चक्रवात ‘अरनब’ को लेकर ओडिशा सरकार सतर्क, उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने पद्मपुर ब्लॉक में तैयारियों का लिया जायजा
सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा
हिट एंड हॉट न्यूज़
भुवनेश्वर, 28 अक्टूबर 2026। ओडिशा में संभावित चक्रवात ‘अरनब’ और उससे उत्पन्न होने वाली प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने रायगड़ा जिले के पद्मपुर ब्लॉक का दौरा कर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, अस्थायी आश्रय स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री के दौरे का प्रमुख उद्देश्य संभावित प्राकृतिक आपदा से पहले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने और राहत शिविरों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की व्यवस्था का आकलन करना था। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खराब मौसम की स्थिति में आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
जयपंगा प्राथमिक विद्यालय में बने राहत शिविर का निरीक्षण
पद्मपुर ब्लॉक के दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने जयपंगा प्राथमिक विद्यालय में स्थापित अस्थायी चक्रवात आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। यहां मुतुकुनी गांव से सुरक्षित निकालकर लाए गए लोग शरण लिए हुए थे। उन्होंने शिविर में मौजूद लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम जानी और यह जानकारी ली कि उन्हें भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा अन्य जरूरी सहायता समय पर मिल रही है या नहीं।
उपमुख्यमंत्री ने राहत शिविर में रह रहे लोगों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाएं जरूरतमंदों तक उचित तरीके से पहुंच रही हैं या नहीं। उनका जोर इस बात पर रहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को केवल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां उनके रहने और दैनिक जरूरतों की समुचित व्यवस्था भी होनी चाहिए।
26 लोगों को वितरित किए सूखे राशन के पैकेट
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने राहत शिविर में ठहरे 26 लोगों को सूखे राशन के पैकेट वितरित किए। यह सहायता ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब संभावित चक्रवात और खराब मौसम के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने राहत शिविर में भोजन की गुणवत्ता का भी स्वयं जायजा लिया। अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे पके हुए भोजन को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।
प्राकृतिक आपदा के समय राहत शिविरों में भोजन और पानी की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। लंबे समय तक बारिश या तेज हवाओं के कारण परिवहन तथा स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने पर लोगों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए राहत सामग्री की उपलब्धता और उसके उचित वितरण की व्यवस्था पहले से मजबूत रखना आवश्यक है।
बच्चों से संवाद कर बढ़ाया उनका उत्साह
राहत शिविर में रह रहे बच्चों के साथ भी उपमुख्यमंत्री ने समय बिताया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें अपने आंगनवाड़ी केंद्र में सीखे हुए गीत सुनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान उनका प्रयास बच्चों के बीच सहज वातावरण बनाने और कठिन परिस्थितियों में उनके मनोबल को बनाए रखने का रहा।
आपदा के समय बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों की देखभाल पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। अचानक घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने से बच्चों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। ऐसे में राहत शिविरों में सुरक्षित वातावरण, उचित देखभाल और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
उपमुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान यह संकेत दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों में मानवीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समाधान करना प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण पहलू है।
मुतुकुनी गांव के आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं पर चर्चा
दौरे के दौरान प्रवती परिडा ने मुतुकुनी गांव के आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। इस संबंध में उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) से बातचीत कर केंद्र के बुनियादी ढांचे, उसकी वर्तमान स्थिति और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की।
आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल और महिलाओं को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खराब मौसम और प्राकृतिक आपदा की आशंका के दौरान इन केंद्रों की स्थिति का आकलन करना विशेष रूप से उपयोगी होता है, क्योंकि इससे बच्चों तथा उनके परिवारों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री की ओर से की गई इस समीक्षा का उद्देश्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों तथा महिलाओं से जुड़ी आवश्यक सेवाओं की स्थिति पर उचित ध्यान दिया जाए।
बदनाल जलाशय में जलस्तर और बारिश के संभावित प्रभाव की समीक्षा
पद्मपुर ब्लॉक में राहत शिविर का निरीक्षण करने के बाद उपमुख्यमंत्री बदनाल जलाशय पहुंचीं। यह जलाशय हरभंगी सिंचाई प्रभाग के अंतर्गत आता है। यहां उन्होंने मौजूदा जलस्तर की जानकारी ली और संभावित चक्रवात के कारण होने वाली बारिश से जलाशय पर पड़ सकने वाले प्रभावों की समीक्षा की।
चक्रवात के दौरान तेज बारिश होने पर जलाशयों, नदियों और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो जाता है। अधिक वर्षा से जलस्तर में बदलाव आ सकता है और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए समय रहते जल संसाधनों की स्थिति का आकलन करना तथा संबंधित विभागों को सतर्क रखना आपदा प्रबंधन का अहम हिस्सा है।
उपमुख्यमंत्री ने जलाशय के पास निरीक्षण बंगले के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिया। इस संबंध में आगे की प्रक्रिया प्रस्ताव तैयार होने और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
इस दौरे के दौरान रायगड़ा के जिलाधिकारी आशुतोष कुलकर्णी, पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद तथा जिले और ब्लॉक स्तर के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति में राहत शिविरों की व्यवस्था, लोगों की सुरक्षा और संभावित मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया गया।
आपदा प्रबंधन में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकायों और राहत कार्यों से जुड़े अन्य विभागों के बीच तालमेल बेहद जरूरी होता है। समय पर सूचना का आदान-प्रदान, जरूरतमंदों की पहचान और सुरक्षित स्थानों तक लोगों को पहुंचाने की व्यवस्था किसी भी आपातकालीन स्थिति में नुकसान को कम करने में मदद कर सकती है।
ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन्हें प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है।
संभावित चक्रवात से निपटने के लिए सतर्कता पर जोर
उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा का पद्मपुर ब्लॉक दौरा संभावित चक्रवात ‘अरनब’ के मद्देनजर राहत तैयारियों की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान सुरक्षित आश्रय, भोजन, पेयजल, बच्चों की देखभाल और जलाशय की स्थिति जैसे विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया गया।
चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय रहते तैयारी करने से जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ नागरिकों की जागरूकता और सहयोग भी आवश्यक है। लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए तथा प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश मिलने पर उनका पालन करना चाहिए।
कुल मिलाकर, पद्मपुर ब्लॉक में किया गया यह निरीक्षण राहत व्यवस्था को परखने, स्थानीय जरूरतों की जानकारी लेने और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश देने पर केंद्रित रहा। अब संभावित चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता बनाए रखना और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौती होगी।
नोट: चक्रवात ‘अरनब’ के संभावित प्रभाव और उससे संबंधित परिस्थितियों को लेकर अंतिम स्थिति मौसम विभाग तथा प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
