज्यभर में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए 2,067 आश्रय स्थलों को तैयार रखा गया है। इनमें 141 स्थायी और 1,926 अस्थायी केंद्र शामिल हैं। प्रशासन ने आवश्यकता बढ़ने पर इन सुविधाओं का उपयोग करने की तैयारी भी की है, ताकि अधिक संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और सभी जिला नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया गया है, जिससे बच्चों और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
चक्रवात और भारी बारिश के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की विशेष व्यवस्था की है।
राज्य में चिह्नित 4,139 गर्भवती महिलाओं में से 2,245 महिलाओं को नजदीकी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षित पहुंचाया जा चुका है। इस कदम का उद्देश्य प्रसव संबंधी आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक तैयारियां बनाए रखने पर जोर दिया गया है, ताकि खराब मौसम के बीच भी जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा सहायता मिल सके।
मछुआरों और नौकाओं को सुरक्षित तट पर लाया गया
समुद्र और चिलिका झील में मछली पकड़ने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नौकाओं को सुरक्षित स्थानों पर वापस लाने की कार्रवाई भी की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल 19,143 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित तट तक पहुंचाया गया है।
इनमें समुद्र से लौटाई गई 11,955 नौकाएं और चिलिका झील से सुरक्षित स्थानों पर लाई गई 7,188 नौकाएं शामिल हैं। खराब मौसम के दौरान मछुआरों को समुद्र में जाने से रोकना और पहले से मौजूद नौकाओं को सुरक्षित कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कई इलाकों में 100 मिमी से अधिक बारिश
चक्रवात ‘अरनब’ के प्रभाव के बीच ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। मंगलवार सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में औसतन 23.9 मिलीमीटर बारिश हुई। इस अवधि में 14 ब्लॉकों और तीन शहरी क्षेत्रों में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
ब्लॉक स्तर पर कोरापुट जिले के पट्टांगी में सबसे अधिक 188.0 मिलीमीटर बारिश हुई। गजपति जिले के मोहना में 182.4 मिलीमीटर, गंजाम ब्लॉक में 161.4 मिलीमीटर, छत्रपुर में 154.6 मिलीमीटर और सिमिलिगुड़ा में 143.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
जिलों के औसत वर्षा आंकड़ों में गजपति सबसे आगे रहा, जहां 121.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद गंजाम में 83.1 मिलीमीटर, कोरापुट में 61.0 मिलीमीटर और पुरी में 54.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।
लगातार बारिश के कारण प्रभावित इलाकों में जलभराव और आवागमन संबंधी परेशानियों की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन को राहत कार्यों के साथ-साथ सड़कों और अन्य आवश्यक संपर्क मार्गों को चालू रखने के लिए भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडीआरएएफ, एनडीआरएफ और अग्निशमन दल तैनात
आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर बचाव दलों और उपकरणों की तैनाती की है। जानकारी के अनुसार, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ) की 62 टीमें, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की नौ टीमें और अग्निशमन सेवा की 244 टीमें विभिन्न क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
बचाव एवं बहाली कार्यों को गति देने के लिए 1,510 पावर चेनसॉ, 225 टोइंग टेंडर, 110 नौकाएं, 135 पानी निकालने वाले पंप और 225 टावर लाइट भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इन उपकरणों का उपयोग आवश्यकता के अनुसार गिरे हुए पेड़ों को हटाने, जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और बाधित सेवाओं को बहाल करने में किया जा सकता है। विशेष रूप से बिजली और सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति में इन संसाधनों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
आठ जिलों के लिए 19 करोड़ रुपये की राहत राशि स्वीकृत
चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्यों को संचालित करने के लिए ओडिशा सरकार ने आठ जिलों के लिए कुल 19 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की है।
आवंटन के अनुसार, गंजाम जिले को पांच करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, नबरंगपुर, कालाहांडी और कंधमाल जिलों में से प्रत्येक को दो-दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने चूड़ा, गुड़, चावल, बिस्कुट, पॉलीथिन शीट और एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) जैसी आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार रखने की व्यवस्था की है। इन सामग्रियों का उपयोग प्रभावित परिवारों की जरूरतों को पूरा करने और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
बिजली आपूर्ति बहाल करने का अभियान जारी
चक्रवात और खराब मौसम के कारण दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे क्षेत्रों में टीपी सदर्न ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीएसओडीएल) के अधिकार क्षेत्र में बिजली बहाली का कार्य जारी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 20,19,124 प्रभावित बिजली उपभोक्ताओं में से 13,20,705 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल की जा चुकी है। यह कुल प्रभावित उपभोक्ताओं का 65.41 प्रतिशत है।
जिलावार स्थिति में गजपति जिले में बिजली बहाली की दर सबसे अधिक 81.16 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके बाद मलकानगिरी जिले में 71.61 प्रतिशत उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल होने की जानकारी दी गई है।
प्रभावित क्षेत्रों में शेष उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने के लिए बहाली अभियान जारी है। बिजली आपूर्ति सामान्य होने से लोगों को राहत मिलने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं, संचार व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं के संचालन में भी मदद मिलेगी।
राहत और पुनर्वास पर प्रशासन की नजर
चक्रवात ‘अरनब’ को लेकर ओडिशा सरकार ने राहत, बचाव, सुरक्षित निकासी और आवश्यक सेवाओं की बहाली को एक साथ प्राथमिकता दी है। जिला नियंत्रण कक्षों की सक्रियता, राहत शिविरों की व्यवस्था, बचाव दलों की तैनाती और वित्तीय सहायता की मंजूरी से प्रशासन की तैयारियों का दायरा स्पष्ट होता है।
मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में आपदा से पहले की तैयारियों के साथ-साथ संभावित नुकसान के बाद तेजी से सामान्य स्थिति बहाल करने पर भी जोर दिया गया। आने वाले समय में मौसम की स्थिति के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता होगी।
फिलहाल राज्य प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रखना, जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाना और प्रभावित इलाकों में बिजली तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करना है। सरकार की ओर से संचालित इन प्रयासों की सफलता मौसम की स्थिति, स्थानीय प्रशासन की तत्परता और विभिन्न बचाव एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी।
