ओडिशा में मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के छठे चरण का शुभारंभ, 775 बुजुर्ग वाराणसी और अयोध्या के लिए रवाना

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सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

भुवनेश्वर, 28 अक्टूबर 2026। ओडिशा सरकार की मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के छठे चरण की शुरुआत हो गई है। बुधवार को भुवनेश्वर न्यू रेलवे स्टेशन से 775 वरिष्ठ नागरिकों को लेकर एक विशेष ट्रेन वाराणसी और अयोध्या के लिए रवाना हुई। इस विशेष तीर्थयात्रा ट्रेन को राज्य के कानून, लोक निर्माण एवं आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, पर्यटन विभाग के अधिकारियों और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।

ओडिशा सरकार के पर्यटन विभाग और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के सहयोग से आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है। यात्रा में शामिल 775 बुजुर्गों की सहायता और देखभाल के लिए 25 अधिकारी भी उनके साथ रवाना हुए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी तीर्थयात्री 2 नवंबर 2026 को ओडिशा लौटेंगे।

भगवान विश्वनाथ और श्रीरामलला के दर्शन करेंगे तीर्थयात्री

तीर्थयात्रा को रवाना करने के दौरान मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भगवान जगन्नाथ और भगवान लिंगराज की पावन धरती ओडिशा से निकलकर काशी विश्वनाथ और श्रीरामलला के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की यह यात्रा आध्यात्मिक रूप से यादगार साबित होगी।

उन्होंने कहा कि इस पहल से वरिष्ठ नागरिकों को देश की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है। वाराणसी में श्रद्धालु गंगा आरती में शामिल होने, मां गंगा के दर्शन करने और भगवान काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर पाएंगे। वहीं, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना उनके लिए विशेष धार्मिक अनुभव होगा।

मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा को व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध कर रही है। वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को उनके साथ भेजा गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उन्हें समय पर सहायता मिल सके।

छह जिलों के 775 बुजुर्गों को मिला तीर्थयात्रा का अवसर

इस चरण में ओडिशा के छह जिलों से वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया है। पर्यटन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जिलेवार यात्रियों की संख्या इस प्रकार है:

  • खुर्दा: 169 वरिष्ठ नागरिक
  • जगतसिंहपुर: 85 वरिष्ठ नागरिक
  • कटक: 197 वरिष्ठ नागरिक
  • पुरी: 127 वरिष्ठ नागरिक
  • केंद्रपाड़ा: 108 वरिष्ठ नागरिक
  • ढेंकनाल: 89 वरिष्ठ नागरिक

इन सभी जिलों से आए कुल 775 वरिष्ठ नागरिक इस विशेष ट्रेन से वाराणसी और अयोध्या के धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। यात्रियों के साथ 25 अधिकारी भी तैनात किए गए हैं, जो यात्रा के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने में मदद करेंगे।

यह व्यवस्था विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिक उम्र में लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो सकती है। अधिकारियों की मौजूदगी से यात्रियों को समूह के साथ यात्रा करने, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ने और जरूरत पड़ने पर मार्गदर्शन प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।

यात्रियों को सौंपे गए रेलवे टिकट और किट बैग

भुवनेश्वर न्यू रेलवे स्टेशन पर आयोजित रवाना समारोह के दौरान तीर्थयात्रियों को प्रतीकात्मक रूप से रेलवे टिकट और किट बैग सौंपे गए। इस कार्यक्रम में एकाम्रा विधानसभा क्षेत्र के विधायक बाबू सिंह और पिपिली के विधायक आश्रित पटनायक भी मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने वरिष्ठ नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और उनके सुरक्षित तथा सफल तीर्थाटन की कामना की।

कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के प्रभारी आयुक्त-सह-सचिव भूपेंद्र सिंह पूनिया, खुर्दा के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रताप चंद्र बेउरा, खुर्दा रोड मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आर. मनोज बाबू और पर्यटन निदेशक दीपंकर महापात्र भी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने इस योजना के महत्व और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें यह भरोसा दिलाना था कि यात्रा के दौरान उनकी सहायता के लिए संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना ओडिशा सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से राज्य के बुजुर्ग नागरिकों को देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का अवसर प्रदान किया जाता है। उम्र बढ़ने के साथ कई लोगों के लिए लंबी दूरी की यात्रा की योजना बनाना और उसे पूरा करना कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में सरकारी स्तर पर आयोजित समूह यात्राएं उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।

इस तरह की योजनाएं केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को देश की सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और विभिन्न क्षेत्रों की आध्यात्मिक पहचान से परिचित कराने में भी मदद करती हैं। साथ ही, समूह में यात्रा करने से वरिष्ठ नागरिकों को एक-दूसरे के साथ समय बिताने और साझा अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

ओडिशा सरकार की इस योजना में पर्यटन विभाग और आईआरसीटीसी की भागीदारी यात्रा के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रेलवे के माध्यम से बड़ी संख्या में यात्रियों को एक साथ गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है, जबकि साथ जाने वाले अधिकारी यात्रियों को आवश्यक सहयोग देने के लिए उपलब्ध रहते हैं।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में आठ हजार बुजुर्ग करेंगे तीर्थयात्रा

राज्य सरकार की योजना के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 8,000 वरिष्ठ नागरिकों को दस चरणों में देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अयोध्या, वाराणसी, हरिद्वार, ऋषिकेश, रामेश्वरम और मदुरै जैसे धार्मिक स्थल शामिल हैं।

पर्यटन विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 4,000 वरिष्ठ नागरिक इस योजना के अंतर्गत विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा कर चुके हैं। छठे चरण में 775 यात्रियों का वाराणसी और अयोध्या के लिए रवाना होना इसी क्रम का हिस्सा है।

निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, शेष चरणों में भी पात्र वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने की योजना है। इससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को तीर्थाटन का अवसर मिल सकेगा।

सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा पर जोर

वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित तीर्थयात्रा में सुरक्षा, समयबद्ध कार्यक्रम और आवश्यक सहायता की व्यवस्था विशेष महत्व रखती है। बड़ी संख्या में यात्रियों के एक साथ सफर करने के कारण समन्वय और उचित मार्गदर्शन की जरूरत होती है। इस चरण में 25 अधिकारियों की तैनाती इसी व्यवस्था का हिस्सा है।

वाराणसी और अयोध्या जैसे धार्मिक केंद्रों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दर्शन कराने और यात्रा को सुव्यवस्थित रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है।

ओडिशा सरकार की मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छठे चरण के तहत रवाना हुए 775 यात्रियों की यह यात्रा 2 नवंबर को समाप्त होने की संभावना है, जब वे दर्शन के बाद अपने राज्य लौटेंगे।

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के छठे चरण की शुरुआत के साथ ओडिशा सरकार ने बुजुर्गों को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने की अपनी पहल को आगे बढ़ाया है। वाराणसी में काशी विश्वनाथ और गंगा आरती तथा अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन की आकांक्षा लेकर निकले इन वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह यात्रा आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक अनुभवों से जुड़ने का विशेष अवसर है। वित्तीय वर्ष के दौरान लगभग 8,000 बुजुर्गों को तीर्थयात्रा कराने का लक्ष्य इस योजना के व्यापक दायरे को दर्शाता है।

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